मुंगवानी रोड पर महिलाओं का चक्काजाम, हनुमान चालीसा पाठ से गूंजा धरनास्थल; विधायक दिनेश राय मुनमुन ने की मुलाकात, वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा का दिया आश्वासन। नेता प्रतिपक्ष का कलेक्टर को लिखा पत्र सोशल मीडिया पर वायरल
Seoni, 31 October 2026
सिवनी यशो:- मरघट यानी मोक्षधाम के समीप शराब दुकान खोलने का मामला अब जनआक्रोश से लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों तक पहुंच गया है। शराब दुकान के लिए तीन बार स्थान बदले जाने के बावजूद विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुंगवानी रोड पर शुक्रवार को क्षेत्रवासियों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा। महिलाओं ने मोर्चा संभालते हुए सड़क पर धरना दिया और हनुमान चालीसा का पाठ कर शराब दुकान के संचालन के खिलाफ आवाज बुलंद की।
कई घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बीच सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन भी धरनास्थल पर पहुंचे और आंदोलनरत महिलाओं से मुलाकात की। उन्होंने महिलाओं को आश्वस्त किया कि वे इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करेंगे और समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।

विधायक की इस पहल से आंदोलन के बीच समाधान की उम्मीद जरूर बनी है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि आखिर तीन स्थानों पर विरोध झेलने के बाद भी शराब दुकान को लेकर विवाद क्यों लगातार बढ़ रहा है? स्थानीय नागरिकों की आपत्तियों और जनभावनाओं को देखते हुए प्रशासन अब क्या निर्णय लेता है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
विधायक मुनमुन ने धरनास्थल पर पहुंचकर सुनी महिलाओं की बात
मुंगवानी रोड पर धरने पर बैठी महिलाओं से विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन ने मुलाकात कर उनकी आपत्तियां सुनीं। महिलाओं ने शराब दुकान के संचालन को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। विधायक ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर इस समस्या का समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। आंदोलन के दौरान विधायक का धरनास्थल पहुंचना इस पूरे मामले का महत्वपूर्ण घटनाक्रम रहा।
पूर्व सांसद नीता पटेरिया और आनंद पंजवानी भी आंदोलन में शामिल
आंदोलन में पूर्व सांसद श्रीमती नीता पटेरिया ने भी पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। भाजपा नेता आनंद पंजवानी ने भी धरने में शामिल होकर शराब दुकान के विरोध में अपना पक्ष रखा। उल्लेखनीय है कि आनंद पंजवानी पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे थे और अब भाजपा में हैं। इस तरह शराब दुकान के विरोध में अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि के लोगों की सहभागिता भी देखने को मिली।
नेता प्रतिपक्ष का कलेक्टर को पत्र सोशल मीडिया पर वायरल
शराब दुकान को लेकर जारी विरोध के बीच मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष द्वारा जिला कलेक्टर सिवनी को लिखा गया पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 31 अक्टूबर 2026 को जारी इस पत्र में भैरोगंज, सिवनी में प्रस्तावित शराब दुकान के स्थल को लेकर स्थानीय महिलाओं और नागरिकों की आपत्तियों का उल्लेख किया गया है।
पत्र में कहा गया है कि प्रस्तावित स्थल के आसपास ब्रह्माकुमारी आश्रम, छात्रावास और रिहायशी क्षेत्र स्थित हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कलेक्टर से प्रकरण की जांच कर स्थानीय नागरिकों की आपत्तियों पर विचार करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा की गई कार्रवाई से अपने कार्यालय को अवगत कराने का आग्रह किया है। पत्र के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शराब दुकान के स्थल को लेकर चल रहा विवाद और चर्चा में आ गया है।
महिलाओं का धरना, हनुमान चालीसा पाठ और सड़क पर जाम
दोपहर में क्षेत्र की महिलाएं सड़क पर धरने पर बैठ गईं और हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कारण मुंगवानी रोड पर कई घंटे तक यातायात बाधित रहा। एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को निकलने दिया गया, जबकि बसें और भारी वाहन जाम में फंसे रहे।
प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने शराब दुकान के अंदर से शराब की बोतलों के कार्टन और अन्य सामग्री बाहर निकालकर आग के हवाले कर दिया। दुकान की खिड़कियों के कांच तोड़े गए और सीसीटीवी कैमरों को भी नुकसान पहुंचाया गया।
पुलिस-राजस्व अधिकारियों की समझाइश पर समाप्त हुआ प्रदर्शन
कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी ने बताया कि प्रदर्शनकारी कई घंटे तक मौके पर जमा रहे। दुकान के कांच और सीसीटीवी कैमरों को नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी व्यक्ति के साथ मारपीट या चोट लगने की सूचना नहीं है। पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों की समझाइश के बाद लोगों ने प्रदर्शन समाप्त किया। फिलहाल मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
तीन स्थानों पर विरोध, अब समाधान की प्रतीक्षा
शराब दुकान को तीन अलग-अलग स्थानों पर स्थानांतरित किए जाने के बावजूद हर जगह विरोध सामने आना प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। एक ओर मुंगवानी रोड पर महिलाएं और स्थानीय नागरिक विरोध कर रहे हैं, दूसरी ओर भैरोगंज में प्रस्तावित स्थल को लेकर भी आपत्तियां सामने आई हैं।
विधायक दिनेश राय मुनमुन द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर समाधान निकालने का आश्वासन और नेता प्रतिपक्ष के पत्र के बाद अब क्षेत्रवासियों को प्रशासन के निर्णय का इंतजार है। सवाल साफ है—क्या जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस विवाद का स्थायी समाधान निकलेगा?