
Seoni 15 December 2025
केवलारी (सिवनी) यशो:- केवलारी विधानसभा क्षेत्र के सुकरी गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान देर रात कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। यह कार्यक्रम एक विकास कार्य के भूमि पूजन से जुड़ा था, जिसमें केवलारी विधायक ठाकुर रजनीश हरवंश सिंह शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम दिन में प्रस्तावित था, लेकिन अन्य कार्यक्रमों की व्यस्तता के चलते विधायक देर शाम गांव पहुंचे, तब तक रात्रि हो चुकी थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्यक्रम स्थल पर सरपंच और क्षेत्रीय जनपद सदस्य के बीच पहले से चला आ रहा विवाद अचानक सामने आ गया। दोनों पक्षों की ओर से भ्रष्टाचार के आरोप-प्रत्यारोप किए जाने लगे। इसी दौरान कुछ लोग शराब के नशे में मौजूद थे, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
शांत कराने की कोशिश में बढ़ा हंगामा
विधायक ठाकुर रजनीश हरवंश सिंह ने स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया,
लेकिन नशे में चूर कुछ व्यक्तियों की मौजूदगी के कारण विवाद ने कुछ देर के लिए उग्र रूप ले लिया।
सरपंच और जनपद सदस्य पक्ष के समर्थक आमने-सामने आ गए।
इसी बीच एक अन्य व्यक्ति के हस्तक्षेप पर ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन गई।
हालात बिगड़ते देख कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना, हालांकि किसी बड़ी अप्रिय घटना की पुष्टि नहीं हुई।
ग्रामीणों की समझदारी से हालात काबू में
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए समझदार ग्रामीणों ने हस्तक्षेप किया और नशे में माहौल बिगाड़ रहे लोगों को समझाइश दी। इसके बाद हालात पर नियंत्रण पाया गया और कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।
विधायक का पक्ष: “मेरे साथ कोई विवाद नहीं हुआ”
पूरे घटनाक्रम को लेकर विधायक ठाकुर रजनीश हरवंश सिंह ने चर्चा में स्पष्ट किया कि—
“सुकरी गांव के ग्रामीण बहुत शालीन और समझदार हैं। स्थानीय किसी भी व्यक्ति द्वारा कोई भी अशोभनीय व्यवहार नहीं किया गया।
नशे में चूर कुछ लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें ग्रामीणों ने ही समझाइश देकर शांत कराया।
मेरे साथ किसी का कोई विवाद नहीं हुआ और मैं जिस कार्य से गया था, वह पूरी तरह संपन्न हुआ है।”
विधायक ने यह भी कहा कि भूमि पूजन कार्यक्रम शांतिपूर्वक और नियमानुसार पूरा किया गया।
घटना पर राजनीतिक चर्चा
हालांकि स्थिति संभल गई,
लेकिन यह घटनाक्रम क्षेत्र और जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
लोग इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं,
वहीं राजनीतिक विरोधी भी इसे अपने-अपने ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में यह सामने आया कि-
स्थानीय विवाद और नशे में कुछ लोगों की हरकतें किस तरह सार्वजनिक कार्यक्रमों में तनाव की स्थिति पैदा कर सकती हैं,
हालांकि समय रहते ग्रामीणों की समझदारी से बड़ा हादसा टल गया।

