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22 बच्चों की मौत वाले कफ सिरप कांड के बाद भी नहीं थमी लापरवाही? नेर के स्वास्थ्य शिविर में एक्सपायरी दवा बांटने का आरोप

लाइफ केयर हॉस्पिटल के शिविर में करीब एक माह पहले एक्सपायर हो चुकी मल्टीविटामिन दवा मरीजों को देने का मामला; सरपंच ने जताई आपत्ति, डॉक्टरों ने स्वास्थ्य की जिम्मेदारी लेने का दिया आश्वासन

नेर स्वास्थ्य शिविर में एक्सपायरी दवा, 22 बच्चों की मौत वाले कफ सिरप कांड से उठे सवाल

Chhindwara 06 October 2026
छिंदवाड़ा यशो: –
 जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम पंचायत नेर में मंगलवार को लाइफ केयर हॉस्पिटल द्वारा लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में मरीजों को एक्सपायरी मल्टीविटामिन दवा वितरित किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मरीजों को ऐसी दवा दी जा रही थी, जिसकी एक्सपायरी करीब एक माह पहले ही हो चुकी थी।

मामला सामने आने के बाद ग्राम पंचायत के सरपंच ने दवा वितरण पर आपत्ति जताई। शिविर में मौजूद डॉक्टरों द्वारा मरीजों के स्वास्थ्य की पूरी जिम्मेदारी लेने की बात कहे जाने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि इस संबंध में लिखित आश्वासन भी दिया गया।

निरीक्षण के दौरान सामने आई एक्सपायरी दवा

जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह ग्राम पंचायत नेर में लाइफ केयर हॉस्पिटल की ओर से स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया था। शिविर में ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही थी और मरीजों को दवाएं भी वितरित की जा रही थीं।

इसी दौरान ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव ने शिविर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मरीजों को दी जा रही मल्टीविटामिन दवा की एक्सपायरी डेट पर नजर गई। दवा की एक्सपायरी सामने आने के बाद सरपंच ने तत्काल आपत्ति जताई और मरीजों को ऐसी दवा दिए जाने पर सवाल उठाए।

ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित दवा करीब एक माह पहले एक्सपायर हो चुकी थी, इसके बावजूद उसका वितरण मरीजों के बीच किया जा रहा था।

विरोध के बाद डॉक्टरों ने दी जिम्मेदारी लेने की बात

दवा की एक्सपायरी को लेकर आपत्ति जताए जाने के बाद शिविर में मौजूद डॉक्टरों ने मरीजों के स्वास्थ्य की पूरी जिम्मेदारी लेने की बात कही। इतना ही नहीं, इस संबंध में लिखित रूप से आश्वासन दिए जाने की बात भी सामने आई है।

हालांकि ग्रामीणों के बीच यह सवाल बना हुआ है कि यदि दवा की एक्सपायरी डेट पहले ही समाप्त हो चुकी थी तो वह स्वास्थ्य शिविर तक कैसे पहुंची और मरीजों को वितरित किए जाने से पहले उसकी जांच क्यों नहीं की गई।

22 बच्चों की मौत वाले कफ सिरप कांड की याद फिर ताजा

स्वास्थ्य सेवाओं में दवाओं को लेकर सामने आया यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि परासिया के चर्चित जहरीले कफ सिरप मामले में 22 बच्चों की मौत हो चुकी है। इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने परासिया न्यायालय में करीब 4500 पन्नों की चार्जशीट पेश की है।

जांच में गलत दवा दिए जाने और जानकारी सामने आने के बावजूद उसकी बिक्री जारी रखने से जुड़े साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। हालांकि पीड़ित परिवारों की ओर से चार्जशीट को अधूरा बताते हुए आपत्ति जताई गई है। विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बिसरा की रासायनिक जांच और चिकित्सा विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट शामिल नहीं होने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

ऐसे में नेर के स्वास्थ्य शिविर में एक्सपायरी दवा मरीजों को दिए जाने का आरोप सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और दवा वितरण व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ तो नहीं?

स्वास्थ्य शिविरों में आने वाले मरीज डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर भरोसा करते हैं। ऐसे में दवा की एक्सपायरी डेट की जांच किए बिना उसका वितरण किए जाने का आरोप गंभीर है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कथित एक्सपायरी दवा का सेवन करने से किसी मरीज को स्वास्थ्य संबंधी नुकसान हुआ है या नहीं।

ग्रामीणों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाया जाए कि एक्सपायरी दवा शिविर में कैसे पहुंची, किस स्तर पर इसकी जांच नहीं हुई और मरीजों को इसका वितरण क्यों किया गया। साथ ही जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

अस्पताल संचालक ने फोन नहीं उठाया

मामले को लेकर जब लाइफ केयर हॉस्पिटल के संचालक से फोन पर संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इसके चलते फिलहाल अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आ सकी है।

अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या संबंधित दवा की जांच कराकर पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी तय की जाती है।

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