मध्यप्रदेशसिवनी

किसानों तक वैज्ञानिक तकनीक पहुँचाने कृषि रथ रवाना

विधायक दिनेश राय मुनमुन ने दिखाई हरी झंडी

Seoni 11 January 2026
सिवनी यशो:- मध्यप्रदेश शासन, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, भोपाल के निर्देशानुसार वर्ष 2026 को “कृषि वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में किसानों को नवीन एवं वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि रथ संचालन की शुरुआत की गई।

इस पहल के तहत कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों —

पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य पालन आदि विषयों पर किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा, ताकि आधुनिक तकनीकों की जानकारी सीधे खेत-खलिहान तक पहुँच सके।

कृषि रथ सिवनी 2026 विधायक दिनेश राय मुनमुन
सिवनी में कृषि रथ को हरी झंडी दिखाते विधायक दिनेश राय मुनमुन

 सभी विकासखंडों से कृषि रथ रवाना

निर्देशों के पालन में आज 11 जनवरी 2026 को जिले के समस्त विकासखंडों में जनप्रतिनिधियों द्वारा कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर ग्राम पंचायतों के लिए रवाना किया गया।
सिवनी विकासखंड में विधायक दिनेश राय मुनमुन ने कृषि विज्ञान केंद्र, सिवनी से कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया।

 635 ग्राम पंचायतों तक पहुँचेगा कृषि रथ

कृषि रथ जिले की सभी 635 ग्राम पंचायतों में भ्रमण करेगा। रथ के साथ मौजूद तकनीकी सलाहकार किसानों को निम्न विषयों पर व्यावहारिक एवं तकनीकी मार्गदर्शन देंगे—

  • उन्नत फसल उत्पादन तकनीक

  • प्रमाणित एवं उन्नत बीज

  • मृदा परीक्षण आधारित खेती

  • प्राकृतिक एवं जैविक खेती

  • सिंचाई प्रबंधन

  • पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन

  • मत्स्य पालन

राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण

कृषि रथ की रवानगी से पूर्व कृषि विज्ञान केंद्र, सिवनी में राज्य स्तरीय कृषक कल्याण वर्ष 2026 कार्यक्रम का सीधा प्रसारण उपस्थित किसानों को दिखाया गया।

विधायक दिनेश राय मुनमुन का संबोधन

विधायक दिनेश राय मुनमुन ने कहा कि वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाया जाना किसानों के हित में एक ऐतिहासिक पहल है। आज का किसान यदि परंपरागत खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाए, तो निश्चित रूप से उसकी आय में वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि-

कृषि रथ चलता-फिरता ज्ञान केंद्र है, जिसके माध्यम से वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ एवं विभागीय अधिकारी सीधे किसानों से संवाद करेंगे।

विधायक श्री राय ने किसानों से अपील की कि वे—

  • मृदा परीक्षण के आधार पर खेती करें

  • उन्नत किस्म के बीज अपनाएँ

  • संतुलित उर्वरक प्रबंधन करें

  • प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण को अपनाएँ

उन्होंने यह भी कहा कि-

पशुपालन, उद्यानिकी और मत्स्य पालन जैसे सहायक व्यवसाय किसानों की आय बढ़ाने में सहायक हैं,

जिनके लिए शासन द्वारा प्रशिक्षण,

अनुदान एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी

कार्यक्रम में

  • उपसंचालक कृषि सुधीर कुमार धुर्वे,

  • उपसंचालक पशुपालन जे.पी. शिव,

  • अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती पूर्वी तिवारी,

  • कृषि वैज्ञानिक एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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