बलराम कृषि महोत्सव में वर्चुअली जुड़े मुख्यमंत्री ने कहा- किसानों की मेहनत और नवाचार से कृषि में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा मध्यप्रदेश; सिंचाई के लिए दिन में मिलेगी 10 घंटे बिजली, धान पंजीयन की तारीख भी बढ़ाई
सिवनी यशो :- सिवनी के किसानों को कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और बेहतर विपणन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में शीघ्र ही फूड पार्क स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को सिमरिया मंडी प्रांगण में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए यह महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के किसान अपनी मेहनत, लगन और नवाचार से कृषि के क्षेत्र में निरंतर नई उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक, कृषि विविधीकरण और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिवधाम मठघोघरा में विराजे भगवान महादेव तथा जीवनदायिनी वैनगंगा के जल से सिंचित सिवनी की पावन धरा को नमन करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेती को केवल पारंपरिक कृषि तक सीमित नहीं रखा जा रहा है, बल्कि उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसी गतिविधियों से जोड़कर किसानों के लिए आय के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि किसानों को खेती के प्रत्येक चरण में आवश्यक सुविधाएं मिलें और उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो।
सिवनी के जीराशंकर चावल और जंबो सीताफल की अलग पहचान
मुख्यमंत्री ने सिवनी जिले की कृषि विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले का जीराशंकर चावल अपनी विशिष्ट सुगंध और स्वाद के कारण अलग पहचान रखता है। वहीं बड़े आकार और मिठास से भरपूर जंबो सीताफल भी सिवनी की विशेष पहचान बन रहा है। जिले में टमाटर, मिर्च, अलसी, सरसों और सूरजमुखी जैसी फसलों की खेती भी किसानों के लिए बेहतर संभावनाएं प्रस्तुत करती है।

उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन होने से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। इसी उद्देश्य से सिवनी में शीघ्र ही फूड पार्क स्थापित किया जाएगा। इससे कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी विकसित होंगे। मुख्यमंत्री ने जेवनारा मत्स्य बीज परिक्षेत्र की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि मत्स्य बीज उत्पादन के माध्यम से किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है।
किसानों को दिन में मिलेगी 10 घंटे बिजली, धान पंजीयन की तारीख बढ़ी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रबी फसलों की सिंचाई के दौरान किसानों को बिजली की परेशानी न हो, इसके लिए दिन के समय 10 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इससे किसानों को रात में सिंचाई करने की मजबूरी से राहत मिलेगी और वे सुविधाजनक ढंग से फसलों को पानी दे सकेंगे।

धान उपार्जन का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि अधिकाधिक पात्र किसानों को समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने का अवसर देने के उद्देश्य से धान उपार्जन पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 04 नवंबर कर दी गई है। सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसके माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी बनाने और किसानों को आय के अतिरिक्त स्रोतों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पारंपरिक फसलों के साथ दलहन, तिलहन, उद्यानिकी और नकदी फसलों की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि किसान बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन कर सकें और कृषि जोखिम को कम कर सकें।
स्वामित्व योजना से 60 लाख से अधिक ग्रामीणों को मिलेगा संपत्ति का अधिकार
ग्रामीण विकास और संपत्ति संबंधी अधिकारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामित्व योजना ग्रामीण आबादी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से संपत्तियों का सर्वेक्षण कर पात्र हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख एवं रजिस्ट्री उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत लगभग 60 लाख से अधिक ग्रामीणों को संपत्ति का अधिकार दिलाने के लिए राज्य सरकार द्वारा 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि संपत्ति का विधिवत अधिकार मिलने से ग्रामीण नागरिक अपनी संपत्ति का स्वतंत्र रूप से उपयोग कर सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर उसके आधार पर बैंक से ऋण लेकर आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे पुनः प्रभावी रूप से प्रारंभ किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी।
किसानों और युवाओं से आधुनिक तकनीक अपनाने का आह्वान,
बलराम कृषि महोत्सव में आयोजित किसान क्विज
प्रतियोगिता के विजेताओं का मुख्यमंत्री ने उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन किसानों को नई जानकारियों, आधुनिक तकनीकों और कृषि नवाचारों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने किसानों से शासन की योजनाओं का लाभ लेने, आधुनिक कृषि पद्धतियां अपनाने और खेती के साथ अन्य आयवर्धक गतिविधियों को जोड़ने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने युवाओं और युवतियों से भी कृषि क्षेत्र में आगे आने की अपील करते हुए कहा कि नई तकनीकों, वैज्ञानिक पद्धतियों और नवाचारों के उपयोग से खेती को रोजगार एवं स्वरोजगार का प्रभावी माध्यम बनाया जा सकता है।
किसानों को संबल और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास : सांसद भारती पारधी
सांसद भारती पारधी ने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार किसानों की समृद्धि, कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही हैं। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने, कृषि सुविधाओं का विस्तार करने और उनकी आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने धान उपार्जन पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे जिले के अधिकाधिक किसानों को पंजीयन कराकर समर्थन मूल्य पर अपनी उपज विक्रय करने का अवसर मिलेगा। महिला सशक्तिकरण की योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। वहीं ड्रोन दीदी जैसी पहल ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भरता और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा रही है।
देश में पहली बार मध्यप्रदेश में बलराम कृषि महोत्सव की पहल : महेंद्र सिंह यादव
अपेक्स बैंक अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि सिवनी प्रदेश का 52वां जिला है, जहां बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां भगवान बलराम की जयंती के अवसर पर कृषि महोत्सव आयोजित करने की पहल की गई है। यह आयोजन किसान, महिला, युवा एवं गरीब वर्ग के कल्याण को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसान धरती पुत्र और अन्नदाता हैं। किसानों की आर्थिक समृद्धि एवं कृषि विकास के लिए प्रदेश सरकार शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध करा रही है। कृषि क्षेत्र में निरंतर नए अनुसंधान और आधुनिक तकनीकों का विकास हो रहा है। इनका लाभ किसानों तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि वे उन्नत पद्धतियों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बना सकें।
नरवाई न जलाएं, कम पानी वाली फसलों को दें प्राथमिकता : विधायक दिनेश राय
विधायक दिनेश राय ने बलराम कृषि महोत्सव को किसानों के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत खेती के तरीकों और शासन की किसान हितैषी योजनाओं से किसानों को जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए समय के साथ कृषि पद्धतियों में बदलाव और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग आवश्यक है।
उन्होंने किसानों से नरवाई नहीं जलाने का आग्रह करते हुए कहा कि फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण और भूमि की उर्वरता बनाए रखने के लिए जरूरी है। साथ ही कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों को अपनाने पर जोर दिया, जिससे जल संरक्षण के साथ खेती की लागत भी नियंत्रित की जा सके।
विधायक ने जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए पेंच व्यपवर्तन परियोजना हेतु राशि आवंटित किए जाने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा।
अग्रणी किसानों ने साझा किए नवाचार और आत्मनिर्भरता के अनुभव
महोत्सव में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे किसानों ने अपने अनुभव साझा किए। ग्राम पीपरडाना की सरोज डेहरिया ने नमो ड्रोन दीदी योजना के अंतर्गत ड्रोन संचालन से आजीविका और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
ग्राम कुड़ारी के अतुल सोनी ने प्राकृतिक खेती के अंतर्गत डीआरसी की स्थापना तथा जीवामृत, बीजामृत और दशपर्णी अर्क के निर्माण एवं विक्रय के अनुभव साझा किए। ग्राम खैरमटाकोल की अभिलाषा वर्मा ने जंबो सीताफल उत्पादक समूह के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। ग्राम माहुलझिर की सविता राहंगडाले ने प्राकृतिक खेती क्लस्टर के जरिए किसानों को प्रेरित करने तथा जैविक उत्पाद तैयार कर उनके विक्रय के अनुभव बताए।
ग्राम चारगांव के जितेन्द्र बघेल ने आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना और पशुपालन आधारित किसान क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ लेकर पारंपरिक पशुपालन को आधुनिक डेयरी उद्यम में बदलने की सफलता साझा की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उनके द्वारा प्रतिदिन 80 से 85 लीटर दूध का उत्पादन किया जा रहा है।
कृषि वैज्ञानिकों ने दी आधुनिक खेती की जानकारी, लगाए गए विभागीय स्टॉल
बलराम कृषि महोत्सव में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों और विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत फसल उत्पादन और वैज्ञानिक पद्धतियों की जानकारी दी। किसानों को उन्नत बीजों के चयन, फसल प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य, प्राकृतिक खेती, जैविक खाद और कीट नियंत्रण के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन जैसी आयवर्धक गतिविधियों की जानकारी भी दी गई।
महोत्सव स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं और कार्यक्रमों पर आधारित प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए। इनके माध्यम से किसानों को कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन सहित अन्य विभागों की योजनाओं, पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। किसानों ने अधिकारियों एवं विशेषज्ञों से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।
अग्रणी किसानों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
कार्यक्रम के अंत में कृषि, प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी एवं पशुपालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले सरोज डेहरिया, अतुल सोनी, अभिलाषा वर्मा, सविता राहंगडाले एवं जितेन्द्र बघेल को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कृषक परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों रिया परिहार, प्रीति पटेल, आदित्य पटेल, मोहित ठाकुर एवं सहजल ठाकुर को भी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में सांसद भारती पारधी, अपेक्स बैंक अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव, विधायक दिनेश राय, भाजपा जिला अध्यक्ष मीना बिसेन, कलेक्टर अंजू अरुण कुमार, पुलिस अधीक्षक कृष्णलाल चंदानी, सीईओ जिला पंचायत अंजली शाह, जनपद अध्यक्ष किरण भलावी, नगरपालिका अध्यक्ष ज्ञानचंद सनोडिया, पूर्व विधायक नरेश दिवाकर, आलोक दुबे, प्रदीप राय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।