नशा छोड़ो, भविष्य जोड़ो: सीएम डॉ. मोहन यादव ने युवाओं को दिलाया नशामुक्त भारत का संकल्प
मैनिट भोपाल में बोले मुख्यमंत्री- नशा स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवार को बर्बाद कर देता है, विकसित भारत की पहली शर्त नशामुक्त भारत
सीएम मोहन यादव ने युवाओं को दिलाई नशामुक्त भारत की शपथ, बोले- नशा परिवार बर्बाद कर देता है
भोपाल यशो :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए “नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत” संकल्प अभियान के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित मैनिट में युवाओं और उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बाद कर देता है। नशामुक्त भारत का निर्माण पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और यही युवा शक्ति देश को विकसित भारत बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगी। इसके लिए युवाओं का स्वस्थ, सक्षम और नशामुक्त रहना जरूरी है।
“विकसित भारत की पहली शर्त नशामुक्त भारत”
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत की संस्कृति हमेशा मानव कल्याण और सकारात्मक जीवन का संदेश देती रही है। युवाओं में असीम ऊर्जा और प्रतिभा है, जिसका उपयोग राष्ट्र निर्माण में होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की ऊर्जा, प्रतिभा और सोच को कमजोर करता है। इसलिए हर गली, गांव, मोहल्ले और घर तक नशामुक्ति का संकल्प पहुंचाना होगा।
नशे से बर्बाद हो रहे परिवारों का दिया उदाहरण
मुख्यमंत्री ने नशे के दुष्परिणामों को बताते हुए कहा कि नशा स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सम्मान और पारिवारिक रिश्तों को नुकसान पहुंचाता है।
उन्होंने हाल की एक घटना का उदाहरण देते हुए बताया कि नशे के कारण दो भाइयों के बीच विवाद हुआ, जिसमें एक की मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज के लिए बड़ी चेतावनी हैं।
धार्मिक स्थलों पर शराबबंदी और कार्रवाई का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 19 धार्मिक स्थलों पर शराबबंदी लागू की गई है और नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने मध्यप्रदेश पुलिस को भी नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान के लिए बधाई दी।
“नक्सलवाद के बाद अब नशे का करना है खात्मा”
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि जिस तरह प्रदेश में नक्सलवाद और डकैत समस्या पर प्रभावी कार्रवाई की गई है, उसी तरह अब नशे के खिलाफ भी निर्णायक लड़ाई लड़नी है।
उन्होंने कहा कि नशामुक्ति किसी एक विभाग का काम नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को इसमें भागीदारी निभानी होगी।
लोगों ने लिया नशामुक्त जीवन का संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने शपथ ली कि वे किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन नहीं करेंगे और दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और नवाचार के माध्यम से भारत को विश्व गुरु बनाने में योगदान दें।
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