सिवनी पानी पाउच लापरवाही मामला: बिना तिथि वाले 8880 पाउच नष्ट, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
Seoni 17 January 2026
सिवनी यशो:- सिवनी पानी पाउच लापरवाही मामला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। इंदौर में दूषित पेयजल से मौत के बाद जब पूरा प्रदेश अलर्ट मोड पर है, तब सिवनी जिले से जुड़े बिना निर्माण तिथि वाले पानी पाउच का मामला प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है।
जिले के लखनवाड़ा क्षेत्र में संचालित मां एक्वा पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर द्वारा निर्मित पानी पाउच बिना निर्माण तिथि के बाजार में भेजे गए।
हैरानी की बात यह है कि इस सिवनी पानी पाउच लापरवाही मामले पर स्थानीय खाद्य एवं
औषधि प्रशासन को कोई जानकारी तक नहीं होने का दावा किया जा रहा है।
सिवनी पानी पाउच लापरवाही मामला: छिंदवाड़ा में कार्रवाई, सिवनी में खामोशी
जानकारी के अनुसार छिंदवाड़ा जिले के चांदामेटा स्थित पशमा इंटरप्राइजेस के गोदाम में सिवनी से भेजे गए 250 एमएल पानी पाउच की 185 बोरियां बरामद की गईं।
इनमें कुल 8880 पानी पाउच पाए गए,
जिन पर निर्माण तिथि अंकित नहीं थी, जो खाद्य सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन है।
छिंदवाड़ा खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए सभी पाउच तोड़कर पानी बहाया तथा
बोरियों और प्लास्टिक को नगर पालिका परासिया की गाड़ियों से नष्ट कराया।
साथ ही पानी के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए।
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सिवनी प्रशासन की भूमिका पर सवाल
सबसे गंभीर प्रश्न यह है कि जब फैक्ट्री सिवनी जिले में संचालित है,
तो सिवनी पानी पाउच लापरवाही मामले में सिवनी खाद्य एवं औषधि प्रशासन अब तक क्या करता रहा?
क्या न तो सैम्पलिंग की गई और न ही निरीक्षण?
जनस्वास्थ्य से सीधा खिलवाड़
बिना निर्माण तिथि वाले पानी पाउच सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ हैं।
यदि समय रहते सिवनी पानी पाउच लापरवाही मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई,
तो यह भविष्य में किसी बड़ी घटना का कारण बन सकता है।
इनका कहना
“सिवनी में इस नाम की पानी फैक्ट्री संचालित है या नहीं, तथा उसमें बिना निर्माण तिथि वाले
पानी पाउच का निर्माण हुआ है या हो रहा है—इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है।”
— सोनू तिवारी
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, सिवनी



