विधायक रजनीश सिंह करेंगे आंदोलन, धनौरा में वोल्टेज समस्या से मचा हाहाकार
ज्ञापन सौंपकर 15 दिसंबर तक समस्या समाधान की दी डेडलाइन
Seoni 12 December 2025
सिवनी यशो:- धनौरा और मुगवानी क्षेत्र में पिछले तीन माह से जारी वोल्टेज संकट ने किसानों की ज़िन्दगी और कृषि कार्य ठहराकर रख दिए हैं। अपर्याप्त वोल्टेज के कारण पम्प मोटर और ट्रांसफार्मर लगातार खराब हो रहे हैं तथा सिंचाई बाधित होने से फसल बोने के बाद भी पानी नहीं पहुँच पा रहा — इस गंभीर स्थिति के विरोध में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, धनोरा ने तहसीलदार को कलेक्टर के नाम पर 9 दिसंबर 2025 को ज्ञापन सौंपा और विभाग को समस्या का स्थायी निवारण 15 दिसंबर 2025 तक करने का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी यह भी है कि समय पर सुधार न होने पर केवलारी विधायक रजनीश सिंह आंदोलन का नेतृत्व स्वयं करेंगे।
ट्रांसफार्मर स्वीकृति के बावजूद स्थापना पर लापरवाही
स्थानीय सूत्रों के अनुसार धनोरा पावर स्टेशन में 10 MVA PTR ट्रांसफार्मर की स्वीकृति लगभग तीन माह पूर्व मिल चुकी है, जबकि विभाग द्वारा अब तक उसकी स्थापना नहीं की गई। इसी प्रकार ग्राम मुगवानी के पावर स्टेशन के लिए भी 5 MVA के स्थान पर 10 MVA ट्रांसफार्मर लगाने की स्वीकृति विधायक रजनीश सिंह के प्रयत्नों से लगभग तीन माह पहले मिली थी, परन्तु स्थापना लंबित है।
किसानों का कहना है कि वोल्टेज कम होने के कारण मोटरें बार-बार फ्यूज़ हो रही हैं और कई बार ट्रांसफार्मर जल चुके हैं। नतीजतन सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो रहा, जिससे बुआई और फसल की सुरक्षा दोनों जोखिम में पड़ गई हैं।
शिकायतों का निराकरण नहीं — कांग्रेस ने दी अंतिम सूचना
विभिन्न स्तरों पर बार-बार विभाग को शिकायतों के बावजूद समस्या ठंडे बस्ते में पड़ी रही। गुस्साए ग्रामीणों व कांग्रेस पदाधिकारियों ने बताया कि उन्होंने कई बार कॉलम व व्यक्तिगत माध्यम से सूचनाएँ दीं, पर वास्तविक कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने 9 दिसंबर को तहसीलदार के माध्यम से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट किया कि यदि 15 दिसंबर तक ट्रांसफार्मरों की स्थापना और वोल्टेज सूदृढीकरण नहीं हुआ तो विधायक रजनीश सिंह के नेतृत्व में ग्राम मुगवानी पावर स्टेशन के समक्ष धरना/आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन में इससे उत्पन्न नुकसान के लिए बिजली विभाग को पूरी तरह जवाबदेह ठहराया गया है।
किसानों का आक्रोश और नेता का रूख
किसान प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन ताकतवर रूप ले सकता है और यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो उसके परिणाम गंभीर होंगे।
विधायक रजनीश सिंह ने भी समस्या को गंभीरता से लिया है और कहा है कि-
किसान जीवन और कृषि के संरक्षण के लिए हर सम्भव कड़ा कदम उठाया जाएगा।
विधायक के कार्यालय से बताया गया है कि आंदोलन अंतिम विकल्प है —
पहले प्रशासन व बिजली विभाग को मौके पर आकर समस्या का स्थायी समाधान देना चाहिए।
विभाग से क्या उम्मीद है
स्थानीय प्रशासन व बिजली विभाग पर दबाव है कि वे—
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धनोरा पावर स्टेशन में 10 MVA PTR ट्रांसफार्मर की तात्कालिक स्थापना कराएँ,
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मुगवानी पावर स्टेशन पर 10 MVA ट्रांसफार्मर की त्वरित स्थापना सुनिश्चित करें,
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क्षेत्रीय वोल्टेज का मानक स्तर बहाल कर किसानों की मोटर व उपकरणों की रक्षा हेतु आवश्यक कदम उठाएँ।
किसानों, कांग्रेस और स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि –
यदि विभाग 15 दिसंबर तक ठोस कार्रवाई दिखाता है तो आंदोलन रोका जा सकता है;
अन्यथा आंदोलन की सारी जिम्मेदारी बिजली विभाग और संबंधित अधिकारियों पर होगी।



