कफ सिरप विवाद: कांग्रेस ने सरकार को घेरने कसी कमर, विपक्ष ने लगाया गंभीर आरोप
भोपाल और दिल्ली में पत्रकारवार्ता के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दा उठाने का ऐलान
Bhopal/Chhindwara 06 October 2025
छिंदवाड़ा यशो:- मध्य प्रदेश में कफ सिरप सेवन से 16 मासूम बच्चों की असामयिक मौत के मामले ने प्रदेश की राजनीति में उबाल ला दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रभावित परिवारों से मिलने छिंदवाड़ा पहुंचे, लेकिन विपक्ष ने इसे सरकार की संवेदनहीनता और जवाबदेही पर दबाव बढ़ाने का अवसर बना लिया।
प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भोपाल में पत्रकारवार्ता कर कहा कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्हें इस मुद्दे पर दिल्ली बुलाया गया है, जहाँ 07 अक्टूबर को पत्रकारवार्ता के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर सरकार की जवाबदेही पूछी जाएगी।
सिंघार ने सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर लिखा,
“मध्य प्रदेश को मुख्यमंत्री नवजात बच्चों का कब्रिस्तान बनाना चाहते हैं। भाजपा नेतृत्व को अब अपने मुख्यमंत्री के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए।”
सिंघार ने यह भी सवाल उठाया कि डॉक्टर पर कार्रवाई करने की बजाय दवा निर्माता कंपनी पर क्यों मामला नहीं दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि रीवा, डींग और अन्य क्षेत्रों में इसी सिरप की बिक्री सबसे अधिक हुई, और दोषियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
https://x.com/UmangSinghar/status/1975160158301962358
जीतु पटवारी का रुख
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतु पटवारी ने कहा कि इस त्रासदी पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ ही अपने ही दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने चेताया कि यदि दोषियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में जन आंदोलन छेड़ सकती है।

कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पीडि़त परिवारों से मिले एवं उन्होंने ढाढस बंधाया तथा कहा कांग्रेस उनके साथ है हम सदन से लेकर सड़क तक न्याय के लिये लड़ाई लडेंगे ।
https://x.com/jitupatwari/status/1975126358008172904
छिंदवाड़ा परासिया में अनशन
परासिया में अनशन में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
इसमें शामिल रहे: -जुनार्देव विधायक सुनील उइके,
परासिया विधायक सोहन वाल्मीक,
पांढुर्णा विधायक निलेश उइके,
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद तिवारी,
जिला कांग्रेस अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे।
अनशन के दौरान मृत बच्चों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। पटवारी ने कहा,
“छिंदवाड़ा, परासिया, चौरई और सौंसर के 16 मासूमों की मौत सरकारी हत्या है। दवा बेचने वाले, स्वास्थ्य कमिश्नर, स्वास्थ्य मंत्री और ड्रग कंट्रोलर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।”
पटवारी और सिंघार ने दोषियों पर कठोर कार्रवाई,
स्वास्थ्य मंत्री की बर्खास्तगी,
पर्याप्त मुआवजा और स्वतंत्र जांच की मांग की।
त्रासदी की पृष्ठभूमि
जांच में पता चला कि सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकॉल पाया गया, जो नवजात किडनी फेलियर का कारण बना।
पहली मौत के बाद भी सिरप पर प्रतिबंध में देरी हुई, जिससे 16 बच्चों की जान गई



