दीपावली पर ऊंचे दामों में बेचने के लिए किया था अवैध भंडारण, कोतवाली पुलिस की दबिश में खुलासा
सिवनी यशो :- दीपावली के त्योहार पर आतिशबाजी की बढ़ती मांग के बीच सिवनी में अवैध रूप से पटाखों के भंडारण का मामला सामने आया है। कोतवाली पुलिस ने भैरोगंज के नहर रोड स्थित एक मकान में दबिश देकर करीब 2 लाख 50 हजार रुपये कीमत के पटाखे और आतिशबाजी सामग्री जब्त की है।
हैरानी की बात यह है कि मकान के दो कमरों में बड़ी मात्रा में पटाखों के साथ 22 बोरियों में सुतली बम भरकर रखे गए थे। रिहायशी इलाके में बिना सुरक्षा इंतजाम के इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का भंडारण गंभीर खतरे का कारण बन सकता था।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर को कोतवाली पुलिस की टीम भैरोगंज क्षेत्र में भ्रमण कर रही थी। इसी दौरान विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि नहर रोड स्थित हेडाउ के मकान में गुलशन वरयानी निवासी सुभाष वार्ड द्वारा दीपावली पर ऊंचे दामों में बेचने के उद्देश्य से बड़ी मात्रा में पटाखों का अवैध भंडारण किया गया है।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और मकान के दो कमरों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान विभिन्न ब्रांड के पटाखों के कार्टून, आतिशबाजी सामग्री तथा 22 बोरियों में भरे सुतली बम बरामद हुए।
मौके पर मौजूद गुलशन वरयानी पिता सच्चानंद वरयानी (26 वर्ष), निवासी सुभाष वार्ड, सिवनी से पटाखों के भंडारण एवं बिक्री संबंधी वैध अनुज्ञप्ति मांगी गई, लेकिन वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
पुलिस ने मौके से लगभग 2 लाख 50 हजार रुपये कीमत की समस्त आतिशबाजी सामग्री जब्त कर ली। आरोपी के विरुद्ध धारा 288 बीएनएस एवं धारा 9(बी) विस्फोटक अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।
रिहायशी इलाके में भंडारण से जनहानि का था खतरा
दीपावली जैसे त्योहार पर पटाखों की मांग को देखते हुए अवैध भंडारण और बिना सुरक्षा व्यवस्था के आतिशबाजी सामग्री रखना गंभीर दुर्घटना को आमंत्रण दे सकता है। पुलिस की इस कार्रवाई से रिहायशी क्षेत्र में पटाखों के अवैध भंडारण का खुलासा हुआ है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में सीएसपी चंचलेश मरकाम, थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी, उपनिरीक्षक सतेंद्र उपाध्याय, उपनिरीक्षक नीरज दुबे, सहायक उपनिरीक्षक जसवंत ठाकुर, प्रधान आरक्षक मनोज पाल, मुकेश गोडाने, आरक्षक कपिल कटरे, गंगाप्रसाद राहंगडाले, मिथलेश उइके एवं प्रतीक बघेल की सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी (भा.पु.से.) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा एवं सीएसपी चंचलेश मरकाम के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।