13 अगस्त को मनाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय लेफ्ट हैंडर्स डे: दुनिया में करीब 10 फीसदी लोग हैं बाएं हाथ से काम करने वाले, जानिए क्यों मनाया जाता है यह खास दिन
दाएं हाथ से चलने वाली दुनिया में बाएं हाथ वालों की अपनी अलग पहचान, बच्चों को जबरन हाथ बदलवाने से बचने का संदेश
13 अगस्त को क्यों मनाया जाता है Left Handers Day? जानिए बाएं हाथ वालों से जुड़ी खास बातें
नई दिल्ली/भोपाल। दुनिया में अधिकांश लोग अपने दाएं हाथ का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आबादी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ऐसा भी है जो लिखने, खाना खाने, खेल खेलने या रोजमर्रा के दूसरे कामों के लिए बाएं हाथ को प्राथमिकता देता है। ऐसे लोगों की पहचान, उनके सामने आने वाली व्यावहारिक परेशानियों और समाज में उनके प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 13 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय लेफ्ट हैंडर्स डे (International Left-Handers Day) मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह दिवस गुरुवार, 13 अगस्त को मनाया जाएगा।
यह दिन केवल बाएं हाथ से काम करने वाले लोगों का उत्सव नहीं है, बल्कि इस बात की ओर भी ध्यान दिलाता है कि रोजमर्रा की दुनिया में इस्तेमाल होने वाली कई चीजें लंबे समय से दाएं हाथ को ध्यान में रखकर बनाई जाती रही हैं। कैंची, स्कूल की डेस्क, नोटबुक, कंप्यूटर माउस और कुछ अन्य उपकरणों का इस्तेमाल बाएं हाथ वालों के लिए कई बार असुविधाजनक हो सकता है।
कब और कैसे हुई लेफ्ट हैंडर्स डे की शुरुआत?
अंतरराष्ट्रीय लेफ्ट हैंडर्स डे के इतिहास को लेकर अलग-अलग स्रोतों में शुरुआती वर्ष को लेकर अंतर मिलता है। कई स्रोत बताते हैं कि 13 अगस्त 1992 को Left-Handers Club ने इस दिवस को वार्षिक अंतरराष्ट्रीय आयोजन के रूप में शुरू किया, जिसका उद्देश्य बाएं हाथ से काम करने वाले लोगों के अनुभवों और उनकी रोजमर्रा की चुनौतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कुछ ऐतिहासिक विवरण इससे पहले 1976 में Dean R. Campbell द्वारा 13 अगस्त को Left-Handers Day के रूप में मनाए जाने का उल्लेख करते हैं। इसलिए समाचारों में यह कहना अधिक सटीक है कि 13 अगस्त का दिवस पहले भी मनाया गया था, जबकि 1992 में Left-Handers Club ने इसे अंतरराष्ट्रीय जागरूकता दिवस के रूप में व्यापक रूप दिया।
दुनिया में कितने लोग हैं लेफ्ट हैंडेड?
बाएं हाथ से काम करने वालों की सटीक संख्या बताना आसान नहीं है, क्योंकि अलग-अलग शोधों में यह तय करने का तरीका अलग रहा है कि किसी व्यक्ति को “लेफ्ट हैंडेड” माना जाए। 2020 में प्रकाशित एक बड़े मेटा-विश्लेषण में अलग-अलग अध्ययनों के आधार पर बाएं हाथ वालों की हिस्सेदारी का अनुमान 9.3 प्रतिशत से 18.1 प्रतिशत के बीच पाया गया, जबकि सबसे बेहतर समग्र अनुमान करीब 10.6 प्रतिशत रहा।
इसलिए आम तौर पर यह कहा जाता है कि दुनिया की लगभग दस फीसदी आबादी बाएं हाथ से काम करने को प्राथमिकता देती है।
आखिर कोई व्यक्ति लेफ्ट हैंडेड क्यों होता है?
किसी व्यक्ति का बाएं या दाएं हाथ को प्राथमिकता देना केवल उसकी आदत का मामला नहीं माना जाता। वैज्ञानिक शोधों से पता चलता है कि handedness के पीछे मस्तिष्क की संरचना और कार्यों में असमानता, आनुवंशिक प्रभाव और विकास संबंधी कई कारकों की भूमिका हो सकती है।
बड़े आनुवंशिक अध्ययन में handedness से जुड़े कई आनुवंशिक स्थानों की पहचान हुई है और शोधकर्ताओं ने केंद्रीय तंत्रिका तंत्र तथा मस्तिष्क की संरचना से जुड़े रास्तों की भूमिका की ओर संकेत किया है। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि किसी व्यक्ति के बाएं हाथ से काम करने के पीछे कोई एक “लेफ्ट हैंड जीन” जिम्मेदार है।
मस्तिष्क के दोनों गोलार्ध अलग-अलग कार्यों में अलग-अलग भूमिका निभाते हैं और हाथ की प्राथमिकता भी मस्तिष्क की lateralization से जुड़ी हुई है। हालांकि हर लेफ्ट हैंडेड व्यक्ति के मस्तिष्क में भाषा या अन्य क्षमताओं का संगठन बिल्कुल एक जैसा हो, ऐसा नहीं है।
क्या लेफ्ट हैंडेड होना कोई बीमारी या कमी है?
नहीं। बाएं हाथ से काम करना अपने आप में कोई बीमारी या कमी नहीं है।
इतिहास में कई समाजों में बाएं हाथ के इस्तेमाल को लेकर गलत धारणाएं रही हैं। कुछ बच्चों को स्कूल या परिवार में दाएं हाथ से लिखने के लिए मजबूर किया जाता था। ऐसे मामलों में बच्चे की प्राकृतिक hand preference बदलने की कोशिश की जाती थी।
शोधों में उन लोगों के उदाहरण मिले हैं जिन्होंने सामाजिक या पारिवारिक दबाव के कारण लिखने के लिए अपना हाथ बदला। एक अध्ययन में उम्र के साथ ऐसे लोगों की संख्या बढ़ने की बात सामने आई जिन्हें मूल रूप से बाएं हाथ का उपयोग पसंद था लेकिन उन्होंने लिखने में दाएं हाथ का इस्तेमाल करना शुरू किया।
बच्चों को जबरन दाएं हाथ से लिखाना क्यों ठीक नहीं?
अगर कोई बच्चा स्वाभाविक रूप से बाएं हाथ का इस्तेमाल करता है तो उसे केवल समाज की सुविधा के लिए दाएं हाथ से लिखने के लिए मजबूर करना उचित नहीं माना जाता।
बच्चे को लिखने, चित्र बनाने या किसी दूसरे काम के दौरान यह अवसर दिया जाना चाहिए कि वह जिस हाथ से अधिक सहज महसूस करता है, उसका इस्तेमाल कर सके। शोधों में ऐसे लोगों के बारे में भी जानकारी मिली है जिन्होंने बचपन में दबाव के कारण अपना हाथ बदल लिया था।
माता-पिता और शिक्षक का काम बच्चे को “सही हाथ” चुनने के लिए मजबूर करना नहीं, बल्कि उसे सही तरीके से लिखने, बैठने और उपकरण इस्तेमाल करने में मदद करना होना चाहिए।
लेफ्ट हैंडेड लोगों को किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है?
हमारे आसपास की अनेक वस्तुएं दाएं हाथ वालों को ध्यान में रखकर डिजाइन की जाती हैं। ऐसे में बाएं हाथ वालों को कई छोटी-छोटी परेशानियां हो सकती हैं।
स्कूल में
- दाएं हाथ वालों के लिए बनी कुर्सी-डेस्क
- लिखते समय हाथ का कॉपी पर घूमना
- कुछ प्रकार की नोटबुक और स्पाइरल बाइंडिंग
- डेस्क की स्थिति
घर और कार्यालय में
- सामान्य कैंची
- कैन ओपनर
- कुछ प्रकार के कंप्यूटर माउस
- उपकरणों के बटन और कंट्रोल की स्थिति
- कुछ मशीनों और औजारों की डिजाइन
इन्हीं रोजमर्रा की परेशानियों को सामने लाना भी लेफ्ट हैंडर्स डे का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
क्या लेफ्ट हैंडेड लोग ज्यादा रचनात्मक होते हैं?
यह सवाल अक्सर पूछा जाता है कि क्या बाएं हाथ से काम करने वाले लोग दाएं हाथ वालों की तुलना में ज्यादा रचनात्मक या बुद्धिमान होते हैं। इस बारे में सोशल मीडिया और लोकप्रिय लेखों में कई दावे मिलते हैं, लेकिन इसे सार्वभौमिक वैज्ञानिक तथ्य नहीं माना जा सकता।
हर लेफ्ट हैंडेड व्यक्ति की क्षमता अलग होती है। किसी व्यक्ति की सफलता उसकी मेहनत, शिक्षा, प्रशिक्षण, रुचि और अनेक व्यक्तिगत एवं सामाजिक परिस्थितियों पर निर्भर करती है। इसलिए लेफ्ट हैंडेड होने को अपने आप में अधिक बुद्धिमत्ता या अधिक रचनात्मकता का प्रमाण मानना सही नहीं होगा।
खेलों में लेफ्ट हैंडेड खिलाड़ियों का अलग महत्व
खेलों में बाएं हाथ से खेलने वाले खिलाड़ियों को कई परिस्थितियों में रणनीतिक फायदा मिल सकता है। खासकर ऐसे खेलों में जहां खिलाड़ी का सामना सीधे प्रतिद्वंद्वी से होता है, जैसे क्रिकेट, टेनिस या कुछ अन्य खेल।
इसका कारण यह हो सकता है कि दाएं हाथ के खिलाड़ियों को बाएं हाथ के खिलाड़ी का सामना अपेक्षाकृत कम बार करना पड़ता है। इसलिए अलग कोण और अलग दिशा से आने वाली गेंद या खेल की चाल उनके लिए कम परिचित हो सकती है।
हालांकि इसका अर्थ यह नहीं कि हर लेफ्ट हैंडेड खिलाड़ी स्वाभाविक रूप से बेहतर खिलाड़ी होगा।
लेफ्ट हैंडर्स डे का असली संदेश क्या है?
इस दिवस का सबसे महत्वपूर्ण संदेश स्वीकृति और समान अवसर है।
बाएं हाथ से लिखना, खाना या काम करना किसी व्यक्ति को कम सक्षम नहीं बनाता। जरूरत इस बात की है कि स्कूल, कार्यालय और सार्वजनिक स्थानों पर डिजाइन और सुविधाओं में विविधता को ध्यान में रखा जाए।
13 अगस्त का दिन यह याद दिलाता है कि समाज में हर व्यक्ति की कार्यशैली अलग हो सकती है और इस अंतर का सम्मान किया जाना चाहिए।
बच्चों के लिए क्या करें माता-पिता और शिक्षक?
अगर बच्चा किसी काम के लिए लगातार बाएं हाथ का इस्तेमाल कर रहा है तो:
- उसे जबरदस्ती दाएं हाथ से लिखने के लिए मजबूर न करें।
- सही बैठने और कॉपी रखने की स्थिति सिखाएं।
- जरूरत के अनुसार बाएं हाथ के अनुकूल कैंची और अन्य उपकरण उपलब्ध कराएं।
- लिखने की गति या अक्षरों की गुणवत्ता को केवल हाथ की दिशा से न जोड़ें।
- बच्चे की प्राकृतिक पसंद को समझें और उसका आत्मविश्वास बढ़ाएं।
निष्कर्ष
अंतरराष्ट्रीय लेफ्ट हैंडर्स डे केवल बाएं हाथ वालों के लिए एक विशेष दिन नहीं, बल्कि समाज में विविधता को समझने का अवसर भी है। दुनिया की लगभग दस फीसदी आबादी बाएं हाथ को प्राथमिकता देती है और इन लोगों को भी शिक्षा, रोजगार, खेल और सामाजिक जीवन में समान अवसर मिलना चाहिए।
13 अगस्त का यह दिवस हमें यह संदेश देता है कि अलग होना कमजोरी नहीं है। जरूरी यह है कि हर व्यक्ति को अपनी प्राकृतिक क्षमता और सुविधा के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर मिले।
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