Seoni, 29 September 2025
कान्हीवाड़ा यशो:- इस वर्ष बस स्टैंड कान्हीवाड़ा में नवदुर्गा उत्सव समिति व्यापारी संघ द्वारा पहली बार भव्य रूप से नवदुर्गा महोत्सव का आयोजन किया गया है। आयोजन समिति ने पूरे बस स्टैंड क्षेत्र को विद्युत साज-सज्जा और रंग-बिरंगी झालरों से सुसज्जित किया है, जिससे पूरा इलाका उत्सवमय दिखाई दे रहा है।
लगभग 500 फीट क्षेत्र में बनाए गए इस भव्य पंडाल में विराजमान माँ दुर्गा की प्रतिमा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद और शांति का अनुभव करा रही है। माँ दुर्गा का आकर्षक श्रृंगार और सजावट श्रद्धालुओं को लंबे समय तक मंत्रमुग्ध कर रही है। यह पंडाल अब न केवल पूजा-अर्चना का केंद्र बन गया है, बल्कि स्थानीय लोगों और आगंतुकों के लिए प्रमुख सेल्फी प्वाइंट भी सिद्ध हो रहा है।
धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक धरोहर का संगम
ग्रामवासी और आसपास के क्षेत्र से आए श्रद्धालु प्रतिदिन यहाँ दर्शन हेतु पहुँच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह का आयोजन कान्हीवाड़ा में पहली बार देखने को मिला है। इससे बच्चों और युवाओं में धार्मिकता और संस्कृति के प्रति आकर्षण बढ़ा है।
यह आयोजन केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। व्यापारी संघ ने यहाँ पूजा, भजन-कीर्तन और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी रूपरेखा तैयार की है, जिससे नवदुर्गा महोत्सव एक विराट सांस्कृतिक पर्व का स्वरूप ले रहा है।
रात्रि जागरण और महिला श्रद्धालुओं की भागीदारी
गत रात्रि आयोजित जागरण में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
महिला श्रद्धालुओं की विशेष भागीदारी उल्लेखनीय रही।
विशेषकर आरती के समय महिलाओं द्वारा सामूहिक गान और आराधना ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
बच्चों और युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक भजन प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया।
समिति की तैयारी और भविष्य की घोषणा
कान्हीवाड़ा नवदुर्गा महोत्सव पंडाल समिति और व्यापारी संघ के सदस्यों ने बताया कि –
यह पहल आगे हर वर्ष और भी भव्य स्तर पर की जाएगी।
समिति ने यह भी कहा कि-
आने वाले वर्षों में और अधिक साज-सज्जा,
सामाजिक पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश
कान्हीवाड़ा नवदुर्गा महोत्सव पंडाल का यह आयोजन धार्मिक आस्था का प्रतीक होने के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का भी संदेश दे रहा है।
विभिन्न वर्गों के लोग यहाँ एकत्रित होकर माँ दुर्गा के चरणों में आस्था प्रकट कर रहे हैं।
इस आयोजन से न केवल धार्मिक चेतना का प्रसार हो रहा है,
बल्कि ग्रामवासियों के बीच सहयोग और समर्पण की भावना भी सशक्त हो रही है।



