सिवनी नगरपालिका प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
📰 कांग्रेस पार्षद दल ने विशेष सम्मिलन का बहिष्कार किया घोषित
Seoni 22 October 2025
सिवनी यशो:- नगरपालिका परिषद सिवनी में 23 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे बुलाए गए विशेष सम्मिलन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शहीद वार्ड के पार्षद जोएब जकी अनवर ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी पर कार्यकारी अध्यक्ष के दबाव में नियम विरुद्ध तरीके से सम्मिलन आयोजित करने का आरोप लगाया है।
जोएब जकी अनवर द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि विशेष सम्मिलन की सूचना 18 अक्टूबर 2025 को अवकाश दिवस पर पार्षदों को दी गई, जबकि 22 अक्टूबर तक लगातार अवकाश चल रहा है। नियमों के अनुसार सूचना कार्यदिवस में दी जानी चाहिए थी। लगातार छुट्टियों के कारण पार्षदों को एजेंडा विषयों की जानकारी नहीं मिल सकी।
उन्होंने चेतावनी दी कि –
“यदि सम्मिलन की तिथि आगे नहीं बढ़ाई गई, तो कांग्रेस पार्षद दल इस विशेष सम्मिलन का बहिष्कार करेगा।”
पूर्व में भी विवादित रही थी बैठक
जोएब जकी अनवर ने बताया कि इससे पूर्व 2 सितंबर 2025 को आयोजित विशेष सम्मिलन को कार्यकारी अध्यक्ष ज्ञानचंद सनोडिया ने एक दिन पहले ही तानाशाही रवैया अपनाते हुए स्थगित कर दिया था।
उस बैठक में 13 प्रस्तावों पर चर्चा होनी थी, किंतु कार्यकारी अध्यक्ष ने मात्र 15 मिनट में बैठक समाप्त कर दी और कहा कि परिषद में बहुमत होने के कारण सभी प्रस्ताव बिना चर्चा के पारित माने जाएँगे।
उन्होंने कहा कि “जब बैठक में किसी विषय पर चर्चा हुई ही नहीं, तो बाद में 45 दिन बाद 8 पन्नों की मनगढ़ंत प्रोसिडिंग जारी कर दी गई, जिसमें कांग्रेस पार्षदों के विरोध के बावजूद भाजपा पार्षदों के समर्थन को दर्ज कर लिया गया।”
🧾 कार्यकारी अध्यक्ष पर लगाए अनियमितताओं के आरोप
जोएब जकी अनवर ने आगे कहा कि कार्यकारी अध्यक्ष ज्ञानचंद सनोडिया के 6 माह के कार्यकाल में नगरपालिका के लगभग सभी कार्य नियम विरुद्ध तरीके से किए जा रहे हैं।
जनहित के सरल कार्य – जैसे जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र,
विवाह पंजीयन,
समग्र आईडी में नाम जोड़ना/काटना आदि –
अब जटिल बना दिए गए हैं, जिससे आमजन को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि-
सुअर,
गाय-बैल की समस्या गंभीर होती जा रही है।
कई घटनाओं में नागरिकों के घायल होने तक की शिकायतें आई हैं।
सुअरों के कारण शहर और आसपास के गांवों की फसलें भी नष्ट हो रही हैं।
जोएब जकी अनवर ने आरोप लगाया कि —
“कार्यकारी अध्यक्ष का ध्यान विकास कार्यों पर न होकर केवल पुराने रुके हुए भुगतानों को तेजी से कराने पर है, जिन पर शिकायतें भी लंबित हैं।”



