कलेक्टर अंजू अरुण कुमार के निर्देश, संयुक्त दल बनाकर होगी निगरानी; प्रतिबंधित दवाओं और अवैध शराब के कारोबार पर भी शिकंजा
Seoni, 07 November 2026
सिवनी यशो:- जिले में नशे के अवैध कारोबार पर अब प्रशासन सख्ती के मूड में है। शैक्षणिक संस्थानों के आसपास संचालित पान-मसाला दुकानों को तीन दिन के भीतर हटाने के निर्देश कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार ने दिए हैं। इसके साथ ही अवैध मादक पदार्थों की बिक्री, नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि युवाओं और विद्यार्थियों को नशे की गिरफ्त से बचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
भारत सरकार के वर्ष 2028 तक देश को नशामुक्त बनाने के संकल्प के तहत शुक्रवार, 6 नवंबर को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय एनकॉर्ड (NCORD-नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर) समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी, अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं विद्यालय-महाविद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।
शैक्षणिक संस्थानों के आसपास दुकानों पर तीन दिन में कार्रवाई
बैठक में कलेक्टर ने विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास संचालित पान-मसाला दुकानों तथा अवैध एवं प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने संबंधित संस्थानों के प्राचार्यों को ऐसी दुकानों और गतिविधियों की जानकारी अनुविभागीय अधिकारियों एवं पुलिस को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सभी अनुविभागीय अधिकारियों को तीन दिवस के भीतर शैक्षणिक संस्थानों के आसपास संचालित ऐसी दुकानों को हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
अवैध नशे के कारोबार पर संयुक्त कार्रवाई
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए संबंधित विभाग संयुक्त दल गठित कर अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखें। अवैध मादक पदार्थों की उपलब्धता, बिक्री, परिवहन एवं उपयोग रोकने के लिए पुलिस बल के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई की जाए। अवैध एवं अनैतिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए।
दवा दुकानों और नशीले सिरप पर रहेगी नजर
दवा दुकानों के माध्यम से नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए कलेक्टर ने औषधि निरीक्षक को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। प्रतिबंधित दवाओं एवं सिरप की जानकारी नशामुक्ति दल के साथ साझा करने तथा दवा दुकानों में दवाइयों के रखरखाव और बिक्री प्रक्रिया की जांच करने को कहा गया। ऐसी दवाइयां जिनका इस्तेमाल नशे के लिए किया जा सकता है, उनकी उपलब्धता और बिक्री पर विशेष निगरानी रखने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
अवैध शराब और अनधिकृत आहातों पर भी शिकंजा
आबकारी विभाग को अवैध शराब के निर्माण, भंडारण एवं बिक्री में संलिप्त लोगों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। शराब दुकानों के आसपास संचालित अनधिकृत आहातों को हटाने, संभावित अवैध गतिविधियों वाले क्षेत्रों को चिह्नित करने और नियमित निरीक्षण करने को कहा गया। ऐसे स्थलों पर आवश्यक प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
नुक्कड़ नाटकों से जागरूक होंगे युवा और विद्यार्थी
नशामुक्ति अभियान को केवल कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए जनजागरूकता से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक और अन्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को नशे के गंभीर दुष्परिणामों से अवगत कराया जा सके।
बच्चों से संवाद करें शिक्षक और अभिभावक
कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों को नशे से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। शिक्षक, पालक एवं अभिभावक बच्चों से निरंतर संवाद करें और जरूरत पड़ने पर उनकी काउंसलिंग भी कराएं। उन्हें नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देकर इस बुराई से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से प्रवर्तन कार्रवाई और जनजागरूकता अभियान प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।