सिवनी के आभाष रहांगडाले: सातवें प्रयास में भारतीय सेना के अधिकारी बने
IIT पैकेज ठुकराकर चुनी देशसेवा की राह, युवाओं के लिए प्रेरणादायी संदेश
Seoni 10 September 2025
सिवनी यशो:- सिवनी जिले के होनहार युवा आभाष रहांगडाले ने सातवें प्रयास में भारतीय सेना में अधिकारी (लेफ्टिनेंट) बनकर असाधारण सफलता हासिल की है। 6 सितम्बर को ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकैडमी (OTA), गया से कठोर सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें भारतीय सेना में राजपत्रित अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त हुआ। उनकी यह उपलब्धि पूरे जिले के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय बन गई है।
शिक्षा से सेवा तक का सफर
आभाष ने स्नातक की पढ़ाई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), भोपाल से की और GATE परीक्षा में 291वीं रैंक हासिल कर IIT खड़गपुर में M.Tech में प्रवेश पाया। उन्हें 16 लाख वार्षिक का पैकेज ऑफर हुआ, लेकिन उन्होंने कॉर्पोरेट करियर छोड़कर देश सेवा की राह चुनी।
छह बार असफलता, सातवीं बार सफलता
भारतीय सेना में अधिकारी बनने के प्रयास में आभाष को छह बार असफलता का सामना करना पड़ा।
लेकिन हार मानने के बजाय उन्होंने लगातार प्रयास जारी रखा और सातवें प्रयास में सफलता अर्जित की।
शिक्षक माता-पिता से मिले संस्कार
आभाष के पिता दिकपाल सिंह रहांगडाले और माता श्रीमती रेवंता रहांगडाले दोनों ही शिक्षक हैं।
माता-पिता से मिले संस्कारों ने उन्हें सिखाया कि असली सफलता पैसे या पद में नहीं, बल्कि समाज और देश की सेवा में है।
कलेक्टर संस्कृति जैन से आत्मीय भेंट
सेना में अधिकारी बनने के बाद 10 सितम्बर को आभाष ने कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन से मुलाकात की। कलेक्टर ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि-
यह उपलब्धि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है।
इस दौरान उन्होंने “गिफ्ट अ डेस्क” मुहिम की जानकारी भी दी, जिस पर आभाष ने सहयोग का आह्वान किया।
युवाओं के लिए संदेश
लेफ्टिनेंट आभाष रहांगडाले ने युवाओं से कहा—
“असफलताएँ बार-बार आईं लेकिन जुनून ने मुझे हर बार खड़ा किया।
अगर आपके सपनों में देश है, तो हार का डर निकाल दो।
सफलता देर से मिलेगी, पर जब मिलेगी तो समाज के लिए प्रेरणा बनेगी।”
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