“आरक्षण पर बवाल: कांग्रेस पर महिलाओं के हक दबाने का आरोप”
“सांसद भारती पारधी का तीखा प्रहार, बोलीं—देश माफ नहीं करेगा”
महिला आरक्षण 33 प्रतिशत – नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर घमासान: सांसद भारती पारधी ने विपक्ष पर महिलाओं के हक पर कुठाराघात का लगाया आरोप
Seoni 24 April 2026
सिवनी यशो:- जिला भाजपा कार्यालय सिवनी में आयोजित प्रेस वार्ता में बालाघाट लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती भारती पारधी ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकसभा में हालिया घटनाक्रम केवल संसदीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों पर सीधा प्रहार है।
सांसद पारधी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, समाजवादी पार्टी और उनके सहयोगियों के “महिला विरोधी गठबंधन” ने 131वें संविधान संशोधन विधेयक को प्रभावी बनने से रोककर अपनी वास्तविक मानसिकता उजागर कर दी है। उन्होंने कहा कि यह कदम करोड़ों महिलाओं के अधिकारों और उनके भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।

यह भी पढ़े :- शिकारा-रामटेक नई रेल लाइन की मांग को लेकर रेल विकास समिति सक्रिय, सांसद भारती पारधी को सौंपा ज्ञापन
“विपक्ष का जश्न, हर महिला का अपमान”
सांसद पारधी ने कहा कि महिला आरक्षण 33 प्रतिशत देने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम था, जिसे विपक्ष ने राजनीतिक स्वार्थों के कारण रोक दिया।
उन्होंने कहा, “विपक्ष का जश्न देश की हर महिला का अपमान है। यह लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी को टालने की सोची-समझी रणनीति है।”

प्रियंका वाड्रा के बयान पर तीखा सवाल
सांसद पारधी ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं के लिए “इस्तेमाल” जैसे शब्दों का प्रयोग भारतीय संस्कृति और नारी सम्मान के विरुद्ध है।
उन्होंने कहा, “जिस देश में नारी को दुर्गा, काली, सरस्वती और लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है, वहां इस प्रकार की सोच अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।”
यह भी पढ़े :- *भाजपा ने की प्रियंका गांधी, कमलनाथ और कांग्रेस नेताओं की क्राइम ब्रांच में शिकायत*
दक्षिण भारत को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप
सांसद पारधी ने स्पष्ट किया कि इस विधेयक से दक्षिण भारत के राज्यों को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि विपक्ष जानबूझकर परिसीमन को लेकर भ्रम फैला रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा और किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा।
यह भी पढ़े :- सिवनी का जम्बो सीताफल राष्ट्रीय पहचान की दहलीज पर — सांसद भारती पारधी ने लोकसभा में उठाई ऐतिहासिक माँग
परिसीमन का उद्देश्य: विकास और बेहतर प्रतिनिधित्व
सांसद ने कहा कि इस विधेयक को परिसीमन के साथ जोड़ने के पीछे मुख्य उद्देश्य लोकसभा और विधानसभाओं की सीटों की संख्या बढ़ाना है, ताकि
- क्षेत्रों का विकास तेजी से सुनिश्चित हो सके
- जनता को बेहतर और संतुलित प्रतिनिधित्व मिल सके
- महिलाओं को अधिक अवसर और भागीदारी प्राप्त हो
उन्होंने कहा कि आज के दौर में बढ़ती जनसंख्या और विकास की जरूरतों को देखते हुए यह एक आवश्यक कदम है।
यह भी पढ़े :- मोदी जी के 11 वर्ष पूर्ण होने पर संकल्प से सिद्धि कार्यक्रम हेतु भाजपा की कार्यशाला 06 जून को
भाजपा का संकल्प: हर हाल में लागू होगा महिला आरक्षण
सांसद पारधी ने दो टूक कहा कि भारतीय जनता पार्टी महिला आरक्षण 33 प्रतिशत विधेयक को लागू कराने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण केवल नारा नहीं, बल्कि ठोस कार्यों के माध्यम से सिद्ध किया गया है।
भाजपा ने गिनाईं उपलब्धियां
भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती मीना बिसेन ने कहा कि
- महिला आरक्षण 33 प्रतिशत का मार्ग भाजपा सरकार ने प्रशस्त किया
- कांग्रेस ने दशकों तक केवल वादे किए
- शौचालय, जनधन खाते और स्वास्थ्य सुविधाओं से महिलाओं का जीवन बदला
“70 करोड़ महिलाएं देंगी जवाब”
सांसद पारधी ने कहा कि देश की महिलाएं इस पूरे घटनाक्रम को देख रही हैं और समय आने पर इसका जवाब देंगी।
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण 33 प्रतिशत यह मुद्दा अब केवल संसद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जन-जन का विषय बनेगा।
प्रेस वार्ता में उपस्थित रहे
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती मीना बिसेन, पूर्व सांसद श्रीमती नीता पटेरिया, जिला महामंत्री संतोष अग्रवाल एवं गजानंद पंचेश्वर, जिला उपाध्यक्ष आनंद शर्मा एवं संतोष नगपुरे, जनभागीदारी समिति अध्यक्ष अजय बाबा पांडे, मनोज मर्दन त्रिवेदी सहित प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार उपस्थित रहे।
https://www.bichhu.com/state-news/congressmen-insulted-women-like-kauravas-in-parliament-cm/





