बरघाट में जनपद अध्यक्ष-CEO विवाद: वायरल VIDEO से महिला सम्मान और लोकतंत्र पर उठे बड़े सवाल
वायरल वीडियो से मचा राजनीतिक और प्रशासनिक बवाल
बरघाट जनपद अध्यक्ष-CEO विवाद : वायरल VIDEO से महिला सम्मान और लोकतंत्र पर सवाल
Seoni 20 July 2026
सिवनी / बरघाट यशो:-। बरघाट जनपद पंचायत से सामने आए एक वायरल वीडियो ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
वीडियो में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आभा जितेंद्र राहंगडाले और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के बीच हुई बातचीत तथा व्यवहार को लेकर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले में सीईओ का पक्ष सार्वजनिक रूप से आना शेष है।
वायरल वीडियो में कथित रूप से सीईओ यह कहते हुए सुनाई देती हैं कि “वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में डाल देना।” इसके बाद भी पूरी बातचीत कैमरे में रिकॉर्ड होती दिखाई देती है।

वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि जनपद अध्यक्ष कार्यालय पहुंचने के बाद खड़ी रहती हैं, जबकि उन्हें बैठने के लिए नहीं कहा जाता। अध्यक्ष द्वारा बातचीत का प्रयास किए जाने पर कथित रूप से सीईओ यह कहते हुए सुनाई देती हैं कि “मुझे आपसे बात नहीं करना।”
इसी घटनाक्रम को लेकर जनपद अध्यक्ष समर्थकों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि के साथ पूरे कार्यालय स्टाफ के सामने असम्मानजनक व्यवहार किया गया।
वहीं वीडियो में अध्यक्ष के कक्ष में ताला लगाए जाने का दृश्य भी सामने आने का दावा किया जा रहा है, जिससे विवाद और गहरा गया है।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया, कार्रवाई की मांग
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और समाचार पत्रों में यह मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोगों का कहना है कि यदि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही परिस्थितियां सही हैं, तो यह केवल एक जनप्रतिनिधि का नहीं बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के जनादेश के सम्मान से जुड़ा विषय है।
कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाए हैं कि अब तक जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों अथवा जनप्रतिनिधियों की ओर से इस मामले में कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया या कार्रवाई की जानकारी सामने क्यों नहीं आई। हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूर्व में अधिकारियों के कथित अनुचित व्यवहार के मामलों में कार्रवाई के निर्देश देते रहे हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर भी कई लोग इस प्रकरण में निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
- 👩 सांसद – महिला
- 👩 जिला पंचायत अध्यक्ष – महिला
- 👩 भाजपा जिला अध्यक्ष – महिला
- 👩 जिला कलेक्टर – महिला
- 👩 जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) – महिला
- 👩 जनपद पंचायत अध्यक्ष – महिला
ऐसे में महिला सम्मान और महिला सशक्तिकरण की बात करने वाली सरकार के दौरान एक निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि के साथ हुए कथित व्यवहार पर अब तक किसी बड़े जनप्रतिनिधि या जिम्मेदार अधिकारी की सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आने को लेकर भी चर्चा हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा घटनाक्रम सही है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले पक्ष के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की गरिमा और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मर्यादा बनी रहे।
फिलहाल मामले में मुख्य कार्यपालन अधिकारी का पक्ष सार्वजनिक रूप से सामने आना तथा प्रशासनिक जांच होना अभी बाकी है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
महिला सम्मान और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर उठे प्रश्न
वायरल वीडियो के बाद महिला सम्मान और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की गरिमा को लेकर भी बहस तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक वर्गों में यह चर्चा है कि यदि किसी निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि ने स्वयं को अपमानित महसूस किया है, तो पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण को लेकर पहले भी जताई थी नाराजगी
इस विवाद के बीच यह तथ्य भी सामने आया है कि जनपद अध्यक्ष श्रीमती आभा जितेंद्र राहंगडाले ने 13 जुलाई 2026 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र लिखकर जनपद पंचायत परिसर में प्रस्तावित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए थे।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि 3 जुलाई 2025 को आयोजित सामान्य सभा की बैठक में प्रस्ताव क्रमांक-12 के तहत शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ था। इसके बाद 3 सितंबर 2025 को नगर परिषद बरघाट द्वारा निर्माण कार्य के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी जारी कर दिया गया था।
जनपद अध्यक्ष ने अपने पत्र में कहा था कि सामान्य सभा में कई बार निर्देश दिए जाने के बावजूद निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया। उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए थे।
राजनीतिक हलकों में भी चर्चा
वायरल वीडियो के बाद राजनीतिक गलियारों में भी यह सवाल उठ रहा है कि जब केंद्र और मध्यप्रदेश दोनों में भाजपा की सरकार है तथा क्षेत्र के विधायक, सांसद और जिला संगठन भी भाजपा से जुड़े हैं, तब यदि सत्ता पक्ष की ही एक निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि स्वयं को अपमानित महसूस कर रही हैं तो पूरे मामले की वस्तुस्थिति क्या है। हालांकि इस संबंध में संबंधित जनप्रतिनिधियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
फिलहाल वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में मुख्य कार्यपालन अधिकारी का पक्ष सार्वजनिक रूप से सामने आना तथा प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच किया जाना शेष है। जांच रिपोर्ट, दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
संपादकीय टिप्पणी: इस समाचार में वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले घटनाक्रम तथा संबंधित पक्षों के आरोपों का उल्लेख किया गया है। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि तथा प्रशासनिक जांच अभी लंबित है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।
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