छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स: 2400 करोड़ का भुगतान, 48% काम पूरा
पाँच हजार करोड़ की महत्त्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना है, 2 लाख हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित
Chhindwara 08 February 2026
छिंदवाड़ा यशो:- छिंदवाड़ा इरीगेशन कॉम्प्लेक्स (CIC) जिले की एक महत्त्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना है, जिससे जिले का सिंचाई रकबा बढ़ेगा। परियोजना के अंतर्गत जो भूमि बांधों के डूब क्षेत्र में आएगी, उसके एवज में छिंदवाड़ा सहित अन्य जिलों में वनीकरण किया जाएगा।
अधीक्षण यंत्री श्रीमती कुमकुम कौरव पटेल ने बताया कि परियोजना का कार्य तेज़ी से प्रगति पर है। करीब 5000 करोड़ रुपये की इस योजना में अब तक लगभग 48 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है तथा ठेकेदार को लगभग 2400 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
फॉरेस्ट के बदले वनीकरण, चंबल के बीहड़ भी होंगे हरे
सीआईसी निर्माण से प्रभावित हो रहे फॉरेस्ट के एवज में छिंदवाड़ा एवं आसपास के बिगड़े वनों के सुधार के साथ ही चंबल के बीहड़ क्षेत्रों को भी हराभरा किया जाएगा। इसके लिए भिंड जिले में करीब 950 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है, जिसमें से 500 हेक्टेयर भूमि के लिए प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।
भिंड सहित प्रदेश के 8 जिलों में लैंड बैंक चिह्नित कर आगे की प्रक्रिया की जा रही है। यह भूमि सीआईसी के तहत प्रस्तावित संगम-2 और रामघाट बांध के डूब क्षेत्र में आ रहे फॉरेस्ट के एवज में चयनित की गई है।
दो जलाशयों के लिए जिले में ही लैंड बैंक
एक सकारात्मक पहलू यह है कि संगम वन और पांढुर्ना के भूली क्षेत्र में प्रस्तावित बेलेंसिंग रिजर्वायर के लिए छिंदवाड़ा जिले में ही लैंड बैंक तैयार हो गया है। अमरवाड़ा और चौरई क्षेत्र में 268 हेक्टेयर से अधिक भूमि चिह्नित की गई है तथा दोनों जलाशयों के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस भी प्राप्त हो चुकी है।
8 जिलों में भूमि चिन्हित
सीआईसी के तहत बनने वाले बांधों के डूब क्षेत्र में आ रहे फॉरेस्ट के एवज में छिंदवाड़ा, भिंड, कटनी, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, बालाघाट, धार, उज्जैन और सिंगरोली जिलों में भूमि चिन्हित की गई है। संगम-2 और रामघाट बांध के एवज में करीब 3000 हेक्टेयर भूमि को हराभरा किया जाना प्रस्तावित है।
वन भूमि व्यपवर्तन: प्रति हेक्टेयर 15 लाख खर्च
वन भूमि व्यपवर्तन के तहत जल संसाधन विभाग द्वारा प्रति हेक्टेयर 15 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। यदि भूमि राजस्व की है तो समान क्षेत्र उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि रेवेन्यू-फॉरेस्ट की स्थिति में दोगुनी भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
7 ब्लॉकों की लगभग 2 लाख हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित
सीआईसी के अंतर्गत बनने वाले चार बांधों से छिंदवाड़ा और पांढुर्ना जिले के जुन्नारदेव, छिंदवाड़ा, मोहखेड़, बिछुआ, पांढुर्ना और सौंसर ब्लॉकों की 1,95,500 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित हो सकेगी। वर्तमान में पेंच परियोजना से जिले का केवल आधा हिस्सा ही लाभान्वित हो पा रहा है।
“वन भूमि व्यपवर्तन के तहत जमीनों की तलाश और प्रक्रिया लगातार जारी है। छिंदवाड़ा सहित 8 जिलों में भूमि चिन्हित की जा चुकी है।”
— कुमकुम कौरव पटेल, अधीक्षण यंत्री, जल संसाधन विभाग



