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गरीबों के निवाले पर डाका! अन्नदूत वाहन से चोरी-छिपे उतारा जा रहा था अनाज, देर रात छापा

केवलारी में 43 क्विंटल से अधिक खाद्यान्न जब्त; 32.50 क्विंटल गेहूं, 4.50 क्विंटल चावल और 6 क्विंटल नमक बरामद

गरीबों के अनाज पर डाका, केवलारी में 43 क्विंटल पीडीएस खाद्यान्न जब्त

Seoni, 08 October 2026
सिवनी/केवलारी यशो:-
 गरीबों के हिस्से का सरकारी अनाज आखिर कहां गायब हो रहा है? सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में होने वाली कथित सेंधमारी पर केवलारी में प्रशासन की देर रात हुई कार्रवाई ने एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अन्नदूत वाहन से उचित मूल्य की दुकानों तक पहुंचने वाले खाद्यान्न को कथित रूप से रास्ते में ही एक मकान में चोरी-छिपे उतारे जाने की गोपनीय सूचना पर प्रशासन ने 6 अक्टूबर की रात छापामार कार्रवाई की। कार्रवाई में 43 क्विंटल से अधिक खाद्यान्न बरामद हुआ।

नव नियुक्त एसडीएम बैघनाथ वासनिक के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई से पीडीएस व्यवस्था में हड़कंप मच गया है। उगली रोड स्थित ड्रीम सिटी कॉलोनी के पास एक मकान से 32.50 क्विंटल गेहूं, 4.50 क्विंटल चावल और 6 क्विंटल नमक बरामद किया गया। जब्त खाद्यान्न की कीमत करीब 1 लाख 13 हजार 677 रुपये बताई गई है।

अंधेरे में अनाज उतारने की सूचना, प्रशासन ने दबोचा

बताया गया है कि 6 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे एसडीएम बैघनाथ वासनिक को खाद्यान्न के अवैध भंडारण एवं अन्नदूत वाहन से अनाज उतारे जाने की गोपनीय सूचना मिली। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट कुंवरलाल राऊत तत्काल टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

तहसीलदार के साथ पटवारी विनोद इनवाती, देवेंद्र मर्सकोले, मायाराम परतेती तथा पुलिस के सब इंस्पेक्टर चंद्रप्रकाश चौहान ने चिन्हित मकान की जांच की। मौके पर बड़ी मात्रा में खाद्यान्न मिलने के बाद कनिष्ठ खाद्य आपूर्ति अधिकारी अभिषेक सनोडिया को बुलाया गया और खाद्यान्न की जांच कर जब्ती की कार्रवाई की गई।

43 क्विंटल अनाज देखकर उठे बड़े सवाल

मकान से गेहूं, चावल और नमक की इतनी बड़ी मात्रा बरामद होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि गरीबों के लिए भेजा गया यह खाद्यान्न आखिर उचित मूल्य की दुकान तक पहुंचने से पहले एक निजी मकान में कैसे पहुंच गया?

प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि खाद्यान्न कहां से निकला, किस वाहन से आया, किसके निर्देश पर उतारा गया और इसका वास्तविक उपयोग किसके लिए किया जाना था।

अन्नदूत वाहन बना जांच का केंद्र

कनिष्ठ खाद्य आपूर्ति अधिकारी अभिषेक सनोडिया के अनुसार उचित मूल्य की दुकानों तक खाद्यान्न का परिवहन करने वाले अन्नदूत वाहन के चालक-परिचालक द्वारा अनाज बेचे जाने तथा वाहन से अनाज एक घर में चोरी-छिपे उतारे जाने की गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी। इसी सूचना के आधार पर अनुविभागीय अधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई की गई। मामले की जांच जारी है।

प्रारंभिक जांच में केवलारी क्षेत्र में जब्त खाद्यान्न के संबंध में सतीश बघेल के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत अंकित बघेल की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

गरीबों के अनाज में सेंधमारी का पुराना सवाल फिर सामने

केवलारी की कार्रवाई ने पीडीएस व्यवस्था पर पहले से उठते रहे सवालों को और गंभीर कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों के हिस्से के अनाज में कथित गड़बड़ी की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। कहीं पात्र हितग्राहियों को पात्रता पर्ची से वंचित रखने के आरोप हैं तो कहीं कई-कई माह तक खाद्यान्न वितरण नहीं होने की शिकायतें सामने आती हैं।

सवाल सिर्फ 43 क्विंटल अनाज का नहीं है, सवाल उस पूरी व्यवस्था का है जिसमें गरीब के हिस्से का अनाज दुकान तक पहुंचने से पहले ही रास्ते में गायब होने की आशंका पैदा हो रही है।

दो दिन पहले गोपालगंज में चक्काजाम, अब केवलारी में बड़ी जब्ती

पीडीएस व्यवस्था को लेकर जिले में नाराजगी का ताजा उदाहरण गोपालगंज में भी सामने आया, जहां दो दिन पूर्व दो माह से खाद्यान्न वितरण नहीं होने की शिकायत को लेकर लोगों ने चक्काजाम कर विरोध जताया था। एक तरफ पात्र हितग्राही अपने हिस्से के अनाज के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ केवलारी में बड़ी मात्रा में सरकारी खाद्यान्न निजी मकान में मिलने से व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।

क्या ऊपर से नीचे तक फैला है खेल?

पीडीएस में अनियमितता केवल एक स्तर की समस्या है या इसके पीछे आपूर्ति, परिवहन और वितरण से जुड़े कई स्तरों की भूमिका है—यह जांच का विषय है। उच्च स्तर से खाद्यान्न की आपूर्ति से लेकर अन्नदूत वाहन, सोसायटी और उचित मूल्य की दुकान तक यदि कहीं भी सेंधमारी होती है तो उसका सीधा नुकसान गरीब हितग्राही को उठाना पड़ता है।

केवलारी में हुई कार्रवाई के बाद अब निगाहें जांच पर टिक गई हैं। यदि जब्त खाद्यान्न की पीडीएस से संबद्धता और उसकी अवैध निकासी की पुष्टि होती है तो कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है और खाद्यान्न की आपूर्ति एवं वितरण श्रृंखला से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ सकती है।

फिलहाल प्रशासनिक जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि गरीबों के हिस्से का यह अनाज किस रास्ते से निजी मकान तक पहुंचा और इसके पीछे कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं।

“उचित मूल्य की दुकानों में परिवहन करने वाले अन्नदूत वाहन के चालक-परिचालक द्वारा अनाज बेचे जाने तथा वाहन से अनाज एक घर में चोरी-छिपे उतारे जाने की गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी। अनुविभागीय अधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। मामले की जांच जारी है।”

— अभिषेक सनोडिया
कनिष्ठ खाद्य आपूर्ति अधिकारी, केवलारी

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