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जब ब्रिटिश सरकार को महात्मा गांधी ने उपवास से हिलाया - शिक्षकों के सत्याग्रह को कांग्रेस ने समर्थन दिया

यह आश्चर्यजनक है कि भारत में शिक्षक को अपनी पेंशन के लिए सत्याग्रह करना पड़ रहा है

 Seoni 05 September 2025

सिवनी यशो:- आजादी के आंदोलन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और त्याग के सिद्धांतों के माध्यम से सत्याग्रह किया था। इस आंदोलन ने ब्रिटिश सरकार जैसी महाशक्ति को भी हिला दिया। उसी प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए शिक्षकों ने अपनी मांगों के लिए देशव्यापी उपवास आयोजित किया।

देशव्यापी शिक्षक उपवास और मांगें

  • इस उपवास का आयोजन नेशनल मूवमेंट फार ओल्ड पेंशन स्कीम, मध्य प्रदेश के अंतर्गत किया गया।

  • जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नरेश मरावी ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि भारत में शिक्षक को अपनी पेंशन के लिए सत्याग्रह करना पड़ रहा है।

  • उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को पूरा कराने में समर्थन दिया जाएगा।

  • इस अवसर पर परमानंद सनोडिया, चितौसिंह कुशराम, रामकृष्ण दुबे, गजेन्द्र सिंह बघेल, रमेश साहू, सुरेन्द्र करोसिया और विनोद यादव उपस्थित थे।

5 सूत्रीय मांगें

गजेन्द्र सिंह बघेल ने बताया कि इस देशव्यापी उपवास में प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:

  1. पुरानी पेंशन योजना की बहाली।

  2. राज्य शिक्षा सेवा द्वारा नियुक्त शिक्षकों के प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना।

  3. ग्रेच्युरी एवं अवकाश नगदी का लाभ।

  4. वरिष्ठता लागू करना।

  5. अन्य सेवा संबंधी मान्यता और लाभ।

सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान

इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षक रामकुमार पाठक,

नन्हे लाल डहेरिया,

रतन सिंह राय और श्री कर्वेती का शाल, श्रीफल और सम्मान पत्र देकर सम्मान किया गया।

निष्कर्ष
शिक्षक दिवस पर आयोजित यह देशव्यापी उपवास –

शिक्षकों के अधिकार और सम्मान के प्रति समाज और सरकार की जागरूकता बढ़ाने का प्रेरक उदाहरण है।

https://www.amarujala.com/lucknow/up-on-november-25-there-will-be-a-mass-movement-to-march-to-delhi-demanding-restoration-of-old-pension-2025-07-13

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