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2027 होगा युवा वर्ष! लाल परेड ग्राउंड से CM मोहन यादव के बड़े ऐलान, रोजगार-स्टार्टअप से GYANII मिशन तक MP का नया रोडमैप

‘बिजली गुल’ से ‘बिजली फुल’ तक… लाल परेड ग्राउंड से CM मोहन यादव ने गिनाया MP के विकास का रोडमैप

2027 युवा वर्ष मध्यप्रदेश, लाल परेड ग्राउंड पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने फहराया तिरंगा

Bhopal 16 August 2026

भोपाल यशो :- मध्यप्रदेश में 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति, उत्साह और गौरव के वातावरण में मनाया गया। राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी। ध्वजारोहण से पहले राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का गायन हुआ, जबकि ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान जन-गण-मन की धुन गूंजी। मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया और जवानों की सलामी ली। सशस्त्र दलों ने हर्ष फायर किया और पुलिस बैंड की देशभक्ति से ओतप्रोत धुनों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रप्रेम से भर दिया।

80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल परेड ग्राउंड में तिरंगा फहराते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ऐलान: 2027 युवा वर्ष मध्यप्रदेश
CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान: 2027 युवा वर्ष मध्यप्रदेश, हर साल 1 लाख से ज्यादा रोजगार का लक्ष्य

परेड में पुलिस बैंड सहित कुल 22 टुकड़ियों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए सरकार की आगामी प्राथमिकताओं और मध्यप्रदेश के विकास का रोडमैप सामने रखा। अपने संबोधन में उन्होंने किसान, युवा, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, निवेश, उद्योग, सिंचाई, ऊर्जा, पर्यटन, अधोसंरचना, धर्म-संस्कृति और सुशासन सहित लगभग हर क्षेत्र की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का उल्लेख किया।

शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर वे प्रदेश के साढ़े आठ करोड़ नागरिकों की ओर से आजादी के सभी जननायकों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन करते हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश के वीर सपूतों रानी दुर्गावती, रानी अवंती बाई, महाराजा छत्रसाल, टंट्या मामा भील और चंद्रशेखर आजाद सहित अनेक महानायकों के योगदान को याद किया।

80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल परेड ग्राउंड में तिरंगा फहराते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ऐलान: 2027 युवा वर्ष मध्यप्रदेश
CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान: 2027 युवा वर्ष मध्यप्रदेश, हर साल 1 लाख से ज्यादा रोजगार का लक्ष्य

उन्होंने आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर बलिदान देने वाले पुलिस और हॉक फोर्स के जवानों को भी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे वीर जवानों के अदम्य साहस और बलिदान के कारण मध्यप्रदेश को नक्सल मुक्त प्रदेश बनाने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है।

राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन को बताया अविस्मरणीय

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार का स्वतंत्रता दिवस इसलिए भी अविस्मरणीय है, क्योंकि राष्ट्रीय पर्व पर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का गायन हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आधुनिक, विकसित, आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समृद्ध और गौरवशाली राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति समानता, समरसता और समभाव की संस्कृति है। भगवान श्रीराम से लेकर भगवान श्रीकृष्ण और संतों-महापुरुषों तक सभी ने समानता का संदेश दिया है।

80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल परेड ग्राउंड में तिरंगा फहराते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ऐलान: 2027 युवा वर्ष मध्यप्रदेश
CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान: 2027 युवा वर्ष मध्यप्रदेश, हर साल 1 लाख से ज्यादा रोजगार का लक्ष्य

मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संविधान की मूल भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता कानून लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता भेदभावपूर्ण व्यवहार को समाप्त करने और समाज में समरसता बढ़ाने के साथ महिलाओं को अत्याचार और अन्याय से मुक्ति दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक देश, एक विधान, एक प्रधान और एक निशान की भावना को धरातल पर उतारने की दिशा में सरकार काम कर रही है।

18 अगस्त से संत रविदास की 650वीं जयंती का उत्सव

मुख्यमंत्री ने कहा कि समरसता के संत गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती का उत्सव प्रदेशभर में 18 अगस्त 2026 से मनाया जाएगा। उन्होंने भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र वसुधैव कुटुम्बकम का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश वैश्विक स्तर पर भी अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत कर रहा है।

उन्होंने बताया कि जून 2026 में ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों एवं कृषि कार्य समूह तथा अगस्त 2026 में ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्रियों और ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की बैठकों की मेजबानी मध्यप्रदेश को मिली। इन आयोजनों से प्रदेश की वैश्विक पहचान को मजबूती मिली है।

80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल परेड ग्राउंड में तिरंगा फहराते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ऐलान: 2027 युवा वर्ष मध्यप्रदेश
CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान: 2027 युवा वर्ष मध्यप्रदेश, हर साल 1 लाख से ज्यादा रोजगार का लक्ष्य

‘न देरी, न दूरी’ के साथ जन विश्वास अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में लोक का तंत्र पर विश्वास ही सुशासन की पहली सीढ़ी है। इसी उद्देश्य से सरकार ने 7 अगस्त 2026 से मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान शुरू किया है। अभियान का मूल मंत्र ‘न देरी, न दूरी’ है।

उन्होंने बताया कि अभियान का पहला चरण 8 जनवरी 2027 तक चलेगा। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ आम नागरिकों तक समय पर पहुंचाना तथा उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान करना है।

4.38 लाख करोड़ रुपये का बजट

मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय में भी पिछले वर्ष की तुलना में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने त्रिवर्षीय रोलिंग बजट की अवधारणा को लागू किया है।

GYAN से GYANII तक—गरीब, युवा, नारी और किसान के साथ उद्योग व इंफ्रास्ट्रक्चर

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के GYAN मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीब, युवा, नारी और किसान के साथ मध्यप्रदेश ने इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर को जोड़ते हुए इसे GYANII के रूप में विस्तारित किया है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है और इसी सोच के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।

2026 किसान कल्याण वर्ष, खेतों को बताया देवस्थल

मुख्यमंत्री ने किसानों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि किसानों के खेत सरकार के लिए देवस्थल हैं और खेत से पैदा होने वाला प्रत्येक दाना प्रसाद के समान है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित कर किसानों की मेहनत और समर्पण को सम्मानित किया जा रहा है।

सरकार ने शासकीय योजनाओं के लिए कृषि भूमि के भू-अर्जन पर किसानों को चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लागू किया है। किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए नई ‘कवच’ योजना भी शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों के खातों में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई है।

सिंचित खेती बनेगी रोजगार का बड़ा माध्यम

मुख्यमंत्री ने युवाओं से खेती को भी रोजगार और उद्यमिता के अवसर के रूप में देखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सिंचित खेती रोजगार के बड़े साधन के रूप में उभर रही है।

उन्होंने युवाओं को उद्यानिकी फसलों की ओर बढ़ने की सलाह देते हुए संतरा, केला, अंगूर, सीताफल, सब्जी, मसाले, मखाना, ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट, गेंदा और गुलाब जैसी फसलों का उल्लेख किया।

मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मध्यप्रदेश को देश की मिल्क कैपिटल बनाने के संकल्प के साथ काम कर रही है। प्रदेश में दुग्ध संकलन लगभग 12 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच चुका है।

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से लखपति गौपालक दीदी योजना को प्रोत्साहित किया जा रहा है। नस्ल सुधार और बछिया पालन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

मत्स्य पालन नीति-2026 के तहत एक अंतरराष्ट्रीय कंपनी के साथ मध्यप्रदेश में 7,430 करोड़ रुपये के निवेश और बाय-बैक एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

2028-29 तक 100 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अंतिम छोर के अंतिम खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने 44,600 करोड़ रुपये की केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को मध्यप्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।

उन्होंने कहा कि स्लिमनाबाद टनल परियोजना की सफलता से नर्मदा के पानी से विंध्य क्षेत्र में हरियाली लाने का सपना साकार होने जा रहा है।

सरकार ने वर्ष 2028-29 तक प्रदेश की सकल सिंचाई क्षमता को 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

मृगनयनी ने बनाया नया रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मृगनयनी’ देश का ऐसा पहला सार्वजनिक उपक्रम बन गया है, जिसने प्रदेश के बुनकरों, कलाकारों और ओडीओपी उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया है।

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर प्रदेश में हैण्डलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत भी की गई है।

2027 होगा युवा वर्ष, रोजगार पर सबसे ज्यादा फोकस

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता दिवस के मंच से युवाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि वर्ष 2027 को मध्यप्रदेश में युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को निवेश और रोजगार वर्ष तथा 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। अब इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए 2027 को युवा वर्ष बनाया जाएगा।

युवाओं के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास के लिए सरकार ने सात प्रमुख स्तंभों वाली रणनीति तैयार की है। इसमें—

  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
  • कौशल विकास
  • उद्यमिता एवं स्वरोजगार
  • सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र में रोजगार
  • स्टार्टअप को सहयोग
  • खेल, कला, संस्कृति, शोध एवं अनुसंधान को प्रोत्साहन
  • नेतृत्व क्षमता विकास

को शामिल किया गया है।

85 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक 85 हजार से अधिक युवाओं की शासकीय सेवाओं में नियुक्तियां की जा चुकी हैं। आने वाले समय में प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

अगले एक वर्ष में एक लाख से अधिक युवाओं को आईटीआई के माध्यम से प्रशिक्षण तथा हर वर्ष 10 हजार युवाओं को ग्लोबल स्किल पार्क में कौशल प्रशिक्षण देने की योजना है।

सरकार प्रदेश में एक अलग प्लेसमेंट सेल भी बनाएगी, जो उद्योगों और सरकार के बीच कड़ी का काम करेगा।

10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले युवाओं पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले ढाई वर्षों में उन युवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो किसी कारण से 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाए अथवा 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ चुके हैं।

सरकार ऐसे युवाओं को हुनर और कौशल प्रदान कर रोजगार योग्य बनाएगी, ताकि वे मध्यप्रदेश के साथ-साथ देश और विदेश में भी रोजगार प्राप्त कर सकें।

प्रदेश में 8 हजार स्टार्टअप, 50 फीसदी की कमान महिलाओं के हाथ

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में लगभग 8 हजार स्टार्टअप संचालित हैं। इनमें करीब 50 प्रतिशत स्टार्टअप का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं।

सरकार ने आगामी ढाई वर्षों में स्टार्टअप की संख्या बढ़ाकर 12 हजार से अधिक करने और 100 नए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।

हर जिले में कम से कम एक इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने की योजना है। इसके साथ ही प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर को-वर्किंग स्पेस विकसित किए जाएंगे।

AI, ड्रोन और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की तकनीक को देखते हुए ड्रोन, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेसटेक और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में एमएसएमई की भागीदारी बढ़ाई जाएगी।

प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित न्यायालयीन मामलों के त्वरित निराकरण के लिए प्रदेश में चार फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।

34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में 34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं।

टेक सेक्टर में भी 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जमीन पर उतर चुका है। ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, जबलपुर और शिवपुरी में डिफेंस कॉरिडोर तथा धार में पीएम मित्र पार्क औद्योगिक विकास की नई तस्वीर पेश कर रहे हैं।

हर जिले में बनेगा एमएसएमई पार्क

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का विजन प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक एमएसएमई पार्क स्थापित करना है। इसके अलावा 10 एमएसएमई क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।

भोपाल में इंजीनियरिंग सेक्टर के लिए 30 करोड़ रुपये की लागत से नए केंद्र की स्थापना की जा रही है।

उन्होंने बताया कि ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट-2027 का आयोजन एक बार फिर भोपाल में किया जाएगा। इसके जरिए निवेश और रोजगार को नई गति मिलने की उम्मीद है।

हर जिले को निर्यात हब बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की सीमा भले ही समुद्र से नहीं लगती, लेकिन प्रदेश का संकल्प सात समंदर पार तक पहुंचने का है। सरकार ने प्रदेश के सभी 55 जिलों की निर्यात कार्य योजनाएं तैयार कर ली हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक जिले को निर्यात हब बनाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल, लोकल गोज ग्लोबल’ मंत्र के साथ मध्यप्रदेश की भावना है—‘गर्व से कहो, यह मध्यप्रदेश में बना है।’

बेटी से आती है घर में खुशहाली

महिला सशक्तिकरण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस घर में बेटी मुस्कुराती है, वहां खुशहाली आती है और जिस प्रदेश की नारी आगे बढ़ती है, वही प्रदेश नई कहानी लिखता है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना लगभग 1 करोड़ 25 लाख बहनों के जीवन को सशक्त बनाने का माध्यम बनी है। वहीं लाड़ली लक्ष्मी योजना से 53 लाख 55 हजार से अधिक बेटियां जुड़ी हैं।

मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा में बेटियों की बढ़ती भागीदारी पर भी खुशी जताई। उन्होंने बताया कि महाविद्यालयों में प्रत्येक 100 बेटों की तुलना में 171 बेटियां प्रवेश ले रही हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार, 2 चिकित्सा विश्वविद्यालय

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले तीन माह में 1 हजार नए डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है और अगले छह माह में एक हजार और डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी।

1 नवंबर 2026 से मरीजों की जांच को पेपरलेस बनाने की योजना है। इससे मरीज की मेडिकल जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगी और विशेषज्ञ डॉक्टरों का ऑनलाइन परामर्श भी उपलब्ध कराया जा सकेगा।

प्रदेश में एक और चिकित्सा विश्वविद्यालय खोलने का निर्णय लिया गया है, जिसके बाद प्रदेश में दो चिकित्सा विश्वविद्यालय होंगे। इसके साथ ही आठ नए आयुर्वेदिक महाविद्यालयों का निर्माण शुरू हो चुका है।

15 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में करीब 23 हजार करोड़ रुपये की लागत से 15 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण, उन्नयन और सुदृढ़ीकरण किया गया है।

इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर, इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर और उज्जैन-जावरा हाईवे पर काम आगे बढ़ रहा है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में रिंग रोड परियोजनाओं को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

भोपाल और इंदौर में मेट्रोपॉलिटन रीजन विकसित किए जा रहे हैं। भविष्य में जबलपुर और ग्वालियर को भी इसी तर्ज पर विकसित करने की योजना है।

सिंहस्थ-2028 की तैयारियां तेज

मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 के भव्य और दिव्य आयोजन की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। श्रद्धालुओं की आस्था को केंद्र में रखते हुए शिप्रा नदी के निर्मल जल और आवश्यक सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने विश्वास जताया कि 2028 का उज्जैन सिंहस्थ मध्यप्रदेश के आध्यात्मिक वैभव को पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा।

‘बिजली गुल’ से ‘बिजली फुल’ तक पहुंचा मध्यप्रदेश

ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अब ‘बिजली गुल’ के पुराने दौर से निकलकर ‘बिजली फुल’ के युग में पहुंच गया है।

बीते रबी मौसम में करीब 20 हजार मेगावाट और इस बार 21 हजार मेगावाट से अधिक बिजली की मांग की आपूर्ति की गई, जिसे उन्होंने ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

ग्रीन एनर्जी में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा का नया पावर सेंटर बन रहा है। वर्तमान में प्रदेश की विद्युत क्षमता में ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी करीब 30 प्रतिशत है, जिसे आने वाले वर्षों में बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य है।

नर्मदापुरम में नवकरणीय ऊर्जा उपकरणों के निर्माण क्षेत्र, मक्सी में सोलर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और मुरैना में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट विकसित किए जा रहे हैं।

550 से अधिक ई-बसें और नई परिवहन व्यवस्था

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत प्रदेश के प्रमुख शहरों में 550 से अधिक ई-बसें चलाने का निर्णय लिया गया है। भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल सेवा को भी शहरी परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क परिवहन की तस्वीर बदलने के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना जल्द उपलब्ध कराई जाएगी।

पर्यटन में नया रिकॉर्ड, उज्जैन में बढ़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष प्रदेश में 14 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि उज्जैन में एक महीने में जितने श्रद्धालु पहुंचते हैं, उतने पर्यटक एक वर्ष में आगरा के ताजमहल को देखने पहुंचते हैं।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा और पीएम श्री पर्यटन हेली सेवा शुरू की गई हैं। बीते दो वर्षों में प्रदेश में 10 नए मार्गों पर हवाई सेवाएं प्रारंभ हुई हैं।

विकास के नए संकल्प के साथ आगे बढ़ेगा मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने स्वतंत्रता दिवस संदेश में स्पष्ट किया कि सरकार का आगामी रोडमैप रोजगार, युवा, किसान, निवेश, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, सिंचाई, ऊर्जा और पर्यटन के व्यापक विकास पर केंद्रित है।

2025 निवेश और रोजगार वर्ष, 2026 किसान कल्याण वर्ष और 2027 युवा वर्ष के रूप में प्रदेश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने का संकल्प स्वतंत्रता दिवस के मंच से सामने आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध राज्य बनाने के लिए सरकार जनभागीदारी के साथ निरंतर काम कर रही है।

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