FCI की सख्ती से चावल मिलरों में मचा हड़कंप, घटिया गुणवत्ता के एक दर्जन से ज्यादा लॉट रिजेक्ट!
CMR चावल की जांच में मानकों से समझौता नहीं, डुंगरिया वेयरहाउस में कई लॉट लौटाए; 20 से ज्यादा वाहनों की वापसी का दावा
FCI सिवनी में CMR चावल पर सख्ती, दर्जनभर से ज्यादा लॉट रिजेक्ट
Seoni 24 September 2026
सिवनी यशो:- भारतीय खाद्य निगम (FCI) के सिवनी डिपो में कस्टम मिलिंग राइस (CMR) की गुणवत्ता को लेकर अब सख्ती दिखाई देने लगी है। चावल के लॉट की जांच में गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले एक दर्जन से अधिक लॉट रिजेक्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है। लॉट रिजेक्ट होने के बाद राइस मिलरों में हड़कंप की स्थिति है और तैयार माल के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब जिले के डुंगरिया स्थित अनमोल वेयरहाउस में CMR जमा करने पहुंचे मिलरों के लॉट गुणवत्ता जांच के दौरान रोक दिए गए। मिलरों का कहना है कि बड़ी मात्रा में चावल तैयार कर लिया गया है, लेकिन लॉट रिजेक्ट होने की स्थिति में उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
एक स्टैक BRL घोषित होने के बाद बढ़ी सख्ती
सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पूर्व तोमर वेयरहाउस सेलुआ में एक स्टैक को BRL घोषित किए जाने के बाद विभागीय स्तर पर चावल की गुणवत्ता जांच को लेकर सख्ती बढ़ी है। इसके बाद FCI के निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही CMR चावल स्वीकार किए जाने पर जोर दिया जा रहा है।
इस सख्ती का असर जिले के मिलरों पर साफ दिखाई दे रहा है। गुणवत्ता जांच में निर्धारित मापदंड पूरे नहीं करने वाले लॉट वापस किए जा रहे हैं।
डुंगरिया में दर्जनभर से ज्यादा लॉट लौटाए
जानकारी के अनुसार डुंगरिया वेयरहाउस में एक दर्जन से अधिक लॉट रिजेक्ट किए जा चुके हैं। FCI अधिकारियों द्वारा गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित लॉट स्वीकार नहीं किए गए और उन्हें वापस लौटाया गया।
लॉट रिजेक्शन की कार्रवाई के बाद मिलरों के बीच बेचैनी बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि अनमोल वेयरहाउस में CMR जमा करने के लिए पहुंचे 20 से अधिक लॉट से संबंधित वाहन भी रिजेक्शन की आशंका के चलते वापस ले जाए गए। हालांकि, वाहनों की संख्या और उनके वापस लौटने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि किया जाना बाकी है।
एफआरके को लेकर भी उठे सवाल
इस पूरे मामले में नॉन-एफआरके चावल में एफआरके (Fortified Rice Kernel) के दाने पाए जाने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। मिलरों का कहना है कि यदि इस आधार पर लॉट रिजेक्ट किया जा रहा है तो उन्हें संबंधित नियम, स्पेसिफिकेशन और आधिकारिक दिशा-निर्देश स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
मिलरों की ओर से संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में लिखित गाइडलाइन अथवा आधिकारिक सर्कुलर की प्रति उपलब्ध कराने की मांग किए जाने की बात सामने आई है।
FCI अधिकारी बोले—मानकों के अनुरूप ही लिया जाएगा चावल
अनमोल वेयरहाउस डुंगरिया के क्वालिटी इंस्पेक्टर/तकनीकी सहायक शुभम श्रीवास्तव के अनुसार CMR चावल भारतीय खाद्य निगम मुख्यालय नई दिल्ली एवं उच्च कार्यालय द्वारा निर्धारित स्पेसिफिकेशन के आधार पर ही जमा किया जा रहा है। जो लॉट निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाते, उन्हें रिजेक्ट किया जाता है।
हालांकि, नॉन-एफआरके चावल में एफआरके के दाने पाए जाने की स्थिति में लॉट रिजेक्ट करने से संबंधित विशिष्ट लिखित गाइडलाइन या सर्कुलर की प्रति मांगे जाने पर उपलब्ध नहीं कराई जा सकी।
मिलरों पर बढ़ा आर्थिक नुकसान का खतरा
लॉट रिजेक्शन के बाद सबसे बड़ी चिंता उन मिलरों की है, जिन्होंने बड़ी मात्रा में CMR चावल तैयार कर रखा है। यदि तैयार माल गुणवत्ता जांच में लगातार रिजेक्ट होता है तो मिलरों को परिवहन, भंडारण और दोबारा मिलिंग सहित अन्य स्तरों पर अतिरिक्त आर्थिक भार उठाना पड़ सकता है।
मिलरों की मांग है कि प्रशासन और संबंधित विभाग CMR चावल की गुणवत्ता जांच और लॉट रिजेक्शन के मानकों को स्पष्ट रूप से सार्वजनिक करें, ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे और नियमों के अनुरूप ही चावल तैयार कर एफसीआई में जमा कराया जा सके।
वहीं, FCI की ओर से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए गुणवत्तापूर्ण चावल सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित मानकों का पालन कराया जाना आवश्यक है। ऐसे में पूरे मामले में गुणवत्ता मानकों और रिजेक्शन के आधार को लेकर विभागीय स्तर पर स्पष्टता सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
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