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सहकारी बैंक की बड़ी छलांग: एनपीए घटा, कृषि ऋण वितरण 102.81% पार

114वीं वार्षिक साधारण सभा में 437.51 लाख का लाभ सामने आया, 979.82 करोड़ का कृषि ऋण वितरण; कलेक्टर ने ऋण वसूली पर दिया विशेष जोर

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सिवनी – एनपीए घटा, कृषि ऋण लक्ष्य से आगे, सहकारी बैंक की बड़ी प्रगति

Seoni 22 September 2026
सिवनी यशो:- जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित सिवनी की 114वीं वार्षिक साधारण सभा कलेक्टर एवं बैंक प्रशासक नेहा मीना की अध्यक्षता में गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। सभा में बैंक की वित्तीय स्थिति, वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों, कृषि ऋण वितरण एवं वसूली, कृषक हितैषी गतिविधियों तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

437.51 लाख रुपये का लाभ, एनपीए 14.32 से घटकर 12.22 प्रतिशत

सभा में बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के.के. सोनी ने वर्ष 2025-26 का वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों से जुड़े कृषकों, अमानतदारों एवं ग्राहकों के सहयोग से बैंक ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति दर्ज की है। बैंक को भारतीय रिजर्व बैंक से बैंकिंग कार्य के लिए लाइसेंस प्राप्त है तथा बैंक की सभी 17 शाखाएं एवं मुख्यालय कोर बैंकिंग व्यवस्था के अंतर्गत कम्प्यूटरीकृत हैं। ग्राहकों को आरटीजीएस, एनईएफटी, एटीएम एवं रुपे केसीसी कार्ड सहित विभिन्न बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

सिवनी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की 114वीं वार्षिक साधारण सभा
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सिवनी की 114वीं वार्षिक साधारण सभा में उपस्थित अधिकारी एवं बैंक प्रतिनिधि।

वित्तीय स्थिति की जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्ष 2025-26 में बैंक ने 437.51 लाख रुपये का लाभ अर्जित किया। 31 मार्च 2026 की स्थिति में पूर्व के लाभ विभाजन के बाद बैंक का संचित लाभ 781.84 लाख रुपये रहा।

बैंक की वित्तीय स्थिति में सुधार का उल्लेख करते हुए बताया गया कि एनपीए 31 मार्च 2025 के 14.32 प्रतिशत से घटकर 31 मार्च 2026 को 12.22 प्रतिशत रह गया। वहीं बैंक का सीआरएआर भी 10.58 प्रतिशत से बढ़कर 11.04 प्रतिशत हुआ।

कृषि ऋण वितरण लक्ष्य से आगे

वर्ष 2025-26 में अल्पकालीन खरीफ एवं रबी ऋण वितरण के लिए निर्धारित 953 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध बैंक ने 979.82 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया, जो लक्ष्य का 102.81 प्रतिशत है।

कृषि ऋण की 1329.04 करोड़ रुपये की मांग के विरुद्ध 1029 करोड़ रुपये की वसूली की गई, जो 77.46 प्रतिशत रही। यह पिछले वर्ष की 76.44 प्रतिशत वसूली की तुलना में 1.02 प्रतिशत अधिक है।

इसी तरह 57 समितियों के लिए निर्धारित 94,500 मीट्रिक टन खाद वितरण लक्ष्य के विरुद्ध 98,829 मीट्रिक टन खाद वितरित की गई, जो निर्धारित लक्ष्य से 4.58 प्रतिशत अधिक है।

किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत वर्ष के दौरान 3,630 कृषकों को केसीसी जारी किए गए। कृषक सदस्यों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का भी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

सिवनी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की 114वीं वार्षिक साधारण सभा
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सिवनी की 114वीं वार्षिक साधारण सभा में उपस्थित अधिकारी एवं बैंक प्रतिनिधि।

समर्थन मूल्य पर उपार्जित फसलों का समय पर भुगतान

बैंक द्वारा समर्थन मूल्य पर धान, गेहूं, चना, मसूर, सरसों एवं मूंग के उपार्जन के अंतर्गत किसानों को शासन के निर्देशानुसार निर्धारित समयावधि में भुगतान किया गया।

बैंक की अमानतों के संबंध में अपेक्स बैंक द्वारा निर्धारित 725 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 708.42 करोड़ रुपये की पूर्ति की गई, जो लक्ष्य का 97.71 प्रतिशत है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 48.24 करोड़ रुपये अधिक है।

एनपीए में कमी पर कलेक्टर ने की सराहना

कलेक्टर एवं बैंक प्रशासक नेहा मीना ने बैंक के एनपीए में आई कमी को वित्तीय स्थिति में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति बताया और बैंक प्रबंधन एवं संबंधित अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने बैंक की वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने के लिए ऋण वसूली पर निरंतर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही पात्र कृषकों को प्राथमिकता के आधार पर कृषि ऋण उपलब्ध कराने तथा ऋण वितरण के साथ उसकी समयबद्ध वसूली सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

कलेक्टर ने शासन की समिति पुनर्गठन योजना के अंतर्गत जिले में नवीन पंजीकृत समितियों को शीघ्र प्रारंभ करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं एवं कार्यवाही तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नवीन समितियों के सक्रिय होने से संबंधित क्षेत्र के किसानों एवं सदस्यों को सहकारी बैंकिंग सहित अन्य सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

30 नवीन समितियों का बी-पैक्स के रूप में पंजीयन

बैंक द्वारा शाखाओं एवं बी-पैक्स के माध्यम से मध्यकालीन कृषि ऋण के 167 प्रकरणों में 91.55 लाख रुपये तथा मध्यकालीन अकृषि ऋण के 38 प्रकरणों में 20.92 लाख रुपये वितरित किए गए।

शाखा धारना, गंगेरुआ, छपारा एवं धनौरा को आधुनिक सुविधाओं एवं बेहतर साज-सज्जा से युक्त नवीन भवनों में स्थानांतरित किया गया है। समिति पुनर्गठन योजना के तहत जिले में 30 नवीन समितियों का बी-पैक्स के रूप में पंजीयन किया गया है। वहीं तीन बी-पैक्स में से बांकी एवं लखनादौन में जन औषधि केंद्र प्रारंभ किए गए हैं।

बैंक के 1.50 लाख से अधिक अमानतदारों को नेफ्ट, आरटीजीएस एवं आधार सीडिंग सहित विभिन्न बैंकिंग सेवाएं निरंतर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

आगामी कार्ययोजना पर भी हुआ मंथन

वार्षिक साधारण सभा में वर्ष 2025-26 के अंकेक्षित वित्तीय पत्रकों एवं वार्षिक प्रतिवेदन, शुद्ध लाभ के विनियोजन, वास्तविक आय-व्यय के अनुमोदन, बजट पुनरीक्षण, वर्ष 2027-28 के अनुमानित आय-व्यय बजट, वार्षिक कार्यक्रम, अधिकतम कर्ज सीमा तथा सांविधिक अंकेक्षक की नियुक्ति की पुष्टि सहित अन्य निर्धारित विषयों पर चर्चा की गई।

बैठक में आगामी कार्ययोजना के तहत किसानों को समय पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराने, ऋण वसूली को प्रभावी बनाने तथा सहकारी समितियों को अधिक सक्रिय एवं सशक्त बनाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

सभा में पूर्व अध्यक्ष अशोक तेकाम, वेद सिंह ठाकुर सहित बैंक के अन्य पदाधिकारी, अंशधारी, बैंक प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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