देवी के गले से मंगलसूत्र चोरी करने वाला आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा
आरोपी ने जुर्म कबूला, और बताया कि उसने मंदिर एवं एक घर में चोरी की है
Seoni 08 September 2025
सिवनी यशो:- घंसौर थाना क्षेत्र में चोरी की घटित दो घटनाओं के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है इस मामले की जानकारी देते हुये बताया गया है कि चोर ने मंदिर में स्थापित देवी के गले से मंगलसूत्र सहित अन्य सामग्री एवं घरों में चोरी की थी। यह जुर्म पुलिस की पूछतांछ में आरोपी स्वयं कबूला है ।
घटित घटनाक्रम के संबंध में बताया गया है कि दिनांक 20 अगस्त 2025 की दरम्यानी रात ग्राम बरीदामाल स्थित रमेश कुमारी गोल्हानी के निजी सिद्धेश्वरी मंदिर में अज्ञात चोर ने दरवाजे का ताला तोड़कर मूर्ति के गले से मंगलसूत्र और दान पेटी से नगदी चोरी कर ली थी।
इसी प्रकार 11 जुलाई 2025 को ग्राम कहानी में यश गोल्हानी की किराना दुकान का शटर तोड़कर गल्ले में रखे 15,000 रुपये चोरी कर लिए गए थे।
दोनों मामलों में अज्ञात चोरों के विरुद्ध धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया।
आरोपी ने कबूला जुर्म
थाना घंसौर क्षेत्र में बढ़ती चोरी की घटनाओं को देखते हुए मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने संदेही कमलेश पिता फूल सिंह पटेल (लोधी), उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम बम्होडी थाना घंसौर को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साले रामकुमार पटेल निवासी सरईटोला थाना केवलारी और रिश्तेदार सत्यम पटेल निवासी बम्हानवाड़ा थाना घंसौर के साथ मिलकर दोनों चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की।
आरोपी कमलेश से मंदिर से चोरी किया गया सोने का मंगलसूत्र बरामद कर लिया गया है। उसे दिनांक 8 सितंबर 2025 को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। शेष दो आरोपियों की तलाश जारी है तथा उनसे चोरी किया गया अन्य सामान बरामद किया जाएगा।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि-
जिले में चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने हेतु-
पुलिस अधीक्षक सिवनी सुश्री सिमाला प्रसाद ने सभी थाना प्रभारियों को विशेष निर्देश दिए थे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा एवं
एसडीओपी घंसौर श्रीमती नम्रता सोंधिया के
मार्गदर्शन में घंसौर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चोरी के एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।
गिरफ्तारी में रही पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में निरीक्षक एल. एस. झारिया,
सउनि महेश सहारे,
प्रआर 329 संतोष उईके,
आर 326 भवन मरावी,
आर 672 राजा पवार एवं आर विवेक बाथरे की महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही।



