जेईई एवं नीट की निःशुल्क कोचिंग का शुभारंभ
उत्कृष्ट विद्यालय सिवनी की अभिनव पहल, जरूरतमंद और मेधावी छात्रों के लिए वरदान
Seoni 21 November 2025
सिवनी यशो:- जिले के मेधावी एवं economically कमजोर विद्यार्थियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय सिवनी में जेईई एवं नीट की निःशुल्क कोचिंग का शुभारंभ शुक्रवार को कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले द्वारा किया गया।
इस अवसर पर जिले के विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े, वहीं कक्षा 12वीं के विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों ने अपने-अपने विद्यालयों में लगाए गए टीवी स्क्रीन पर यूट्यूब लाइव के माध्यम से कार्यक्रम को लाइव देखा।
विद्यालय प्राचार्य महेश गौतम ने बताया कि यह पहल विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी होगी, जो आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण महंगे कोचिंग संस्थानों तक नहीं पहुँच पाते। जिले के कई विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी है, ऐसे विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।
कक्षाओं का समय और प्रसारण व्यवस्था
22 नवंबर 2025 से प्रतिदिन शाम 3:45 से 4:45 बजे तक उत्कृष्ट विद्यालय के स्टूडियो रूम से यूट्यूब लाइव के माध्यम से कक्षाएँ संचालित होंगी। कोचिंग में शासकीय ही नहीं, बल्कि अशासकीय विद्यालयों के विद्यार्थी भी भाग ले सकेंगे।
भविष्य में इस पहल का दायरा बढ़ाते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं, सामान्य ज्ञान, तार्किक प्रश्न, गणित की बारीकियाँ, अंग्रेजी, हिंदी लेखन एवं ब्लॉक-बेस्ड प्रोग्रामिंग जैसे विषयों पर भी विशेष सत्र आयोजित करने की योजना है।
मॉक टेस्ट और अध्ययन सामग्री की व्यवस्था
इंदौर के एक संस्थान द्वारा जेईई एवं नीट पैटर्न पर आधारित ऑनलाइन मॉक टेस्ट श्रृंखला के लिए निःशुल्क सहयोग दिया जा रहा है। प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले इन परीक्षणों के परिणाम, प्राप्तांक और समाधान सीधे छात्रों के मोबाइल या कंप्यूटर पर उपलब्ध होंगे।
विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए कोचिंग पुस्तकों के सेट क्रय किए गए हैं। साथ ही संवाद कुंज के संपादक हिमांशु कौशल द्वारा पुस्तकों का एक संपूर्ण सेट दान किया गया।
कलेक्टर ने दिया जीवन-उन्मुख मार्गदर्शन
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले ने कहा कि सफलता और असफलता जीवन के दो पहलू हैं, जिन्हें सकारात्मक रूप से स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने आधार कार्ड परियोजना के जनक नंदन नीलेकणी के उदाहरण से समझाया कि प्रारंभिक असफलता भविष्य के लिए सफलता की भूमिका बनती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को soft skills, logical thinking और आत्मविश्वास विकसित करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा – “हर विद्यार्थी यह सोच बनाए कि-
मैं अपने जीवन के लिए अच्छा करूंगा,
क्योंकि विद्यार्थी का विकास ही परिवार और राष्ट्र की प्रगति का आधार है।”
कोचिंग प्रदान करने वाले शिक्षक
कार्यक्रम में उपस्थित और शिक्षण कार्य हेतु चयनित शिक्षक—

मनोज सनोडिया,
विजय ठाकुर,
राम ठाकुर,
संतकुमार सेन,
ताराचंद चंदवंशी,
कल्याणा भार्गव,

किरण धुर्वे,
महेंद्र सोनवाने,
मयंक परिहार,
साक्षी बोरकर,
अंकित टेम्हरे एवं
त्रवेंद्र राहंगडाले रहे।
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