गूंजा सैला नृत्य का उल्लास, 40 से 45 टीमों ने दी शानदार प्रस्तुतियां
पारंपरिक वेशभूषा और लोकवाद्य के साथ कलाकारों ने बिखेरा संस्कृति का रंग, सरंगापुर की टीम ने जीता प्रथम पुरस्कार
Seoni, 28 September 2026
सिवनी / कान्हीवाड़ा यशो: सिवनी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत खामखरेली में मूलनिवासी परंपरागत जन जागृति समिति के तत्वावधान में भव्य सैला नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामवासियों का विशेष सहयोग रहा। बड़ी संख्या में महिलाओं एवं ग्रामीणजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पारंपरिक संस्कृति और लोककला को बढ़ावा दिया।
40 से 45 टीमों ने लिया हिस्सा
प्रतियोगिता में लगभग 40 से 45 सैला नृत्य टीमों ने हिस्सा लिया। विभिन्न ग्रामों से पहुंची टीमों ने पारंपरिक वेशभूषा, लोकवाद्य यंत्रों और मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। देर तक चले कार्यक्रम में पूरा परिसर पारंपरिक लोकधुनों और सैला नृत्य की थाप से गूंजता रहा।
सरगापुर की टीम ने जीता प्रथम पुरस्कार
प्रतियोगिता में सरगापुर की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम पुरस्कार अपने नाम किया। टीम की शानदार प्रस्तुति पर उपस्थित दर्शकों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। अन्य टीमों ने भी अपनी पारंपरिक कला और नृत्य कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।
प्रमुख अतिथियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि ईश्वरदयाल वरकड़े, कार्यक्रम संरक्षक महेश मार्सकोले, मंच संचालक भारत इनवाती एवं निर्णायक हजारी लाल उईके प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
वहीं विशिष्ट अतिथि एवं मार्गदर्शक गया प्रसाद कुमरे सहित मानक सिंह कुशराम, धर्मेंद्र इरपची, बहादुर सिंह, राजा उईके, मेर सिंह परते, सियाराम, संदीप उईके, बबलेश ठाकुर, राजू परते एवं दशरथ काकोदिया सहित अन्य गणमान्यजन मौजूद रहे।
संस्कृति और परंपरा को सहेजने का प्रयास
आयोजकों ने कहा कि सैला नृत्य जैसे पारंपरिक आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की पहचान हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से पारंपरिक लोककला को जीवंत रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपरा और लोक विरासत से जोड़ने का अवसर मिलता है।
प्रतियोगिता में शामिल विभिन्न ग्रामों की टीमों ने अपनी कला और प्रस्तुति के माध्यम से ग्रामीण अंचल की सांस्कृतिक विविधता की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
सैला की थाप से गूंजा खामखरेली
खामखरेली में आयोजित इस भव्य सैला नृत्य प्रतियोगिता ने पूरे क्षेत्र में उत्साह और उमंग का वातावरण बना दिया। विभिन्न ग्रामों से आई टीमों की सहभागिता और ग्रामीणों के उत्साह ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
आयोजन ने सांस्कृतिक एकता, पारंपरिक लोककला के संरक्षण और अपनी जड़ों से जुड़े रहने का सुंदर संदेश दिया।
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