नगर पालिकाओं में करोड़ों का घोटाला : सिवनी–करेली में CMO पूजा बुनकर दोषी, EOW ने मांगी जांच रिपोर्ट
CMO दोषी, कार्रवाई नाममात्र : निलंबन के बजाय दो वेतनवृद्धि रोककर पूजा बुनकर को बचाया गया, सिवनी नपा अध्यक्ष को भुगतनी पड़ी सजा
Chhindwara 14 December 2025
छिंदवाड़ा यशो:- सिवनी एवं करेली नगर पालिका परिषदों में नियम विरुद्ध करोड़ों रुपये की खरीदी घोटाला के मामले में CMO पूजा बुनकर को दोषी पाया गया है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) जबलपुर ने इस गंभीर प्रकरण में संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास से सिवनी और करेली नगर पालिका में हुई खरीदी की विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है।
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में शहडोल जिले की धनपुरी नगर पालिका में पदस्थ CMO पूजा बुनकर इससे पहले करेली, सिवनी, हर्रई एवं दमुआ नगर पालिकाओं में पदस्थ रही हैं। आरोप है कि इन स्थानों पर उन्होंने नियमों को दरकिनार कर करोड़ों रुपये की खरीदी की, जिससे संबंधित नगर पालिकाओं को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति हुई।
सिवनी में तय हुआ आरोप, पर सजा नाममात्र
सिवनी नगर पालिका परिषद में जांच के दौरान पूजा बुनकर द्वारा ₹7 लाख 16 हजार की आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप प्रमाणित हुए। इसके बावजूद नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे ने उन्हें निलंबित करने के बजाय केवल दो वेतनवृद्धि रोकने और वेतन से क्षति वसूली का आदेश 10 दिसंबर 2025 को जारी किया।
दोषी CMO बचीं, अध्यक्ष हटाए गए
आरोप है कि सिवनी में जहां CMO को निलंबित किया जाना था, वहां नगर पालिका परिषद के तत्कालीन कांग्रेसी अध्यक्ष शफीक खान को पद से हटा दिया गया। अध्यक्ष शफीक खान इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय पहुंचे हैं।
करेली, हर्रई और दमुआ में भी गंभीर आरोप
करेली नगर पालिका की जांच में भी पूजा बुनकर दोषी पाई गईं, लेकिन विभागीय स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
हर्रई और दमुआ नगर पालिकाओं में भी लाखों रुपये की नियम विरुद्ध खरीदी की शिकायतें शासन को की गई हैं।
दमुआ नगर पालिका अध्यक्ष ने आरोप लगाया था कि-
पूजा बुनकर ने स्थानीय राजनीतिक संरक्षण देकर नियमों की अनदेखी की।
EOW जांच, FIR की तैयारी
पूजा बुनकर के विरुद्ध आर्थिक अपराध शाखा जबलपुर में शिकायत दर्ज है।
यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं,
तो EOW द्वारा FIR दर्ज कर न्यायालयीन कार्रवाई की जाएगी,
जिसके तहत निलंबन और गिरफ्तारी तक की संभावना है।
धनपुरी में भी सवाल
धनपुरी नगर पालिका में एक बाबू को 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया,
जबकि यहां भी लाखों रुपये की खरीदी के आदेश CMO द्वारा दिए जाने की बात सामने आई है।
❓ सबसे बड़ा सवाल
जब आरोप तय हो चुके हैं, तो
👉 CMO अब तक निलंबित क्यों नहीं?
👉 क्या नगरीय प्रशासन खुद भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहा है?


