हाईकोर्ट का डबल एक्शन: छिंदवाड़ा SP और पन्ना कलेक्टर के खिलाफ NBW
आदेश की अनुपालन रिपोर्ट नहीं हुई पेश, न्यायालय में प्रभावी उपस्थिति भी नहीं; पन्ना कलेक्टर को 30 सितंबर और छिंदवाड़ा SP को 1 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से पेश कराने के निर्देश
MP हाईकोर्ट का डबल एक्शन: छिंदवाड़ा SP और पन्ना कलेक्टर पर NBW
Jabalpur 23 September 2026
जबलपुर। यशो:- मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने न्यायालयीन आदेशों के अनुपालन से जुड़े दो अलग-अलग अवमानना मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए छिंदवाड़ा पुलिस अधीक्षक अजय पांडे और पन्ना कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किए हैं। दोनों मामलों में संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए वारंट जारी करने का आदेश दिया गया है।
हाईकोर्ट की इस कार्रवाई से साफ है कि न्यायालय के आदेशों के पालन को लेकर चल रही अवमानना कार्यवाही में अब अदालत ने सख्त कदम उठाया है।
छिंदवाड़ा SP अजय पांडे के खिलाफ NBW
छिंदवाड़ा एसपी अजय पांडे से जुड़ा मामला न्यायालय के पूर्व आदेश के अनुपालन से संबंधित अवमानना याचिका का है। प्रकरण में कोर्ट की ओर से पहले आदेश जारी किए जाने के बावजूद अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने और न्यायालयीन कार्यवाही में प्रभावी उपस्थिति नहीं होने को लेकर मामला आगे बढ़ा।
हाईकोर्ट की एकलपीठ ने मामले में सख्ती बरतते हुए अजय पांडे के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। साथ ही उन्हें 1 अक्टूबर 2026 को हाईकोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश कराने के निर्देश दिए गए हैं।
वारंट की तामीली सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी जबलपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक को दी गई है।
यह मामला सीता तिवारी की ओर से दायर अवमानना याचिका से संबंधित है। प्रकरण में उनके दिवंगत पति संतोष तिवारी से जुड़े मामले में पूर्व न्यायालयीन आदेश के अनुपालन को लेकर सवाल उठे थे।
पन्ना कलेक्टर उषा परमार पर भी हाईकोर्ट सख्त
इसी क्रम में पन्ना कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ भी हाईकोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी किया है।
यह मामला सेवानिवृत्त सेक्शन ऑफिसर जाविन आरा रिजवी की अवमानना याचिका से जुड़ा है। प्रकरण में हाईकोर्ट ने पूर्व में कलेक्टर को संबंधित अभ्यावेदन पर निर्धारित अवधि में निर्णय लेने के निर्देश दिए थे।
बाद में आदेश के अनुपालन को लेकर अवमानना कार्यवाही शुरू हुई। सुनवाई के दौरान अनुपालन की स्थिति और न्यायालयीन प्रक्रिया को लेकर संतोषजनक स्थिति सामने नहीं आने पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया।
कोर्ट ने पन्ना कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें 30 सितंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से हाईकोर्ट में पेश कराने के निर्देश दिए हैं। वारंट की तामीली की जिम्मेदारी पन्ना एसपी को सौंपी गई है।
दो दिन, दो बड़े अधिकारी और हाईकोर्ट का सख्त संदेश
दो अलग-अलग मामलों में हाईकोर्ट की यह कार्रवाई न्यायालयीन आदेशों के अनुपालन के महत्व को रेखांकित करती है। दोनों मामलों में कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए गैर-जमानती वारंट जारी किए हैं।
अब 30 सितंबर को पन्ना कलेक्टर उषा परमार और उसके अगले दिन 1 अक्टूबर को छिंदवाड़ा एसपी अजय पांडे की हाईकोर्ट में पेशी होगी।
अगली सुनवाई में कोर्ट के समक्ष यह स्पष्ट होगा कि पूर्व आदेशों के अनुपालन की स्थिति क्या है और संबंधित अधिकारियों की ओर से क्या स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जाता है।
हालांकि, गैर-जमानती वारंट जारी होना अपने आप में किसी अधिकारी की अंतिम दोषसिद्धि नहीं है। दोनों मामले न्यायालय के पूर्व आदेशों के अनुपालन और अवमानना कार्यवाही से संबंधित हैं।
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