ढाई किलोमीटर लंबी पदयात्रा में एक लाख से अधिक लोगों की सहभागिता, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने भी किया संबोधित
Seoni, 02 November 2026
जबलपुर/भोपाल / सिवनी यशो:- लोकतंत्र की रक्षा और अराजकता के खिलाफ जनजागरण के संकल्प के साथ सोमवार को जबलपुर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा विशाल ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकाली गई। शहीद स्मारक गोल बाजार से प्रारंभ हुई ढाई किलोमीटर से अधिक लंबी इस पदयात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल तथा केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल शामिल हुए।
आयोजन में एक लाख से अधिक लोगों की सहभागिता का दावा किया गया। पदयात्रा के दौरान नेताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखे राजनीतिक हमले करते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक व्यवस्थाओं के सम्मान का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो नेताजी सुभाषचंद्र बोस के नहीं हुए, वे किसी के सगे नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक मूल्यों के उल्लंघन से जुड़ा रहा है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल लागू करना लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है। लोकतंत्र और न्याय की बात करने वाली कांग्रेस को पहले अपने इतिहास में झांकना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस चुनाव में हारने के बाद कभी ईवीएम, कभी चुनाव आयोग और कभी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर सवाल उठाती है। चुनाव जीतने पर लोकतंत्र की जीत और हारने पर संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करना कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा बन गया है। देश और प्रदेश की जनता जानती है कि कांग्रेस अब देश की सत्ता संभालने लायक नहीं बची है।

उन्होंने कहा कि देश की जनता परिवारवाद नहीं, बल्कि काम और नेतृत्व के आधार पर निर्णय ले रही है। कांग्रेस में प्रधानमंत्री पद एक परिवार तक सीमित रखने की मानसिकता रही, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामान्य गरीब परिवार से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने का उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत का मान-सम्मान दुनिया में बढ़ा है और देश विकास, सुशासन तथा आत्मनिर्भरता के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को देशभर में करारी पराजय का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा केवल राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है।
कांग्रेस के शासनकाल में भी कई बार हुआ एसआईआर : हेमंत खण्डेलवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध करने वाले राहुल गांधी और कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि कांग्रेस के शासनकाल में भी कई बार यह प्रक्रिया संपन्न हुई है। आजादी के बाद देश में हुए अधिकांश विशेष गहन पुनरीक्षण कांग्रेस के शासनकाल में ही हुए हैं। इसके बावजूद कांग्रेस आज मतदाता सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में मृत व्यक्तियों के नाम हटाना, दोहरी प्रविष्टियों को समाप्त करना और विदेशी नागरिकों के नामों की जांच करना निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था के लिए आवश्यक है। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह मतदाता सूची के शुद्धिकरण का विरोध क्यों कर रही है।
खण्डेलवाल ने कहा कि लगातार चुनावी पराजय का सामना कर रहे राहुल गांधी अपनी राजनीतिक विफलता छिपाने के लिए चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि देश को अस्थिर करने की कोशिश करने वाली ताकतों को बेनकाब करें। विदेशी ताकतों से धन लेकर भारत की व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास करने वालों के प्रति समाज को सतर्क रहना होगा।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जबलपुर में विभिन्न समाजों, संगठनों, व्यापारियों, महिलाओं और युवाओं की व्यापक सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि जनता लोकतंत्र विरोधी ताकतों और अराजकता की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने पदयात्रा में शामिल नागरिकों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
लोकतांत्रिक संस्थाओं को धमकाने की राजनीति स्वीकार नहीं : अर्जुनराम मेघवाल
केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि राहुल गांधी लोकतांत्रिक संस्थाओं को धमकाकर देश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस और विपक्षी दल अपनी राजनीतिक साख खो चुके हैं, इसलिए संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 6 अक्टूबर को राहुल गांधी और विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयुक्तों से मुलाकात का प्रयास किया था। चुनाव आयोग ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम और ज्ञापन की जानकारी मांगी थी, लेकिन इसके बाद विपक्षी नेताओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान भी विपक्षी नेताओं से अपने आरोपों के प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा गया था।
मेघवाल ने कहा कि न्यायपालिका और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। सर्वोच्च न्यायालय में किसी भी व्यक्ति को याचिका के माध्यम से अपनी बात रखने का अधिकार है। लेकिन धमकाने और दबाव बनाने की राजनीति लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुकूल नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। विपक्ष चाहे कितने भी प्रयास कर ले, देश का नेतृत्व मजबूत हाथों में है। जबलपुर की जनता ने बड़ी संख्या में शामिल होकर यह संदेश दिया है कि लोकतंत्र की रक्षा और अराजकता के खिलाफ संघर्ष में समाज एकजुट है।
80 स्वागत मंचों से हुआ पदयात्रा का भव्य स्वागत
विशाल पदयात्रा शहीद स्मारक गोल बाजार से प्रारंभ होकर श्याम टॉकीज, सुपर मार्केट, लार्डगंज चौक, धमण्डी चौक, बड़ा फुहारा, खजांची चौक, अंधेरदेव, तुलाराम चौक, करमचंद चौक, बगलामुखी मंदिर और मालवीय चौक होते हुए पुनः शहीद स्मारक गोल बाजार पहुंचकर संपन्न हुई।
पदयात्रा के लगभग ढाई किलोमीटर लंबे मार्ग पर 80 स्वागत मंच बनाए गए थे। विभिन्न समाजों, स्वयंसेवी संगठनों और खेल संगठनों के प्रतिनिधियों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। बड़ी संख्या में अधिवक्ता, व्यापारी, महिलाएं और आम नागरिक हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारों के साथ शामिल हुए।
अनेक जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी हुए शामिल
पदयात्रा में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह, प्रहलाद पटेल, संपतिया उइके, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. निशांत खरे, प्रदेश महामंत्री एवं संभाग प्रभारी राहुल कोठारी, प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, सांसद आशीष दुबे, सांसद सुमित्रा वाल्मीकि, फग्गन सिंह कुलस्ते, पूर्व मंत्री शरद जैन, जिला प्रभारी एवं पूर्व सांसद आलोक संजर, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू सहित अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
इसके अलावा विधायक अजय विश्नोई, अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, संतोष बरकड़े, प्रणय पांडे, पूर्व विधायक आंचल सोनकर, मेला एवं तीर्थ प्राधिकरण अध्यक्ष विनोद गोटिया, जबलपुर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष संदीप जैन, मध्यप्रदेश तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष रविकरण साहू, जबलपुर जिला अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, ग्रामीण जिला अध्यक्ष राजकुमार पटेल सहित पार्टी के प्रदेश एवं जिला पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
विशाल जनभागीदारी के बीच संपन्न हुई इस पदयात्रा के माध्यम से भाजपा नेताओं ने लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान, मतदाता सूची के शुद्धिकरण और कांग्रेस की राजनीति के खिलाफ जनजागरण का संदेश दिया।
सिवनी से बड़ी संख्या में प्रबुद्धजनों ने की सहभागिता
जबलपुर में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में सिवनी जिले से भी बड़ी संख्या में बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने सहभागिता की। सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन एवं कमल मर्सकोले सहित जिले के अनेक गणमान्य नागरिक इस आयोजन में शामिल हुए। जिले से चिकित्सकों, अधिवक्ताओं, सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों, साहित्यकारों, पत्रकारों और समाजसेवियों ने भी पदयात्रा में पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सिवनी जिले के प्रबुद्ध वर्ग की व्यापक भागीदारी ने आयोजन को सामाजिक और बौद्धिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाया।