राजयोग मेडिटेशन से तनावमुक्त कार्यसंस्कृति की पहल, कलेक्टर नेहा मीना ने अधिकारियों के साथ किया ध्यान
'अल्पविराम' कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच और कार्यक्षमता बढ़ाने का मिला संदेश
सिवनी राजयोग मेडिटेशन कार्यक्रम से तनावमुक्त कार्यसंस्कृति की पहल, कलेक्टर नेहा मीना ने किया ध्यान
Seoni, 06 August 2026
सिवनी यशो:- प्रशासनिक कार्यों के बढ़ते दबाव के बीच अधिकारियों और कर्मचारियों को मानसिक रूप से स्वस्थ, तनावमुक्त और सकारात्मक बनाए रखने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक नई पहल की है।
कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश शासन के आनंद विभाग के ‘अल्पविराम’ कार्यक्रम के अंतर्गत जिला प्रशासन एवं ब्रह्माकुमारीज के संयुक्त तत्वावधान में ‘मेंटल वेलनेस एंड हैप्पीनेस’ विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों में सकारात्मक कार्यसंस्कृति विकसित करना, मानसिक संतुलन बनाए रखना और जनसेवा के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण को मजबूत करना रहा।
राजयोग मेडिटेशन से तनाव पर पाएँ विजय : बीके कमल भाई
माउंट आबू से पधारे ब्रह्माकुमारीज संस्था के वरिष्ठ प्रशिक्षक बीके कमल भाई ने राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य, आत्मिक शांति और सकारात्मक चिंतन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि आज की व्यस्त जीवनशैली में मानसिक तनाव सामान्य हो गया है, लेकिन नियमित राजयोग मेडिटेशन और सकारात्मक संकल्पों के अभ्यास से इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रतिदिन “मैं शांत हूँ, मैं खुश हूँ, मैं शक्तिशाली आत्मा हूँ” जैसे सकारात्मक विचारों का अभ्यास करने का आह्वान किया। उनके अनुसार इससे तनाव, क्रोध और चिंता कम होने के साथ आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और कार्यक्षमता में भी वृद्धि होती है।
सकारात्मक वातावरण से बनता है सफल प्रशासन
बीके कमल भाई ने कहा कि किसी भी सफल प्रशासन की पहचान केवल कार्य निष्पादन से नहीं, बल्कि उसके सकारात्मक और सहयोगात्मक कार्य वातावरण से होती है।
यदि अधिकारी और कर्मचारी एक-दूसरे की कमियों के बजाय विशेषताओं पर ध्यान दें, मधुर संवाद बनाए रखें और सहयोग की भावना से कार्य करें तो कार्यालय का वातावरण अधिक सौहार्दपूर्ण और परिणामदायी बन सकता है।

कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ किया राजयोग मेडिटेशन
कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने स्वयं अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठकर राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास किया। उन्होंने कहा कि आनंद विभाग का ‘अल्पविराम’ कार्यक्रम व्यस्त दिनचर्या के बीच स्वयं के लिए कुछ पल निकालकर मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक दायित्वों का सफल निर्वहन तभी संभव है, जब अधिकारी और कर्मचारी मानसिक रूप से स्वस्थ, ऊर्जावान और तनावमुक्त हों। ऐसे कार्यक्रम कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ जनसेवा की भावना को भी मजबूत करते हैं।
शिक्षकों और विद्यार्थियों तक भी पहुंचेगा अभियान
कलेक्टर ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार के कार्यक्रम शिक्षकों, विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, विद्यार्थियों तथा समाज के अन्य वर्गों के लिए भी नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवनशैली का लाभ उठा सकें।
ब्रह्माकुमारीज की जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी गीता दीदी एवं नेहा दीदी ने संस्था की विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि ब्रह्माकुमारीज संस्था तनावमुक्ति, नशामुक्ति, मेमोरी मैनेजमेंट, व्यक्तित्व विकास, पारिवारिक सामंजस्य और आध्यात्मिक जागरूकता जैसे विषयों पर लगातार प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम संचालित कर रही है।
कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास करते हुए तनावमुक्त जीवन, सकारात्मक सोच और संतुलित कार्यशैली अपनाने का संकल्प लिया।
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