एक साल में मातृ मृत्यु और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु का मामला नहीं होना जरूरी, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने वाली पंचायतें होंगी पुरस्कृत
Seoni, 02 November 2026
सिवनी यशो:- गांवों में माताओं और बच्चों की जिंदगी सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी अब ग्राम पंचायतों के लिए सम्मान और प्रोत्साहन का आधार बनेगी। मध्यप्रदेश शासन की सुमन पंचायत (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन पंचायत) पहल के तहत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के निर्धारित मानकों पर खरी उतरने वाली ग्राम पंचायतों को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति-पत्र दिया जाएगा।
इस सम्मान को पाने के लिए ग्राम पंचायतों को तीन महत्वपूर्ण शर्तें पूरी करनी होंगी। निर्धारित एक वर्ष की अवधि में पंचायत क्षेत्र में मातृ मृत्यु का कोई प्रकरण दर्ज नहीं होना चाहिए। इसी अवधि में पांच वर्ष से कम आयु के किसी बच्चे की मृत्यु का मामला भी दर्ज नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही पंचायत की सक्रिय भागीदारी से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना आवश्यक होगा।
गर्भवती महिलाओं की देखभाल से लेकर नवजात के टीकाकरण तक पर जोर
सुमन पंचायत पहल का उद्देश्य केवल मृत्यु दर कम करना नहीं, बल्कि गांवों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की पूरी व्यवस्था को मजबूत बनाना है। इसके तहत गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन, नियमित स्वास्थ्य जांच, सुरक्षित संस्थागत प्रसव और उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान सुनिश्चित की जाएगी।
नवजात शिशुओं की उचित देखभाल, नियमित टीकाकरण और बच्चों के पोषण को लेकर भी जागरूकता बढ़ाई जाएगी। आशा, एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ ग्राम पंचायतों की सक्रिय भूमिका इस अभियान की सफलता में महत्वपूर्ण होगी।
जिले और विकासखंड को भी मिलेगा पुरस्कार
इस पहल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों के अलावा सर्वाधिक पात्र सुमन पंचायतों वाले विकासखंड और जिले को भी प्रोत्साहित करने का प्रावधान है। उत्कृष्ट विकासखंड और जिले को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, आपातकालीन परिवहन व्यवस्था और जनजागरूकता गतिविधियों को मजबूत बनाने में किया जा सकेगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पंकज दुबे ने जिले की ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों, आशा, एएनएम एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से इस पहल में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि माताओं और बच्चों का सुरक्षित स्वास्थ्य केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से सिवनी जिले की अधिकाधिक ग्राम पंचायतें सुमन पंचायत सम्मान हासिल कर सकती हैं।