पेयजल गुणवत्ता एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम पर विशेष प्रशिक्षण संपन्न
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सिवनी की पहल, चारों उपखंडों में एक साथ आयोजन
पेयजल गुणवत्ता एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम पर विशेष प्रशिक्षण संपन्न
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सिवनी की पहल, चारों उपखंडों में एक साथ आयोजन
Seoni 10 January 2026
सिवनी यशो:- जिले में नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने तथा जलजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग खंड–जिला सिवनी द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यपालन यंत्री नरेश कुवाल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
चारों उपखंड प्रयोगशालाओं में चला प्रशिक्षण अभियान
यह प्रशिक्षण जिले की चारों उपखंड प्रयोगशालाओं—
सिवनी, छपारा, केवलारी एवं लखनादौन में एक साथ आयोजित किया गया,
जिसमें नगरीय निकायों के पेयजल कार्य से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।
जल परीक्षण की वैज्ञानिक प्रक्रिया की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पेयजल गुणवत्ता मानक,
जल परीक्षण की प्रक्रिया तथा विभिन्न रासायनिक एवं जैविक पैरामीटरों की विस्तृत जानकारी दी गई।
साथ ही दूषित जल से होने वाली बीमारियों और उनकी रोकथाम के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
FTK किट से जल जांच का व्यावहारिक प्रशिक्षण
प्रशिक्षण की विशेष उपलब्धि के रूप में एफटीके (FTK) किट के माध्यम से जल परीक्षण करने की व्यावहारिक विधि सिखाई गई।
अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मौके पर ही FTK किट उपलब्ध कराई गई,
ताकि वे फील्ड स्तर पर त्वरित एवं प्रभावी जल परीक्षण कर सकें।

स्वच्छ जल उपयोग और साफ-सफाई पर दिया गया संदेश
प्रशिक्षण के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि स्वच्छ एवं सुरक्षित जल का उपयोग, जल स्रोतों के आसपास नियमित साफ-सफाई तथा समय-समय पर जल परीक्षण कराना जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए अत्यंत आवश्यक है।
तकनीकी एवं प्रशासनिक अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर सभी सहायक यंत्री,
उपयंत्री,
ब्लॉक समन्वयक,
जिला रसायनज्ञ,
प्रयोगशाला प्रभारी एवं पीएमयू स्टाफ उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के माध्यम से विभाग ने यह संदेश दिया कि –
पेयजल गुणवत्ता में सुधार जनस्वास्थ्य की सबसे बड़ी प्राथमिकता है, जिसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।



