सिवनी/केवलारी यशो :- केवलारी तहसील क्षेत्र में 18 और 20 सितंबर को हुई आंधी-तूफान एवं तेज बारिश से मक्का की खड़ी फसल को हुए नुकसान के मामले में अब प्रशासन ने सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष प्रदीप राय के नेतृत्व में सोमवार को क्षेत्र के प्रभावित गांवों का दौरा कर किसानों से नुकसान की जानकारी लेने और प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कराने की मांग किए जाने के बाद, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व केवलारी ने 21 सितंबर 2026 को आदेश क्रमांक 686/री.अनु.वि.अ./2026 जारी कर सर्वे दल गठित किया है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तहसील केवलारी अंतर्गत 18 एवं 20 सितंबर को हुई आंधी-तूफान और तेज वर्षा से मक्का की खड़ी फसल को हुई क्षति का आकलन एवं सर्वे कराया जाना है। संबंधित दलों को प्रभावित किसानों के समक्ष मौका जांच कर पत्रक एवं पंचनामा तैयार करने तथा तीन दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसान मोर्चा ने खेतों में पहुंचकर उठाई थी सर्वे की मांग
इससे पहले सोमवार को किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रदीप राय के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने केवलारी विधानसभा क्षेत्र के प्रभावित गांवों का दौरा किया था। टीम ने खेतों में पहुंचकर आंधी-तूफान से बिछी मक्का की फसल देखी और किसानों से सीधे संवाद कर नुकसान की जानकारी ली।
किसानों ने बताया था कि कई खेतों में मक्का की फसल कटाई के बिल्कुल करीब पहुंच चुकी थी और पूरी तरह पककर तैयार थी, लेकिन तेज आंधी-तूफान के कारण पौधे टूटकर जमीन पर गिर गए। कई स्थानों पर पूरी फसल खेत में बिछ गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है।
किसान मोर्चा ने प्रभावित किसानों की वास्तविक क्षति दर्ज कराने के लिए प्रशासन से तत्काल सर्वे कराने की मांग उठाई थी। किसानों से मिली जानकारी के बाद प्रदीप राय एवं टीम ने एसडीएम और तहसीलदार केवलारी से चर्चा कर फसल नुकसान का मौके पर आकलन कराने का विषय रखा था।
प्रशासन ने बनाया सर्वे दल
किसान मोर्चा की मांग के बाद 21 सितंबर को जारी प्रशासनिक आदेश में अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम गठित की गई है। आदेश के अनुसार संबंधित दल प्रभावित किसानों के समक्ष मौका जांच करेंगे और फसल क्षति का आकलन कर पंचनामा एवं पत्रक तैयार करेंगे।
सर्वे की कार्रवाई के लिए नायब तहसीलदार केवलारी कुंवर लाल राउत तथा राजस्व निरीक्षक केवलारी एवं पलारी अश्विनी उईके सहित राजस्व, कृषि और रोजगार सहायक अमले को जिम्मेदारी दी गई है।
खापा बाजार से पांजरा तक होगा सर्वे
प्रशासनिक आदेश के अनुसार पहले दल के अंतर्गत खापा बाजार, कुचीबाड़ा, घंसौर, मैना पिपरिया, मुनगापार, सरेखा और पांजरा क्षेत्र में फसल क्षति का सर्वे किया जाएगा।
दूसरे दल को केवलारी, बिनेकी, मलारी और मरकावाड़ा क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। संबंधित क्षेत्रों में पटवारी, कृषि विभाग के अधिकारी, रोजगार सहायक एवं नगर परिषद के वार्ड प्रभारी सर्वे टीम के साथ रहेंगे।
तीन दिन में प्रतिवेदन देने के निर्देश
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व केवलारी के आदेश में सर्वे दलों को निर्देशित किया गया है कि तीन दिवस के भीतर प्रभावित किसानों के समक्ष मौका जांच कर पत्रक एवं पंचनामा सहित प्रतिवेदन प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
इस कार्रवाई से प्रभावित किसानों की फसल क्षति का मौके पर आकलन कर उसे प्रशासनिक रिकॉर्ड में दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
किसान मोर्चा ने कहा—वास्तविक नुकसान दर्ज होना जरूरी
किसान मोर्चा की ओर से कहा गया कि आंधी-तूफान से प्रभावित किसानों को वास्तविक नुकसान के आधार पर नियमानुसार राहत एवं सहायता मिल सके, इसके लिए मौके पर सही सर्वे और क्षति का दस्तावेजीकरण आवश्यक है। सोमवार को किसानों के बीच पहुंचकर उनकी समस्या प्रशासन तक पहुंचाई गई थी और अब सर्वे के लिए प्रशासनिक दल गठित किया गया है।
किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रदीप राय के साथ दौरे में जिला उपाध्यक्ष बिसराम पटेल, जिला मंत्री मनीष कुमार राय, जिला महामंत्री गजानन पंचेश्वर, मंडल अध्यक्ष अनूप बघेल, किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष दीनदयाल ठाकुर, मनीष राय तथा किसान मोर्चा मंडल प्रभारी केवलारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इन गांवों में भी पहुंची थी किसान मोर्चा की टीम
किसान मोर्चा की टीम ने बंडोल, बीसावाड़ी, भाजी-पानी, कलार बाकी, बांद्रा, चंदनवाड़ा, छोटा चंदनवाड़ा, पलारी, बगलाई, टोकारंजी, खापा, कुचीवाड़ा, मैना पिपरिया, घंसौर, साठे पिपरिया, मरकावाड़ा और केवलारी सहित अन्य क्षेत्रों में किसानों से संवाद किया था।
इस पूरे घटनाक्रम में महत्वपूर्ण बात यह है कि सोमवार को किसान मोर्चा ने प्रभावित किसानों के बीच पहुंचकर सर्वे की मांग उठाई और उसी दिन 21 सितंबर को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व केवलारी द्वारा फसल क्षति के सर्वे के लिए प्रशासनिक दल गठित कर तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश जारी किए गए।



