सनातन चेतना, राष्ट्रबोध और सामाजिक जागरण का ऐतिहासिक उद्घोष
Seoni 27 January 2026
सिवनी यशो। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष जैसे ऐतिहासिक अवसर पर सिवनी नगर के राजश्री पैलेस में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हिंदू समाज के आत्मबोध, स्वाभिमान और भविष्य की रक्षा का स्पष्ट उद्घोष बनकर उभरा।
सम्मेलन में देश के प्रखर संत स्वामी प्रज्ञानानंद जी महाराज,
सुप्रीम कोर्ट के निर्भीक अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय तथा
मातृशक्ति वक्ता श्रीमती सरिता आंधवान ने हजारों की संख्या में उपस्थित जनसमुदाय को राष्ट्र, धर्म और समाज के मूल प्रश्नों पर झकझोर देने वाला संदेश दिया।
[caption id="attachment_40858" align="alignright" width="300"] राजश्री पैलेस, सिवनी में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय एवं संत स्वामी प्रज्ञानानंद जी महाराज।[/caption]
“सनातन सत्ता नहीं, विचार की विजय चाहता है” – स्वामी प्रज्ञानानंद जी
स्वामी प्रज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि भारत धर्मप्रधान राष्ट्र है और सनातन की विजय पताका फहराने का उद्देश्य किसी देश या सत्ता पर अधिकार करना नहीं,
बल्कि विचार के माध्यम से विश्व कल्याण है।उन्होंने स्पष्ट कहा कि—
“धर्म की जय, गौ माता की रक्षा और समाज का कल्याण—यही सनातन का उद्देश्य है।”
स्वामी जी ने जातिवाद के नाम पर समाज में ज़हर घोलने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि-
वर्ण व्यवस्था समाज संचालन की प्रणाली थी,
न कि नफरत की संरचना,
लेकिन आज उसे समाज को तोड़ने का औज़ार बनाया जा रहा है।
उन्होंने हिंदू समाज से एकजुट और सजग रहने का आह्वान किया।
[caption id="attachment_40856" align="alignright" width="169"] राजश्री पैलेस, सिवनी में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय एवं संत स्वामी प्रज्ञानानंद जी महाराज।[/caption]
“लव जिहाद में रोज़ हज़ारों बेटियाँ गायब” – अश्विनी उपाध्याय
सम्मेलन के मुख्य वक्ता सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने अत्यंत तीखे शब्दों में देश की कानून व्यवस्था पर प्रहार करते हुए कहा—
“देश में लव जिहाद जैसी घटनाओं से हर दिन हज़ारों युवतियों का शोषण हो रहा है। पाँच हज़ार गायब युवतियों में से दबाव डालने पर सिर्फ़ पंद्रह सौ मिलती हैं, बाकी साढ़े तीन हज़ार कहाँ जाती हैं—इसका जवाब किसी के पास नहीं।”
उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलता है,
लेकिन सड़ी हुई कानून व्यवस्था और भ्रष्ट सिस्टम ने अव्यवस्थाओं को जन्म दिया है।
[caption id="attachment_40854" align="aligncenter" width="300"] राजश्री पैलेस, सिवनी में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय एवं संत स्वामी प्रज्ञानानंद जी महाराज।[/caption]
“जब तक डॉक्टर बदलेंगे, बीमारी खत्म नहीं होगी। बीमारी खत्म होगी दवा बदलने से—और दवा है कानून।”
अश्विनी उपाध्याय ने चीन और जापान का उदाहरण देते हुए कहा कि-
वहाँ आतंकी घटनाएँ और लव जिहाद इसलिए नहीं होते क्योंकि वहाँ कड़े और स्पष्ट कानून हैं,
जबकि भारत में ढुलमुल व्यवस्था अपराधियों को संरक्षण देती है।
[caption id="attachment_40857" align="aligncenter" width="300"] राजश्री पैलेस, सिवनी में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय एवं संत स्वामी प्रज्ञानानंद जी महाराज।[/caption]
“परिवर्तन घर से शुरू होगा” – सरिता आंधवान
मातृशक्ति वक्ता श्रीमती सरिता आंधवान ने नारी को संस्कारों की प्रथम पाठशाला बताते हुए कहा कि-
समाज में परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति माताओं के हाथ में है।उन्होंने कहा कि—
बच्चों को संस्कार सिखाना
भोजन मंत्र, बड़ों का सम्मान
भाषा, वेशभूषा और आचरण पर ध्यान
पाश्चात्य संस्कृति के अंधानुकरण से बचाव
पर्यावरण संरक्षण
ये छोटे प्रयास सुदृढ़ और संस्कारित समाज की नींव रखते हैं।
[caption id="attachment_40855" align="aligncenter" width="300"] राजश्री पैलेस, सिवनी में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय एवं संत स्वामी प्रज्ञानानंद जी महाराज।[/caption]
भव्य आयोजन, सांस्कृतिक गरिमा
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता,
गौ माता और कन्या पूजन के साथ हुआ।
वंदे मातरम्, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ,
राष्ट्रगान और समरसता भोज के साथ यह ऐतिहासिक सम्मेलन संगठन,
संस्कार और संकल्प का जीवंत प्रतीक बना।
https://www.youtube.com/watch?v=1aQvNcpMze8