नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का आरोप, पाइपलाइन में लीकेज और टंकियों की सफाई पर उठे सवाल; नगर कांग्रेस उपाध्यक्ष नितिन मिश्रा ने चेताया—पेयजल की शिकायतों को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी
Seoni, 02 November 2026
सिवनी यशो:- शहर के महावीर और टैगोर वार्ड में इन दिनों नलों से साफ पानी के बजाय गंदा और दुर्गंधयुक्त पानी पहुंचने की शिकायतें सामने आ रही हैं। हालात ऐसे हैं कि लोग पेयजल की गुणवत्ता को लेकर चिंतित हैं, लेकिन स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद नगर पालिका प्रशासन समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा। सवाल यह है कि जब लोगों के घरों तक पहुंचने वाला पानी ही पीने योग्य नहीं रहेगा, तो उनके स्वास्थ्य की जिम्मेदारी कौन उठाएगा?
महावीर और टैगोर वार्ड में पिछले कुछ दिनों से हो रही गंदे एवं बदबूदार पानी की सप्लाई को लेकर नरेंद्र कुमार बहरा ने शिकायत की है। शिकायत में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि नलों से आने वाला पानी गंदा होने के साथ दुर्गंधयुक्त भी है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से वार्डवासियों में नाराजगी बढ़ रही है।
क्षेत्रवासियों ने आशंका जताई है कि पेयजल पाइपलाइन नाले और नालियों के आसपास से गुजरती है। ऐसे में कहीं पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने या लीकेज के कारण गंदा पानी उसमें मिल रहा हो सकता है। वहीं पानी की टंकियों की नियमित सफाई नहीं होने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, दूषित जलापूर्ति की वास्तविक वजह जांच के बाद ही सामने आएगी।
यह मामला केवल बदबूदार पानी मिलने तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर सवाल है। दूषित पानी के सेवन से जलजनित बीमारियों का खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में नगर पालिका प्रशासन की जिम्मेदारी है कि तत्काल पानी के नमूनों की जांच कराए, पाइपलाइन का निरीक्षण करे और पानी की टंकियों की सफाई सुनिश्चित करे।
नगर कांग्रेस उपाध्यक्ष नितिन मिश्रा ने नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नगरीय प्रशासन इतनी संवेदनहीनता न दिखाए कि स्थिति बिगड़ने के बाद उसके पास जवाब देने के लिए कुछ न बचे। पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा से जुड़ी शिकायतों का तत्काल और गंभीरता से निराकरण होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इंदौर और बालाघाट में दूषित पेयजल से हुई मौतों की घटनाएं पहले ही गंभीर चेतावनी दे चुकी हैं। इसके बावजूद यदि नागरिकों की शिकायतों को नजरअंदाज किया जाता है तो यह लोगों के स्वास्थ्य के प्रति बड़ी लापरवाही होगी।
महावीर और टैगोर वार्ड के नागरिकों ने मांग की है कि नगर पालिका प्रशासन तत्काल जांच कराकर दूषित जलापूर्ति की वजह का पता लगाए और लोगों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराए।