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मनरेगा पर सियासी संग्राम, गांधी के नाम पर कांग्रेस का सड़क से सदन तक विरोध

नाम बदलने के खिलाफ सिवनी में प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन

Seoni 21 December 2025
सिवनी यशो:- केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने और इसके स्वरूप में बदलाव के प्रस्ताव के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी सिवनी ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने जिला प्रशासन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि रोजगार गारंटी योजना से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाने का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए।

“महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के नाम परिवर्तन के खिलाफ ज्ञापन सौंपते कांग्रेस नेता सिवनी”
मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए।

जनकल्याणकारी कानून को कमजोर करने का आरोप

ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि –

यूपीए सरकार द्वारा लागू किया गया मनरेगा कानून ग्रामीण गरीबी कम करने, पलायन रोकने और अकुशल श्रमिकों को न्यूनतम 100 दिन का वैधानिक रोजगार देने की ऐतिहासिक पहल थी।
केंद्र सरकार द्वारा लाया गया “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (जीरामजी) विधेयक 2025” रोजगार गारंटी कानून की आत्मा को कमजोर करता है।

“मनरेगा ने गांव में काम दिया, सरकार नाम मिटा रही” – नरेश मरावी

धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष नरेश मरावी ने कहा—

“भारत एक कृषिप्रधान देश है। मनरेगा ने गांव में रहकर काम करने का अधिकार दिया। अब योजना का नाम बदलकर और आर्थिक जिम्मेदारी राज्यों पर डालकर मजदूरों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।”

“गांधी के नाम के नारे, मजदूरों के अधिकार छीने” – राजा बघेल

प्रदेश कांग्रेस महामंत्री राजा बघेल ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार एक ओर गांधी के नाम पर बातें करती है, वहीं दूसरी ओर करोड़ों ग्रामीण मजदूरों के अधिकार कमजोर कर रही है।
उन्होंने इसे राजनीतिक पूर्वाग्रह और जनविरोधी नीति करार दिया।

“जनकल्याणकारी योजनाओं पर हमला” – राजकुमार खुराना

पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार खुराना ने कहा कि-

स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस द्वारा शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को भाजपा सरकार निशाना बना रही है,

जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक न्याय को नुकसान पहुंच रहा है।

केंद्र का अंश घटा, राज्यों पर बढ़ेगा बोझ

मंच संचालन करते हुए शिव सनोडिया ने बताया कि –

पहले मनरेगा में केंद्र की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत थी, जिसे घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है।

इससे राज्यों पर आर्थिक भार बढ़ेगा और रोजगार का कानूनी अधिकार कमजोर होगा।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने थामा कांग्रेस का दामन

धरना प्रदर्शन के दौरान भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता धीरज ठाकुर एवं

आकाश विश्वकर्मा ने कांग्रेस की नीतियों से प्रभावित होकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

https://www.satyahindi.com/india/mahatma-gandhis-name-removed-from-mgnrega-india-bloc-protests-against-this-149995.html

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