विद्युत करंट फैलाकर किया था अनुसूची-I के वन्यप्राणी गौर का शिकार, चार आरोपी गिरफ्तार; निशानदेही पर खेत में दफन अवशेष बरामद, ट्रैक्टर भी जब्त
Seoni, 31 October 2026
सिवनी यशो:- पेंच टाइगर रिजर्व में वन्यप्राणी गौर (इंडियन बायसन) के अवैध शिकार का मामला सामने आया है। स्पेशल टास्क फोर्स से प्राप्त सूचना के आधार पर 30 अक्टूबर 2026 को पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा गठित टीम ने चार व्यक्तियों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने लगभग तीन वर्ष पूर्व विद्युत करंट फैलाकर गौर का शिकार करने की बात स्वीकार की। गौर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में शामिल है।
आरोपियों की निशानदेही पर वन अमले की टीम वन परिक्षेत्र घाटकोहका बफर के अंतर्गत बरेलीपार बीट के कक्ष क्रमांक 386 में स्थित राजकुमार सरयाम के खेत पर पहुंची। धान की फसल कटने के बाद खेत में डंठल खड़े थे। खेत में बनी झोपड़ी से कुछ दूरी पर आरोपियों ने वह स्थान बताया, जहां गौर के शव को दफनाया गया था।
आरोपियों ने गेंती और फावड़े से खुदाई शुरू की। इसके बाद मौके पर पहुंची जेसीबी से भी उसी स्थान पर खुदाई कराई गई। लगभग चार फीट गहराई पर खुदाई के दौरान गौर के अवशेष मिले। इनमें कुल 68 हड्डियां, एक खोपड़ी और दो सींग बरामद हुए। बरामद हड्डियों में से एक का नमूना प्रयोगशाला परीक्षण के लिए पेंच टाइगर रिजर्व के वन्यजीव सहायक शल्य चिकित्सक द्वारा लिया गया।
चार आरोपियों की निशानदेही पर हुई कार्रवाई
वन प्रबंधन के अनुसार इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजकुमार सरयाम (44), निवासी कर्माझिरी, आशीष उड्के (30), निवासी कर्माझिरी, राजाराम वटटी (36), निवासी कर्माझिरी तथा लक्ष्मण उइके (33), निवासी कुंभपानी के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गौर के शव को गड्ढे में डालने के लिए ट्रैक्टर का उपयोग किया गया था। उनकी जानकारी के आधार पर वन अमले ने 31 अक्टूबर 2026 को संबंधित ट्रैक्टर भी जब्त कर लिया।
चारों आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें माननीय न्यायालय, सिवनी में पेश किया गया। पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार मामले में बरामद अवशेषों का प्रयोगशाला परीक्षण कराया जा रहा है।