स्वदेशी मेला में उमड़ा जनसैलाब - कुश्ती, लोकनृत्य और वोकल फॉर लोकल का अद्भुत संगम
जब बाजार जाएंगे, सामान स्वदेशी लाएंगे” — मंच से उठा आत्मनिर्भर भारत का संकल्प
Balaghat 25 November 2025
बालाघाट यशो:- स्वदेशी जागरण मंच, स्वावलंबी भारत अभियान एवं स्वर्णिम भारत वर्ष फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में नगर के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के खेल प्रांगण में 15 से 25 नवंबर तक स्वदेशी मेला का भव्य और प्रेरणादायी आयोजन किया गया। प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक चले इस 10 दिवसीय मेले ने जनसांस्कृतिक चेतना, स्वदेशी भावना और भारतीय परंपराओं को एक नए आयाम पर प्रस्तुत किया।

मेले में पारंपरिक सामूहिक लोकनृत्य, स्वदेशी , महाराष्ट्र दल द्वारा प्रस्तुत मर्दानी खेल, और भारतीय कला, भोजन, हथकरघा उत्पादों व खेलों की अलौकिक प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र बनी रही। दर्शकों ने न केवल इन आयोजनों का भरपूर आनंद लिया, बल्कि स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी कर वोकल फॉर लोकल का संदेश भी आत्मसात किया।
कुश्ती प्रतियोगिता में जिले व आसपास क्षेत्र के पहलवानों ने दमखम और कौशल का ऐसा प्रदर्शन किया कि –
दर्शक दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर हो गए।
विजेताओं को मंच पर सम्मानित करते हुए स्वदेशी समिति द्वारा पारितोषिक, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

आत्मनिर्भर भारत की ओर प्रेरक संदेश
मेला संयोजक मौसम बिसेन ने स्वदेशी भावना को जनजन तक पहुंचाने के संकल्प के साथ कहा—
“जब भी बाजार जाएंगे, सामान स्वदेशी लाएंगे।”
उन्होंने कहा कि
स्वदेश, स्वावलंबन और स्वदेशी ही भारत की मूल आत्मा हैं, और यह अभियान आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रचार-प्रसार प्रमुख हेमेंद्र क्षीरसागर ने बताया कि –
इस मेले ने सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि स्वदेशी चेतना को जनांदोलन का रूप दिया है।
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कार्यक्रम के सफल संचालन में संयोजक मौसम बिसेन,
सहसंयोजक सत्यनारायण अग्रवाल,
प्रणव पटेल,
यज्ञेश लालू चावड़ा,
एवं सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का योगदान सराहनीय रहा।
कार्यक्रम का आकर्षक संचालन सुधीर गुड्डू चौधरी ने किया।



