मौत का सौदागर रंगनाथन कोर्ट में पेश – जहरीले कफ सिरप से 25 मासूमों की मौत पर जनता फूटी, SIT ने लिया रिमांड
परासिया कोर्ट परिसर में तनाव, भीड़ ने आरोपी पर हमला करने की कोशिश की — अधिवक्ता संघ ने पैरवी से किया इंकार, मुख्यमंत्री बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
Chhindwara October 10, 2025
छिंदवाड़ा यशो:- बैतूल और पांढुर्णा में दो दर्जन से अधिक मासूम बच्चों की जान लेने वाले जहरीले कफ सिरप कांड के मुख्य आरोपी गोविंदन रंगनाथन को शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच परासिया की अदालत में पेश किया गया। अदालत परिसर में माहौल बेहद तनावपूर्ण रहा। आरोपी को देखते ही भीड़ में आक्रोश फूट पड़ा और कुछ लोगों ने उस पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए स्थिति पर नियंत्रण पा लिया।

विशेष जांच दल (SIT) ने रंगनाथन को सुबह करीब 11 बजे परासिया थाने में अभिरक्षा में रखा था, जिसके बाद उसे प्रथम श्रेणी न्यायाधीश शैलेंद्र उइके की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को 10 दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है ताकि पूछताछ में अन्य दोषियों और आपूर्ति श्रृंखला का खुलासा हो सके।
रंगनाथन की कंपनी श्रीसन फार्मास्युटिकल (ShriSon Pharmaceutical) द्वारा निर्मित कोल्ड्रिफ कफ सिरप (Coldrif Syrup) के सेवन से अब तक 25 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है। कई बच्चे नागपुर के अस्पतालों में गंभीर हालत में भर्ती हैं।
इस मामले में स्थानीय अधिवक्ता संघ ने आरोपी की पैरवी से साफ इंकार कर दिया है।
संघ के अध्यक्ष श्याम कुमार साहू ने कहा कि –
“जिले का कोई भी अधिवक्ता ऐसे निर्दयी आरोपी का बचाव नहीं करेगा।
यदि बाहर से कोई वकील आता है, तो उसका विरोध किया जाएगा।”
यह भी पढ़ें :- मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबंधित कफ सिरप प्रकरण में किसी दोषी को नहीं छोड़ेगी : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सख्ती – दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पूरे प्रकरण को लेकर गंभीरता दिखाई है।
वे पहले ही पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर चुके हैं और
दोषी डॉक्टर को जेल भिजवाने तथा
कई कर्मचारियों को निलंबित करने के आदेश दिए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री स्वयं नागपुर जाकर भर्ती बच्चों से मिले और कहा कि –
“सभी बच्चों को उच्चस्तरीय उपचार दिया जाएगा, इसका पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
स्वास्थ्य मंत्री ने भी घटनास्थल का दौरा कर समीक्षा की है और मृत बच्चों के परिवारों को मुआवज़े की घोषणा की गई है।
जनता में उबाल – दवा कंपनी के खिलाफ गुस्सा चरम पर
इस कांड ने प्रदेशभर में सनसनी फैला दी है।
श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी और उसके प्रबंध निदेशक रंगनाथन के खिलाफ जनता में तीव्र आक्रोश है।
आमजन का कहना है कि –
बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार ऐसे मुनाफाखोरों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि
भविष्य में कोई भी कंपनी बच्चों की ज़िंदगी से खिलवाड़ करने की हिम्मत न करे।



One Comment