देश विदेशमध्यप्रदेशसिवनी

मानवाधिकार की राष्ट्रीय आवाज़ बनारस में गूंजी, बरघाट–सिवनी के प्रतिनिधियों की गरिमामय उपस्थिति

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन की अहम बैठक में हाईकोर्ट जज, जिला जज और देशभर के पदाधिकारी हुए शामिल

Seoni 19 December 2025

बरघाट यशो:- विगत दिवस उत्तरप्रदेश के चंदौली जिले (बनारस) में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में न्यायिक, प्रशासनिक एवं सामाजिक क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित हस्तियों की गरिमामय उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में इलाहाबाद हाईकोर्ट के माननीय न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव, चंदौली जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर कुमार चतुर्वेदी, रेलवे के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट माननीय श्री अरुण कुमार गुप्ता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं की रही सहभागिता

बैठक में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश सिंह तोमर, हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री भार्गव, राष्ट्रीय महिला प्रमुख डॉ. मधु सिंह चौहान तथा अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन की डायरेक्टर श्रीमती सुषमा सिंह विशेष रूप से मौजूद रहीं।

इसके साथ ही छिंदवाड़ा जिले के जिलाध्यक्ष प्रशांत नायक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव नागवंशी, सिवनी जिले के जिला संयोजक  ध्रुवनारायण चौधरी, अधिवक्ता नवीन नागभिरे, उज्जैन जिलाध्यक्ष  रामचरण शर्मा एवं जिला महामंत्री दयानंद शर्मा ने भी बैठक में सहभागिता की।

मानवाधिकार संरक्षण पर हुआ गहन मंथन

बैठक में मानवाधिकार संरक्षण,

सामाजिक न्याय,

विधिक जागरूकता,

महिलाओं एवं

कमजोर वर्गों के अधिकारों को सशक्त बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

वक्ताओं ने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा लोकतंत्र की आत्मा है

और इसके लिए समाज के हर वर्ग को जागरूक और संवेदनशील होना आवश्यक है।

देशभर से पदाधिकारी हुए शामिल

इस अवसर पर उत्तरप्रदेश के विभिन्न जिलों से आए अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन के पदाधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

सभी ने संगठन के उद्देश्यों को जमीनी स्तर तक पहुँचाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।

चंदौली में आयोजित यह बैठक मानवाधिकार संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है,

जिसमें न्यायपालिका, अधिवक्ता वर्ग और

सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक मंच पर आकर संविधानिक मूल्यों और

मानव गरिमा की रक्षा का संदेश दिया।

https://www.jagran.com/lifestyle/festivals-why-human-rights-day-is-celebrated-every-year-on-10th-december-read-what-is-its-significance-and-history-23845412.html

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!