किसानों का पैर पखारकर शुरू हुआ कांग्रेस का बड़ा आंदोलन
नरेश मरावी बोले - "अन्नदाता का अपमान अब नहीं सहेंगे
Seoni 11 December 2025
सिवनी यशो:- प्रदेश सरकार की किसान–विरोधी नीतियों से त्रस्त अन्नदाताओं के समर्थन में आज कचहरी चौक सिवनी में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा शक्तिशाली किसान आंदोलन शुरू किया गया।
आंदोलन की सबसे भावनात्मक शुरुआत तब हुई जब जिला कांग्रेस अध्यक्ष नरेश मरावी ने स्वयं किसानों के पैर धोकर उन्हें सम्मान दिया। यह दृश्य आंदोलन की आत्मा बन गया और भीड़ में मौजूद सैकड़ों किसानों की आंखें नम कर गया।

“यह पैर पखारना नहीं, अन्नदाताओं के घाव धोना है” — नरेश मरावी
अपने संबोधन में श्री मरावी ने कहा—
“हमारे किसान आज मक्का 2400 के समर्थन मूल्य के बजाय 1200–1600 में बेचने को मजबूर हैं। धान की खरीदी आधी हो रही है, गुणवत्ता के नाम पर फसल रिजेक्ट हो रही है। अन्नदाता रो रहा है और सरकार मौन है—यह अन्याय अस्वीकार्य है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार चुनाव में किए वादों को भूल चुकी है।
• मक्का समर्थन मूल्य 2400 घोषित
• पर मंडी में बोली 1200–1600
• लागत 1500 से भी अधिक
• धान खरीदी आधी
• किसानों को लाइन में अपमानित किया जा रहा

केवलारी विधायक ठा. रजनीश हरवंश सिंह का प्रहार —
“सरकार ने केंद्र को खरीदी का प्रस्ताव ही नहीं भेजा!”**
विधायक रजनीश सिंह ने कहा—
“किसानों का उत्पादन मंडियों में औने–पौने दाम पर बिक रहा है। हमने विधानसभा में प्रश्न उठाया तो सरकार ने खुद स्वीकार किया कि उसने केंद्र सरकार को मक्का खरीदी का प्रस्ताव भेजा ही नहीं। यह किसानों के साथ धोखा नहीं तो क्या है?”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सदन से सड़क तक किसानों की लड़ाई लड़ेगी।
जिला प्रभारी व परासिया विधायक सोहन वाल्मीकी का तीखा बयान
श्री वाल्मीकी ने कहा—
“केंद्र और प्रदेश दोनों सरकारें किसान विरोधी हैं। किसान आत्महत्या तक को मजबूर हो रहे हैं और सरकारें फाइलें दबाकर बैठी हैं।”
प्रदेश महासचिव राजा बघेल की चेतावनी —
“यदि दाम नहीं मिले तो प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन होगा”**
राजा बघेल ने कहा—
“आज का आंदोलन चेतावनी है। यदि अन्नदाताओं को न्याय नहीं मिला तो प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित शीर्ष नेतृत्व सिवनी में उग्र आंदोलन की अगुवाई करेगा।”
पूर्व विधायक अर्जुन सिंह काकोडिया का आक्रोश
उन्होंने कहा—
“भाजपा सरकार किसानों को सिर्फ घोषणाओं में याद रखती है। जमीन पर उनके मुद्दों की कोई सुनवाई नहीं। कांग्रेस किसानों की ढाल बनकर खड़ी है।”
अन्य नेताओं के भावुक संबोधन
सिवनी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने किसानों की हालत को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि—
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समर्थन मूल्य केवल कागजों में
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खरीदी केंद्रों पर भ्रम और अव्यवस्था
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ऋण वसूली का दबाव
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खाद–बीज महंगे
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बिजली कटौती से फसल प्रभावित
संबोधन देने वालों में शामिल थे —
विनोद वासनिक, असलम खान, मोहन सिंह चंदेल, राजकुमार खुराना, शिवराम पटेल, अतुलचंद मालू, उदयसिंह बघेल, घनश्याम सनोडिया, दुपेन्द्र लकी अमूले, हुकुमचंद सनोडिया, राजा मुबीन, तेजसिंह रघुवंशी, विरेन्द्र राज पप्पू ठाकुर, विनोद यादव, दयालु मरकाम, धनंजय सिंह आदि।
“आज किसान मैदान में है — कल पूरा प्रदेश सड़कों पर होगा”
सभा में वक्ताओं ने सुझाव दिया कि—
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सरकार को तुरंत मक्का और धान की खरीदी पारदर्शी करनी होगी
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समर्थन मूल्य पर खरीदी का आदेश जारी करना होगा
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रिजेक्शन बंद करना होगा
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मंडियों में व्यापारी मनमानी रोकी जाए
भीड़ उमड़ी — किसानों का महासैलाब
आंदोलन में भारी संख्या में किसान और ग्रामीण शामिल हुए।
उपस्थित प्रमुख कर्मी व ग्रामीण —
सुरेन्द्र करोसिया, पवन दिवाकर, विष्णु करोसिया, आनंद भगत, शोभाराम भलावी, यशपाल भलावी, नाहर सिंह मरावी, रमेश साहू, श्यामसिंह ठाकुर, अजीर्जुरहमान, दिलीप रक्सेल, राजिक अकील, आजम खान, रंजीत यादव, अयोध्या प्रसाद शरणागत, फिरोज खान, आदित्य मोन्टू भूरा, तनवीर बघेल,
तथा दर्जनों संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।
पूरे आंदोलन में जोश, नारेबाजी और आक्रोश देखते बन रहा था।


