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	<title>Tribal Development &#8211; Dainik Yashonati</title>
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	<title>Tribal Development &#8211; Dainik Yashonati</title>
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	<item>
		<title>गांधी जयंती पर सिवनी में होगा ‘ग्राम विकास संवाद’, लक्ष्मण सिंह मरकाम होंगे मुख्य वक्ता</title>
		<link>https://dainikyashonnati.com/gram-vikas-samvad-seoni-laxman-singh-markam/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dainik Yashonnati]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 01 Oct 2026 18:47:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[सिवनी]]></category>
		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Atmanirbhar Gram]]></category>
		<category><![CDATA[gandhi jayanti]]></category>
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					<description><![CDATA[गांधी जयंती पर सिवनी में ग्राम विकास संवाद, लक्ष्मण सिंह मरकाम होंगे मुख्य वक्ता सिवनी यशो :- गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रजवाड़ा लॉन, लूघरवाड़ा, सिवनी में ‘ग्राम विकास संवाद’ का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय के एडिशनल सेक्रेटरी लक्ष्मण &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h4 style="text-align: right;"><span style="color: #003366;">गांधी जयंती पर सिवनी में ग्राम विकास संवाद, लक्ष्मण सिंह मरकाम होंगे मुख्य वक्ता</span></h4>
<p><strong>सिवनी यशो :- गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रजवाड़ा लॉन, लूघरवाड़ा, सिवनी में ‘ग्राम विकास संवाद’ का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय के एडिशनल सेक्रेटरी लक्ष्मण सिंह मरकाम मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे।</strong></p>
<p><strong> संवाद में महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के विचारों को वर्तमान समय की जरूरतों से जोड़ते हुए ग्राम विकास, आत्मनिर्भरता, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा समरस समाज के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा।</strong></p>
<p><strong>गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इस ग्राम विकास संवाद का उद्देश्य गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और सामूहिक सहभागिता की भावना को मजबूत करना है। आयोजन के माध्यम से इस बात पर मंथन किया जाएगा कि महात्मा गांधी द्वारा परिकल्पित ग्राम स्वराज की अवधारणा को वर्तमान परिस्थितियों में किस प्रकार व्यवहारिक रूप से आगे बढ़ाया जा सकता है।</strong></p>
<h3><strong><span style="color: #800000;">ग्राम स्वराज से आत्मनिर्भर ग्राम तक संवाद</span></strong></h3>
<p><strong>कार्यक्रम में ग्राम स्वराज और आत्मनिर्भर ग्राम की दिशा में संभावनाओं पर विशेष चर्चा होगी। गांवों की स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों और ग्रामीण समुदाय की सहभागिता के आधार पर विकास की संभावनाओं को लेकर विचार साझा किए जाएंगे।</strong></p>
<p><strong>आयोजकों का मानना है कि किसी भी गांव का स्थायी विकास केवल भौतिक सुविधाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसमें स्थानीय स्तर पर रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और सामाजिक समरसता को भी समान महत्व दिया जाना आवश्यक है। इसी दृष्टिकोण को केंद्र में रखते हुए ग्राम विकास संवाद में विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।</strong></p>
<h3><strong><span style="color: #800000;">कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर मंथन</span></strong></h3>
<p><strong>संवाद के प्रमुख विषयों में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार शामिल हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, कृषि को अधिक उपयोगी एवं टिकाऊ बनाने, गांवों में बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।</strong></p>
<p><strong>इसके साथ ही ग्रामीण युवाओं की भूमिका, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की संभावनाओं पर भी विचार रखा जाएगा।</strong></p>
<h3><strong><span style="color: #800000;">जनजातीय समाज के विकास पर भी रहेगा फोकस</span></strong></h3>
<p><strong>कार्यक्रम में जनजातीय समाज के विकास के लिए सामूहिक संकल्प पर भी विशेष जोर रहेगा। जनजातीय क्षेत्रों की आवश्यकताओं, विकास की संभावनाओं और समाज की सहभागिता के माध्यम से आगे बढ़ने के उपायों पर संवाद किया जाएगा।</strong></p>
<p><strong>आयोजकों के अनुसार, विकास की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी विचार के साथ सतत एवं समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सामूहिक चिंतन किया जाएगा।</strong></p>
<h3><strong>‘<span style="color: #800000;">विकसित गांव—समृद्ध भारत’ की अवधारणा</span></strong></h3>
<p><strong>ग्राम विकास संवाद का व्यापक उद्देश्य ‘विकसित गांव—समृद्ध भारत’ की अवधारणा को मजबूत करना है। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न पक्षों को एक मंच पर लाकर संवाद और विचार-विमर्श का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा।</strong></p>
<p><strong>आयोजकों का कहना है कि महात्मा गांधी के विचारों में ग्राम स्वराज, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता का विशेष महत्व था। आज के बदलते सामाजिक एवं आर्थिक परिवेश में इन विचारों की प्रासंगिकता पर संवाद करते हुए गांवों के विकास की नई संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।</strong></p>
<h3><strong><span style="color: #800000;">अनुसूचित क्षेत्र हितरक्षा मंच करेगा आयोजन</span></strong></h3>
<p><strong>ग्राम विकास संवाद का आयोजन अनुसूचित क्षेत्र हितरक्षा मंच, सिवनी द्वारा किया जा रहा है। इंडियन ट्राईबल डेवलपमेंट फाउंडेशन (आईटीडीएफ) कार्यक्रम का सह आयोजक है।</strong></p>
<p><strong>आयोजकों ने ग्राम विकास, सामाजिक सहभागिता और जनजातीय समाज से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले नागरिकों से कार्यक्रम में सहभागिता का आह्वान किया है। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित यह संवाद ग्रामीण विकास की दिशा में सामूहिक विचार-विमर्श और सहभागिता का मंच बनेगा।</strong></p>
<p>यह भी पढ़ें:-</p>
<p><a href="https://dainikyashonnati.com/banti-vivek-sahu-bjp-office-bearers-samman/">सांसद बंटी विवेक साहू ने नवनियुक्त भाजपा पदाधिकारियों का किया सम्मान</a></p>
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<a href="https://nityapublications.com/Book/gram-vikas-samvaad/?srsltid=AU7gw4VBECQgOSHe-Ccou7c7oOdq1XvMnwu0p7y3WfzxbRP8p2aSMjAj" target="_blank" rel="noopener">https://nityapublications.com/Book/gram-vikas-samvaad/?srsltid=AU7gw4VBECQgOSHe-Ccou7c7oOdq1XvMnwu0p7y3WfzxbRP8p2aSMjAj</a></p>
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			</item>
		<item>
		<title>नक्सल की बंदूक से विकास की बुलंद आवाज तक… बोंदारी पहुंचे CM, 100 गांवों के लिए 225 करोड़ का ऐलान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dainik Yashonnati]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 29 Aug 2026 17:48:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बालाघाट]]></category>
		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[225 Crore]]></category>
		<category><![CDATA[Baiga Community]]></category>
		<category><![CDATA[Balaghat CM Visit]]></category>
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		<category><![CDATA[Bondari]]></category>
		<category><![CDATA[Jan Vishwas Abhiyan]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh News]]></category>
		<category><![CDATA[Mohan Yadav]]></category>
		<category><![CDATA[Naxal Free Balaghat]]></category>
		<category><![CDATA[Tribal Development]]></category>
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					<description><![CDATA[बैगा समाज के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर, सड़क-बिजली-पानी के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की घोषणा, 100 गांवों के लिए 225 करोड़ का ऐलान, बोंदारी पहुंचे CM मोहन यादव  Balaghat 29 August 2026 बालाघाट यशो:- कभी नक्सल गतिविधियों के कारण सुर्खियों में रहे बालाघाट के दूरस्थ अंचलों में अब विकास की नई इबारत &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5 style="text-align: center;" data-start="255" data-end="372"><strong><span role="text">बैगा समाज के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर, सड़क-बिजली-पानी के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की घोषणा, 100 गांवों के लिए 225 करोड़ का ऐलान, बोंदारी पहुंचे CM मोहन यादव </span></strong></h5>
<p data-start="374" data-end="826"><strong>Balaghat 29 August 2026</strong><br />
<strong>बालाघाट यशो:- कभी नक्सल गतिविधियों के कारण सुर्खियों में रहे बालाघाट के दूरस्थ अंचलों में अब विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को जनविश्वास अभियान के अंतर्गत जिले के दूरस्थ ग्राम बोंदारी पहुंचे और ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर आत्मीय संवाद किया। उन्होंने जनजातीय समाज के लोगों की समस्याएं सुनीं, उनकी जरूरतों और अपेक्षाओं को जाना तथा अधिकारियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।</strong></p>
<figure id="attachment_50858" aria-describedby="caption-attachment-50858" style="width: 150px" class="wp-caption alignleft"><img decoding="async" class="size-thumbnail wp-image-50858" src="https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2026/08/balaghat-225-crore-development-100-villages-cm-mohan-yadav-bondari-1-150x150.jpg" alt="बोंदारी में ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर संवाद करते मुख्यमंत्री मोहन यादव" width="150" height="150" title="नक्सल की बंदूक से विकास की बुलंद आवाज तक… बोंदारी पहुंचे CM, 100 गांवों के लिए 225 करोड़ का ऐलान | Dainik Yashonnati"><figcaption id="caption-attachment-50858" class="wp-caption-text">बालाघाट के 100 गांवों के लिए 225 करोड़ का ऐलान, बोंदारी पहुंचे CM मोहन यादव</figcaption></figure>
<p data-start="828" data-end="1097"><strong>मुख्यमंत्री ने बालाघाट जिले के 100 गांवों के समग्र विकास के लिए 225 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की घोषणा की। इस राशि से केवल अधोसंरचना विकास ही नहीं, बल्कि रोजगार, स्वरोजगार, आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यों को भी गति देने की बात कही गई है।</strong></p>
<p data-start="1099" data-end="1322"><strong>मुख्यमंत्री के बोंदारी पहुंचने को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सरकार के अनुसार इतिहास में पहली बार कोई मुख्यमंत्री नक्सल प्रभावित रहे बोंदारी और कोरका गांवों में ग्रामीणों के बीच पहुंचकर संवाद करने आया है।</strong></p>
<h3 data-start="1324" data-end="1380"><span style="color: #003300;"><strong><span role="text">जमीन पर बैठे मुख्यमंत्री, ग्रामीणों से सीधे संवाद</span></strong></span></h3>
<p data-start="1382" data-end="1596"><strong>बोंदारी पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औपचारिक मंचीय संवाद के बजाय ग्रामीणों के बीच सहजता से बैठकर उनकी बातें सुनीं। उन्होंने ग्रामीणों से क्षेत्र की समस्याओं, सुविधाओं और विकास की जरूरतों पर सीधी चर्चा की।</strong></p>
<p data-start="1598" data-end="1772"><strong>ग्रामीणों के साथ चर्चा में पशुपालन, आवास, पोषण आहार, चिकित्सा, शिक्षा, रोजगार, वन विभाग के सहयोग और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ाने जैसे विषय प्रमुखता से सामने आए।</strong></p>
<p data-start="1774" data-end="1941"><strong>मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे और दूरस्थ गांवों के विकास में किसी प्रकार की कमी न रहे।</strong></p>
<figure id="attachment_50860" aria-describedby="caption-attachment-50860" style="width: 300px" class="wp-caption alignright"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="wp-image-50860 size-medium" src="https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2026/08/IMG-20260829-WA0004-1-1-300x200.jpg" alt="बोंदारी में ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर संवाद करते मुख्यमंत्री मोहन यादव" width="300" height="200" title="नक्सल की बंदूक से विकास की बुलंद आवाज तक… बोंदारी पहुंचे CM, 100 गांवों के लिए 225 करोड़ का ऐलान | Dainik Yashonnati" srcset="https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2026/08/IMG-20260829-WA0004-1-1-300x200.jpg 300w, https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2026/08/IMG-20260829-WA0004-1-1-1024x682.jpg 1024w, https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2026/08/IMG-20260829-WA0004-1-1-768x512.jpg 768w, https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2026/08/IMG-20260829-WA0004-1-1.jpg 1280w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /><figcaption id="caption-attachment-50860" class="wp-caption-text">बालाघाट के 100 गांवों के लिए 225 करोड़ का ऐलान, बोंदारी पहुंचे CM मोहन यादव</figcaption></figure>
<h3 data-start="1943" data-end="1997"><span style="color: #003366;"><strong><span role="text">225 करोड़ से 100 गांवों की तस्वीर बदलने का दावा</span></strong></span></h3>
<p data-start="1999" data-end="2204"><strong>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले के 100 गांवों के समग्र विकास के लिए 225 करोड़ रुपये की विकास पहल की घोषणा की। इसके तहत विभिन्न विभागों के माध्यम से विकास एवं सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को गति दी जाएगी।</strong></p>
<p data-start="2206" data-end="2422"><strong>इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास, ऊर्जा, शिक्षा, उद्योग, महिला एवं बाल विकास, आयुष, खाद्य, मत्स्य, स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, जनजातीय कार्य और पर्यटन जैसे विभागों की भूमिका रहेगी।</strong></p>
<p data-start="2424" data-end="2598"><strong>सरकार का जोर नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के साथ ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं और जनजातीय समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर है।</strong></p>
<h3 data-start="2600" data-end="2652"><span style="color: #ff6600;"><strong><span role="text">‘सुरक्षा के साथ विकास और विकास के साथ रोजगार’</span></strong></span></h3>
<p data-start="2654" data-end="2761"><strong>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है—‘सुरक्षा के साथ विकास और विकास के साथ रोजगार।’</strong></p>
<p data-start="2763" data-end="2984"><strong>उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त हुए क्षेत्रों में अब सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे।</strong></p>
<p data-start="2986" data-end="3150"><strong>मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट को केवल नक्सलमुक्त बनाना ही अंतिम लक्ष्य नहीं है। अब लक्ष्य सुरक्षित बालाघाट को समृद्ध, आत्मनिर्भर और खुशहाल बालाघाट में बदलना है।</strong></p>
<h3 data-start="3152" data-end="3208"><span style="color: #0000ff;"><strong><span role="text">‘सड़क को बाजार से और गांव को रोजगार से जोड़ना है’</span></strong></span></h3>
<p data-start="3210" data-end="3351"><strong>मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल सड़कें बनाना नहीं, बल्कि सड़क को बाजार से, गांव को रोजगार से और युवाओं को अवसरों से जोड़ना है।</strong></p>
<p data-start="3353" data-end="3592"><strong>बालाघाट में एमएसएमई, ग्रामोद्योग और स्थानीय रोजगारपरक उद्योगों को बढ़ावा देने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलें, इसके लिए कौशल विकास, प्रशिक्षण और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा।</strong></p>
<p data-start="3594" data-end="3729"><strong>उन्होंने कृषि, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण को ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने का माध्यम बनाने पर जोर दिया।</strong></p>
<h3 data-start="3731" data-end="3775"><span style="color: #808000;"><strong><span role="text">गांव का उत्पाद पहुंचेगा बड़े बाजार तक</span></strong></span></h3>
<p data-start="3777" data-end="3962"><strong>मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार होने वाले उत्पादों का स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन किया जाएगा, ताकि किसानों और ग्रामीण परिवारों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिल सके।</strong></p>
<p data-start="3964" data-end="4100"><strong>महिलाओं और स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों तथा छोटे उद्यमों से जोड़कर परिवारों की आय बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही गई।</strong></p>
<p data-start="4102" data-end="4244"><strong>उन्होंने कहा कि युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला स्व-उद्यमी और उद्योगपति बनाने की दिशा में अवसर विकसित किए जाएंगे।</strong></p>
<h3 data-start="4246" data-end="4298"><span style="color: #333300;"><strong><span role="text">पर्यटन और ट्राइबल टूरिज्म को भी मिलेगा बढ़ावा</span></strong></span></h3>
<p data-start="4300" data-end="4445"><strong>बालाघाट की प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पर्यटन, ईको-टूरिज्म और ट्राइबल टूरिज्म को बढ़ावा देने की बात कही।</strong></p>
<p data-start="4447" data-end="4578"><strong>इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ स्थानीय संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक संपदा को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।</strong></p>
<h3 data-start="4580" data-end="4619"><span style="color: #008080;"><strong><span role="text">बैगा समाज के विकास का लिया संकल्प</span></strong></span></h3>
<p data-start="4621" data-end="4840"><strong>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोंदारी में बैगा समाज के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बैगा समाज मध्यप्रदेश की गौरवशाली जनजातीय विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।</strong></p>
<p data-start="4842" data-end="5001"><strong>बैगा परिवारों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास, सड़क, बिजली और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।</strong></p>
<p data-start="5003" data-end="5168"><strong>बैगा युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने तथा पारंपरिक कला, संस्कृति, ज्ञान और स्थानीय उत्पादों को आजीविका एवं बाजार से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे।</strong></p>
<p data-start="5170" data-end="5296"><strong>मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य बैगा समुदाय को आदर, सम्मान, अधिकार और अवसर के साथ विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।</strong></p>
<h3 data-start="5298" data-end="5344"><span style="color: #ff9900;"><strong><span role="text">लाड़ली बहनों ने बांधी राखी, खिलाई मिठाई</span></strong></span></h3>
<p data-start="5346" data-end="5583"><strong>मुख्यमंत्री के बोंदारी पहुंचने से पहले बालाघाट जिले की लाड़ली बहनों ने अपने ‘भैया’ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को राखी बांधी और मिठाई खिलाई। रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों और मुख्यमंत्री के बीच यह आत्मीय क्षण कार्यक्रम का भावनात्मक हिस्सा रहा।</strong></p>
<h3 data-start="5585" data-end="5626"><span style="color: #993366;"><strong><span role="text">नक्सल से विकास की ओर बढ़ता बालाघाट</span></strong></span></h3>
<p data-start="5628" data-end="5856"><strong>मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट अब नक्सलमुक्ति के बाद विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि जिले के प्रत्येक गांव तक विकास पहुंचे, युवाओं को अवसर मिलें, परिवारों की आय बढ़े और प्रत्येक समाज को सम्मान मिले।</strong></p>
<p data-start="5858" data-end="6057"><strong>उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से मुक्त हुए क्षेत्रों में विकास की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक ले जाना सरकार की प्राथमिकता है। मूलभूत सुविधाओं के साथ स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार के अवसर विकसित किए जाएंगे।</strong></p>
<h3 data-start="6059" data-end="6093"><span style="color: #339966;"><strong><span role="text">कार्यक्रम में ये रहे मौजूद</span></strong></span></h3>
<p data-start="6095" data-end="6432"><strong>कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री तथा बालाघाट जिले के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके, बालाघाट सांसद श्रीमती भारती पारधी, स्थानीय विधायक संजय उईके, विधायक मधु भगत, मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, जनप्रतिनिधि, सरपंच तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।</strong></p>
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]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>नक्सलवाद से निपटकर विकास की राह पर बालाघाट, जनजातीय अंचल में पहुंचे CM मोहन यादव</title>
		<link>https://dainikyashonnati.com/%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a4%9f%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b8/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dainik Yashonnati]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 29 Aug 2026 10:20:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[देश विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[बालाघाट]]></category>
		<category><![CDATA[Balaghat Naxal Free]]></category>
		<category><![CDATA[balaghat news]]></category>
		<category><![CDATA[Balaghat News Today]]></category>
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		<category><![CDATA[Madhya Pradesh News]]></category>
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					<description><![CDATA[जनविश्वास अभियान में बालाघाट पहुंचे CM मोहन यादव, बोले- नक्सलवाद से मुक्त हुआ बालाघाट, विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध Balaghat 29 August 2026 बालाघाट यशो:- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को जनविश्वास अभियान के तहत बालाघाट जिले के लांजी क्षेत्र के बिरसा विकासखंड स्थित ग्राम कोरका-बोंदारी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यहां ग्रामीणों के बीच सहजता से बैठकर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h4 style="text-align: right;"><span style="color: #003300;"><strong>जनविश्वास अभियान में बालाघाट पहुंचे CM मोहन यादव, बोले- नक्सलवाद से मुक्त हुआ बालाघाट, विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध</strong></span></h4>
<p><strong>Balaghat 29 August 2026</strong><br />
<strong>बालाघाट यशो:- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को जनविश्वास अभियान के तहत बालाघाट जिले के लांजी क्षेत्र के बिरसा विकासखंड स्थित ग्राम कोरका-बोंदारी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यहां ग्रामीणों के बीच सहजता से बैठकर आत्मीय संवाद किया, उनका कुशलक्षेम जाना और क्षेत्र की समस्याओं तथा विकास की जरूरतों को सीधे ग्रामीणों से समझा।</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से चर्चा के दौरान क्षेत्र में सड़क, मूलभूत सुविधाओं, शासकीय योजनाओं और विकास से जुड़े विषयों पर उनकी अपेक्षाएं जानीं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचे और जनजातीय क्षेत्रों के विकास को गति मिले।</strong></p>
<figure id="attachment_50810" aria-describedby="caption-attachment-50810" style="width: 150px" class="wp-caption alignleft"><img decoding="async" class="size-thumbnail wp-image-50810" src="https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2026/08/IMG-20260829-WA0007-150x150.jpg" alt="जनविश्वास अभियान के तहत बालाघाट के कोरका-बोंदारी में ग्रामीणों से संवाद करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव" width="150" height="150" title="नक्सलवाद से निपटकर विकास की राह पर बालाघाट, जनजातीय अंचल में पहुंचे CM मोहन यादव | Dainik Yashonnati"><figcaption id="caption-attachment-50810" class="wp-caption-text">जनविश्वास अभियान में बालाघाट पहुंचे CM मोहन यादव, बोले- नक्सलवाद से मुक्त हुआ बालाघाट, विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध</figcaption></figure>
<h3><strong><span style="color: #003366;">कांग्रेस शासन में नक्सली समस्या से त्रस्त था बालाघाट: CM</span></strong></h3>
<p><strong>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नक्सलवाद के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में बालाघाट की जनता नक्सली समस्या से त्रस्त थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में बालाघाट को नक्सलमुक्त करने में सफलता मिली है।</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बालाघाट के जनजातीय भाई-बहनों के उत्थान और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।</strong></p>
<h3><strong><span style="color: #003366;">ग्रामीणों से सीधे संवाद पर जोर</span></strong></h3>
<p><strong>जनविश्वास अभियान के तहत मुख्यमंत्री का ग्रामीणों के बीच पहुंचकर सीधे संवाद करना सरकार और जनता के बीच संवाद को मजबूत करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुना और उनकी समस्याओं तथा अपेक्षाओं की जानकारी ली।</strong></p>
<figure id="attachment_50808" aria-describedby="caption-attachment-50808" style="width: 150px" class="wp-caption alignright"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-thumbnail wp-image-50808" src="https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2026/08/IMG-20260829-WA0004-1-150x150.jpg" alt="जनविश्वास अभियान के तहत बालाघाट के कोरका-बोंदारी में ग्रामीणों से संवाद करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव" width="150" height="150" title="नक्सलवाद से निपटकर विकास की राह पर बालाघाट, जनजातीय अंचल में पहुंचे CM मोहन यादव | Dainik Yashonnati"><figcaption id="caption-attachment-50808" class="wp-caption-text">जनविश्वास अभियान में बालाघाट पहुंचे CM मोहन यादव, बोले- नक्सलवाद से मुक्त हुआ बालाघाट, विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध</figcaption></figure>
<p><strong>मुख्यमंत्री की सहज मौजूदगी के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र की आवश्यकताओं और विकास से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखी। सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाने और ग्रामीणों की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय अंचलों का विकास और वहां रहने वाले लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।</strong></p>
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]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बैगा अंचल में मौतों से मचा हड़कंप, फिरोज खान बोले- बैगा विकास का पूरा हिसाब दे सरकार</title>
		<link>https://dainikyashonnati.com/there-was-a-stir-due-to-deaths-in-baiga-region-firoz-khan-said-that-the-government-should-give-full-account-of-baiga-development/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dainik Yashonnati]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 16:02:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[बालाघाट]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[सिवनी]]></category>
		<category><![CDATA[Baiga Development]]></category>
		<category><![CDATA[Baiga Health Crisis]]></category>
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		<category><![CDATA[Baiga Tribe]]></category>
		<category><![CDATA[balaghat news]]></category>
		<category><![CDATA[Firoz Khan]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh News]]></category>
		<category><![CDATA[MP Government]]></category>
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		<category><![CDATA[Tribal Development]]></category>
		<category><![CDATA[Tribal Welfare]]></category>
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					<description><![CDATA[बैगा अंचल में मौतों पर सरकार को घेरा, 20 साल के खर्च का श्वेत पत्र मांगा Seoni 23 August 2026 सिवनी यशो:- बालाघाट के बैगा संरक्षित अंचल में जलजनित बीमारी से दो दर्जन से अधिक मौतों के मामले को लेकर कांग्रेस नेता फिरोज खान ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5 style="text-align: center;"><span style="color: #993366;"><strong>बैगा अंचल में मौतों पर सरकार को घेरा, 20 साल के खर्च का श्वेत पत्र मांगा</strong></span></h5>
<p><strong>Seoni 23 August 2026</strong><br />
<strong>सिवनी यशो:- बालाघाट के बैगा संरक्षित अंचल में जलजनित बीमारी से दो दर्जन से अधिक मौतों के मामले को लेकर कांग्रेस नेता फिरोज खान ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बैगा अंचल में हुई मौतों ने सरकार की स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता और जनकल्याण व्यवस्था की गंभीर कमियों को उजागर कर दिया है। उन्होंने मांग की कि पिछले 20 वर्षों में बैगा जनजाति के विकास एवं संरक्षण के नाम पर स्वीकृत और खर्च की गई राशि का श्वेत पत्र तत्काल जारी किया जाए।</strong></p>
<p><strong>फिरोज खान ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि मौतों के बाद प्रशासन द्वारा फॉगिंग, दवाइयों का वितरण, स्वास्थ्य जांच और सफाई अभियान चलाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब लोग बीमारी से जूझ रहे थे और मौतें हो रही थीं, तब सरकारी मशीनरी कहां थी?</strong></p>
<h3><span style="color: #003366;"><strong>मौतों के बाद फॉगिंग उपलब्धि नहीं, लापरवाही का प्रमाण : खान</strong></span></h3>
<p><strong>कांग्रेस नेता ने कहा कि लोगों की मौतों के बाद फॉगिंग कराना, मरीजों की जांच करना और दवाइयां बांटना सरकार की उपलब्धि नहीं है। यह इस बात का प्रमाण है कि यदि समय रहते निगरानी, स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाती तो हालात इतने भयावह होने से रोके जा सकते थे।</strong></p>
<p><strong>उन्होंने कहा कि प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि प्रभावित क्षेत्रों में बीमारी फैलने के शुरुआती संकेतों के बाद क्या कार्रवाई की गई और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा समय रहते क्या कदम उठाए गए।</strong></p>
<h3><span style="color: #003300;"><strong>बैगा विकास के नाम पर वर्षों से खर्च हो रहा बजट, फिर सुविधाएं कहां?</strong></span></h3>
<p><strong>फिरोज खान ने कहा कि बैगा जनजाति के विकास, संरक्षण, स्वास्थ्य, आवास, पेयजल, पोषण और शिक्षा के नाम पर वर्षों से भारी-भरकम बजट खर्च किया जा रहा है। इसके बावजूद यदि बैगा अंचल के लोग दूषित पानी और बीमारी के कारण दम तोड़ रहे हैं तो सरकार को अब केवल भाषण और घोषणाएं नहीं, बल्कि पूरे खर्च का हिसाब देना होगा।</strong></p>
<p><strong>उन्होंने सवाल उठाया कि बैगा विकास के नाम पर पैसा कहां गया? यदि पैसा खर्च हुआ तो जमीनी स्तर पर सुविधाएं कहां हैं? और यदि सुविधाएं नहीं पहुंचीं तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है?</strong></p>
<h3><span style="color: #800000;"><strong>20 वर्षों के खर्च का श्वेत पत्र जारी करने की मांग</strong></span></h3>
<p><strong>फिरोज खान ने सरकार से मांग की कि पिछले 20 वर्षों में बैगा जनजाति के विकास एवं संरक्षण के नाम पर स्वीकृत और खर्च की गई प्रत्येक राशि का श्वेत पत्र जारी किया जाए।</strong></p>
<p><strong>उन्होंने कहा कि श्वेत पत्र में स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि—</strong></p>
<ul>
<li><strong>किस योजना के तहत कितना बजट स्वीकृत हुआ।</strong></li>
<li><strong>कितना पैसा वास्तव में खर्च किया गया।</strong></li>
<li><strong>किन गांवों में कौन-कौन से विकास कार्य कराए गए।</strong></li>
<li><strong>प्रत्येक कार्य पर कितनी राशि खर्च हुई।</strong></li>
<li><strong>योजनाओं का वास्तविक लाभ कितने परिवारों को मिला।</strong></li>
<li><strong>योजनाओं की वर्तमान जमीनी स्थिति क्या है।</strong></li>
</ul>
<p><strong>उन्होंने कहा कि हर गांव और हर योजना का हिसाब जनता के सामने आना चाहिए।</strong></p>
<h3><span style="color: #0000ff;"><strong>हजारों की जांच और सैकड़ों मरीजों का उपचार गंभीर स्थिति का संकेत</strong></span></h3>
<p><strong>कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रभावित गांवों में हजारों लोगों की स्वास्थ्य जांच और सैकड़ों मरीजों के उपचार की जानकारी सामने आ रही है। ये आंकड़े स्वयं बताते हैं कि स्थिति कितनी गंभीर रही होगी।</strong></p>
<p><strong>उन्होंने सरकार से सवाल किया कि बीमारी इतनी विकराल होने से पहले स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के निगरानी तंत्र ने क्या किया? क्या समय रहते बीमारी के कारणों की पहचान की गई थी? क्या प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की जांच कराई गई थी? इन सभी सवालों का जवाब सरकार को देना चाहिए।</strong></p>
<h3><span style="color: #339966;"><strong>प्रत्येक मौत की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय हो</strong></span></h3>
<p><strong>फिरोज खान ने मांग की कि बैगा अंचल में हुई प्रत्येक मौत की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जांच के बाद यह सार्वजनिक किया जाए कि मौतें किन परिस्थितियों में हुईं और उनमें दूषित पानी, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, प्रशासनिक लापरवाही अथवा अन्य किसी कारण की क्या भूमिका रही।</strong></p>
<p><strong>उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।</strong></p>
<h3><span style="color: #008000;"><strong>बैगा योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार की भी जांच हो</strong></span></h3>
<p><strong>कांग्रेस नेता ने कहा कि बैगा आवास एवं विकास योजनाओं में पूर्व में सामने आए कथित भ्रष्टाचार के मामलों को भी सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए। जिस जनजाति के नाम पर वर्षों से योजनाएं बनाई जा रही हैं और बजट स्वीकृत किया जा रहा है, उसी जनजाति के लोग आज भी बुनियादी स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।</strong></p>
<p><strong>उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक कमी का विषय नहीं है, बल्कि पूरी व्यवस्था की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।</strong></p>
<h3><span style="color: #003300;"><strong>हर गांव और हर रुपये का हिसाब जनता के सामने आए</strong></span></h3>
<p><strong>फिरोज खान ने कहा कि सरकार चाहे तो जांच के माध्यम से पूरी सच्चाई सामने लाई जा सकती है। हर गांव का हिसाब हो, हर योजना का हिसाब हो और हर रुपये का हिसाब जनता के सामने रखा जाए।</strong></p>
<p><strong>उन्होंने कहा कि बैगा समाज के विकास के नाम पर खर्च की गई राशि का सामाजिक एवं वित्तीय ऑडिट कराया जाना चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि योजनाओं का वास्तविक लाभ हितग्राहियों तक पहुंचा या नहीं।</strong></p>
<h3><span style="color: #ff6600;"><strong>“मौतें सिर्फ आंकड़े नहीं, व्यवस्था की विफलता का आईना”</strong></span></h3>
<p><strong>फिरोज खान ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि दो दर्जन से अधिक मौतों को महज बीमारी का मामला बताकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। मौतें सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का आईना हैं।</strong></p>
<p><strong>उन्होंने मांग की कि बैगा अंचल में उच्चस्तरीय जांच के साथ सुरक्षित पेयजल की स्थायी व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, नियमित स्वास्थ्य निगरानी तथा बैगा विकास योजनाओं के खर्च का सामाजिक एवं वित्तीय ऑडिट कराया जाए।</strong></p>
<p><strong>फिरोज खान ने कहा कि “अब बैगा समाज को आश्वासन नहीं, जवाब चाहिए। सरकार को बताना होगा कि बैगा विकास के नाम पर आया पैसा कहां खर्च हुआ और इसके बावजूद बैगा परिवार बीमारी से क्यों जूझ रहे हैं। राहत कार्य चलते रहें, लेकिन इसके साथ लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार की जवाबदेही भी तय हो—यही न्याय है।”</strong></p>
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		<title>बैगा अंचल में मौतों के बाद जागा प्रशासन, अब सवाल—जिम्मेदारी तय होगी या फिर राहत तक सिमटेगा पूरा अभियान?</title>
		<link>https://dainikyashonnati.com/the-administration-woke-up-after-the-deaths-in-baiga-region-now-the-question-is-whether-responsibility-will-be-fixed-or-the-entire-campaign-will-be-limited-to-relief/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dainik Yashonnati]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Aug 2026 17:01:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[देश विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[बैगा अंचल में मौतों के बाद जागा प्रशासन, अब 20 साल के खर्च का हिसाब और जिम्मेदारी तय करने की मांग bakaghat 22 August 2026 बालाघाट यशो:- बैगा जनजाति के संरक्षित अंचल में बीमारी से हुई दो दर्जन से अधिक मौतों ने स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता और सरकारी व्यवस्थाओं की गंभीर तस्वीर सामने ला दी है। मौतों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h4 style="text-align: right;" data-start="632" data-end="1196"><span style="color: #003366;"><strong>बैगा अंचल में मौतों के बाद जागा प्रशासन, अब 20 साल के खर्च का हिसाब और जिम्मेदारी तय करने की मांग</strong></span></h4>
<p data-start="632" data-end="1196"><strong>bakaghat 22 August 2026</strong><br />
<strong>बालाघाट यशो:- बैगा जनजाति के संरक्षित अंचल में बीमारी से हुई दो दर्जन से अधिक मौतों ने स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता और सरकारी व्यवस्थाओं की गंभीर तस्वीर सामने ला दी है। मौतों के बाद प्रशासन अब प्रभावित गांवों में घर-घर स्वास्थ्य परीक्षण, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, फॉगिंग, कीटनाशक छिड़काव, जलस्रोतों की सफाई, आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण व्यवस्था और छात्रावासों में मच्छरदानियों की उपलब्धता जैसे कदम उठा रहा है। राहत और बचाव के ये प्रयास आवश्यक हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी अपनी जगह खड़ा है—इतनी मौतें होने तक व्यवस्था कहां थी और इसके लिए जिम्मेदार कौन है?</strong></p>
<p data-start="1198" data-end="1542"><strong>प्रभावित गांवों में अब तक 3,527 लोगों की घर-घर स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। इनमें 720 लोग विभिन्न बीमारियों से प्रभावित मिले, जबकि 213 मरीजों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया और 507 मरीजों का घर पर उपचार किया गया। अस्पताल भेजे गए मरीजों में से बड़ी संख्या स्वस्थ होकर वापस लौट चुकी है, जबकि कुछ मरीज अभी उपचाररत हैं।</strong></p>
<h3 data-start="1544" data-end="1583"><strong><span style="color: #003300;">मौतों के बाद शुरू हुआ व्यापक अभियान</span></strong></h3>
<p data-start="1585" data-end="1873"><strong>बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावित 19 गांवों के 2,343 घरों में इंडोर-आउटडोर फॉगिंग, लार्वा सर्वे और कीटनाशक छिड़काव किया गया है। जलस्रोतों के आसपास सफाई, गड्ढों की भराई, नालियों की सफाई और सड़क मार्गों की सफाई के साथ बीमारी की आशंका वाले 19 डार्क स्पॉट भी चिन्हित कर साफ किए गए हैं।</strong></p>
<p data-start="1875" data-end="2098"><strong>आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए नियमित पोषण आहार की व्यवस्था की गई है। प्रभावित क्षेत्रों में 1,243 बच्चों तक भोजन पहुंचाया गया, जबकि जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों को घर पहुंचकर भोजन तथा टेक होम राशन उपलब्ध कराया गया।</strong></p>
<p data-start="2100" data-end="2313"><strong>छात्रावासों और आश्रमों में भी सफाई, पानी की टंकियों की सफाई तथा मच्छरदानियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। पशुधन को भी अभियान से जोड़ा गया है और 276 पशुओं की जांच के साथ 251 पशुओं का टीकाकरण किया गया है।</strong></p>
<h3 data-start="2315" data-end="2378"><strong><span style="color: #003366;">राहत जरूरी, लेकिन मौतों की जिम्मेदारी तय करना उससे भी जरूरी</span></strong></h3>
<p data-start="2380" data-end="2526"><strong>प्रशासन द्वारा शुरू किए गए ये प्रयास तत्काल राहत के लिए जरूरी हैं, लेकिन सवाल यह है कि इन व्यवस्थाओं की जरूरत मौतों के बाद ही क्यों महसूस हुई?</strong></p>
<p data-start="2528" data-end="2779"><strong>यदि किसी क्षेत्र में स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता और पोषण की नियमित निगरानी पहले से प्रभावी होती तो क्या स्थिति यहां तक पहुंचती? यदि बीमारी के कारण दो दर्जन से अधिक लोगों की जान गई है तो केवल वर्तमान में किए जा रहे राहत कार्य पर्याप्त नहीं माने जा सकते।</strong></p>
<p data-start="2781" data-end="3040"><strong>हर मौत की परिस्थितियों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यह स्पष्ट होना चाहिए कि बीमारी के कारण क्या थे, दूषित पानी या अन्य परिस्थितियों की क्या भूमिका रही, स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी थी और समय रहते आवश्यक कदम क्यों नहीं उठाए गए।</strong></p>
<p data-start="3042" data-end="3171"><strong>मौतों के बाद राहत पहुंचाना प्रशासन का दायित्व है, लेकिन मौतों के कारणों तक पहुंचना और जिम्मेदारी तय करना शासन की जवाबदेही है।</strong></p>
<h3 data-start="3173" data-end="3227"><strong><span style="color: #993300;">बैगा विकास के नाम पर वर्षों से खर्च का भी हो हिसाब</span></strong></h3>
<p data-start="3229" data-end="3457"><strong>यह मामला इसलिए और गंभीर हो जाता है क्योंकि बैगा जनजाति संरक्षित जनजातीय समुदाय है और इसके संरक्षण, संवर्धन, स्वास्थ्य, आवास, शिक्षा, पोषण तथा मूलभूत सुविधाओं के नाम पर वर्षों से शासन की ओर से बड़ी धनराशि खर्च की जाती रही है।</strong></p>
<p data-start="3459" data-end="3708"><strong>यदि दशकों के सरकारी निवेश के बाद भी बैगा बहुल क्षेत्रों में लोगों को स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल और बुनियादी स्वच्छता जैसी सुविधाओं के लिए ऐसी त्रासदी का सामना करना पड़ रहा है तो निश्चित रूप से योजनाओं के क्रियान्वयन और धन के उपयोग की समीक्षा आवश्यक है।</strong></p>
<p data-start="3710" data-end="3911"><strong>सरकार को केवल वर्तमान संकट का उपचार नहीं करना चाहिए, बल्कि पिछले कम से कम 20 वर्षों में बैगा जनजाति के संरक्षण और विकास के नाम पर स्वीकृत एवं खर्च की गई राशि का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक करना चाहिए।</strong></p>
<p data-start="3913" data-end="4097"><strong>किस गांव में कितना पैसा गया?</strong><br data-start="3941" data-end="3944" /><strong>किस योजना में कितना खर्च हुआ?</strong><br data-start="3973" data-end="3976" /><strong>कितने मकान बने?</strong><br data-start="3991" data-end="3994" /><strong>कितने परिवारों को लाभ मिला?</strong><br data-start="4021" data-end="4024" /><strong>पेयजल और स्वास्थ्य के लिए कितना बजट आया?</strong><br data-start="4064" data-end="4067" /><strong>और वास्तविक स्थिति आज क्या है?</strong></p>
<p data-start="4099" data-end="4140"><strong>इन सवालों का जवाब अब जनता को मिलना चाहिए।</strong></p>
<h3 data-start="4142" data-end="4216"><strong><span style="color: #003300;">आवास योजना में भ्रष्टाचार पर हाईकोर्ट की कार्रवाई भी सवाल खड़े करती है</span></strong></h3>
<p data-start="4218" data-end="4569"><strong>बैगा परिवारों के आवास और विकास योजनाओं में पूर्व में सामने आए भ्रष्टाचार के मामले को भी इस पूरे घटनाक्रम से अलग करके नहीं देखा जा सकता। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व आदेश में बैगा आवास से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में तत्कालीन सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग के विरुद्ध बर्खास्तगी, एफआईआर और राशि की वसूली जैसी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।</strong></p>
<p data-start="4571" data-end="4772"><strong>यह न्यायिक कार्रवाई अपने आप में इस बात की गंभीरता को रेखांकित करती है कि बैगा जनजाति के नाम पर संचालित योजनाओं में यदि भ्रष्टाचार हुआ है तो उसका सीधा असर उस समुदाय तक पहुंचने वाली सुविधाओं पर पड़ता है।</strong></p>
<p data-start="4774" data-end="4982"><strong>इसलिए वर्तमान मौतों के बाद केवल बीमारी और पेयजल की जांच तक मामला सीमित नहीं रहना चाहिए। बैगा विकास योजनाओं में पूर्व में हुए भ्रष्टाचार और वर्तमान स्थिति के बीच भी प्रशासन को गंभीरता से पड़ताल करनी चाहिए।</strong></p>
<h3 data-start="4984" data-end="5032"><strong><span style="color: #ff6600;">‘जनविश्वास’ तभी बनेगा जब जमीन पर जवाब मिलेगा</span></strong></h3>
<p data-start="5034" data-end="5261"><strong>इसी बीच प्रभावित क्षेत्र में प्रशासनिक स्तर पर शिकायतों के निराकरण और ग्रामीणों की समस्याएं सुनने का अभियान भी चल रहा है। ग्रामीणों की समस्याओं में राशन, पेंशन, स्वास्थ्य, सरकारी योजनाओं का लाभ और अन्य मूलभूत जरूरतें शामिल हैं।</strong></p>
<p data-start="5263" data-end="5391"><strong>लेकिन जनविश्वास केवल शिविर लगाने या आवेदन लेने से कायम नहीं होगा। जनविश्वास तब बनेगा, जब आवेदन का परिणाम जमीन पर दिखाई देगा।</strong></p>
<p data-start="5393" data-end="5633"><strong>इसी तरह स्वास्थ्य अभियान की सफलता भी केवल आंकड़ों से तय नहीं होगी। वास्तविक सफलता तब होगी जब प्रभावित गांवों में बीमारी की पुनरावृत्ति रुके, सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो, स्वच्छता की स्थायी व्यवस्था बने और लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा मिले।</strong></p>
<h4 data-start="5635" data-end="5703"><strong><span style="color: #0000ff;">विशेषज्ञों की चिकित्सा सुविधा और स्थायी स्वास्थ्य व्यवस्था जरूरी</span></strong></h4>
<p data-start="5705" data-end="6002"><strong>बैगा बहुल क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के स्वास्थ्य शिविर, स्थायी एंबुलेंस, आवश्यकता वाले क्षेत्रों में एएनएम की पदस्थापना और नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रस्ताव जैसे कदम स्वागत योग्य हैं। लेकिन इन्हें तत्काल अभियान तक सीमित रखने के बजाय स्थायी स्वास्थ्य ढांचे में बदला जाना चाहिए।</strong></p>
<p data-start="6004" data-end="6249"><strong>बैगा परिवारों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ पोषण, रोजगार और आय के स्थायी साधनों पर भी काम करना होगा। प्रस्तावित बहुस्तरीय नर्सरी मॉडल, पशुपालन, उद्यानिकी और स्थानीय आजीविका के माध्यम से परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कार्य आवश्यक है।</strong></p>
<h3 data-start="6251" data-end="6315"><strong><span style="color: #800000;">अब कार्रवाई केवल बीमारी पर नहीं, व्यवस्था की बीमारी पर भी हो</span></strong></h3>
<p data-start="6317" data-end="6490"><strong>बैगा अंचल में हुई मौतें केवल एक स्वास्थ्य संकट नहीं हैं। यह स्वास्थ्य व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, पोषण, प्रशासनिक निगरानी और योजनाओं के क्रियान्वयन की सामूहिक परीक्षा है।</strong></p>
<p data-start="6492" data-end="6708"><strong>मौतों के बाद फॉगिंग हो रही है, दवाएं पहुंच रही हैं, मरीज अस्पताल जा रहे हैं, सफाई हो रही है और भोजन बांटा जा रहा है—यह सब जरूरी है। लेकिन इसके साथ यह भी तय होना चाहिए कि इतनी बड़ी मानवीय त्रासदी की नौबत क्यों आई।</strong></p>
<p data-start="6710" data-end="6941"><strong>सरकार को चाहिए कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराए, प्रत्येक मौत का कारण स्पष्ट करे, जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका निर्धारित करे और जहां लापरवाही या भ्रष्टाचार प्रमाणित हो वहां कठोर दंडात्मक कार्रवाई करे।</strong></p>
<p data-start="6943" data-end="7172"><strong>बैगा जनजाति के नाम पर करोड़ों खर्च करने के बाद यदि आज भी उसके परिवार बीमारी, दूषित पानी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं तो केवल नई घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं। अब हिसाब चाहिए, जवाब चाहिए और जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।</strong></p>
<p data-start="7174" data-end="7333" data-is-last-node="" data-is-only-node=""><strong>क्योंकि दो दर्जन से अधिक मौतों के बाद केवल राहत पहुंचाना पर्याप्त नहीं—मौतों के पीछे छिपी व्यवस्था की विफलता और भ्रष्टाचार तक पहुंचना भी उतना ही आवश्यक है।</strong></p>
<p data-start="7174" data-end="7333" data-is-last-node="" data-is-only-node=""><span style="color: #003366;"><strong>यह भी पढ़े :-</strong></span></p>
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			</item>
		<item>
		<title>सिवनी में जनजातीय विरासत को मिलेगा नया आयाम: बनेगा सांस्कृतिक संग्रहालय, पर्यटन से जुड़ेंगे ऐतिहासिक स्थल</title>
		<link>https://dainikyashonnati.com/tribal-heritage-will-get-a-new-dimension-in-seoni-cultural-museum-will-be-built/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dainik Yashonnati]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 10:40:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[सिवनी]]></category>
		<category><![CDATA[Forest Rights]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh News]]></category>
		<category><![CDATA[Neha Meena]]></category>
		<category><![CDATA[Seoni Collector]]></category>
		<category><![CDATA[seoni news]]></category>
		<category><![CDATA[Seoni Tourism]]></category>
		<category><![CDATA[Tribal Cultural Museum]]></category>
		<category><![CDATA[Tribal Culture Seoni]]></category>
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					<description><![CDATA[सिवनी में जनजातीय संस्कृति को मिलेगा नया आयाम, बनेगा सांस्कृतिक संग्रहालय Seoni 13 August 2026 सिवनी यशो:- जिले की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। कलेक्टर सभाकक्ष में कलेक्टर श्रीमती नेहा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5 style="text-align: right;"><span style="color: #000080;"><strong>सिवनी में जनजातीय संस्कृति को मिलेगा नया आयाम, बनेगा सांस्कृतिक संग्रहालय</strong></span></h5>
<p><strong>Seoni 13 August 2026</strong><br />
<strong>सिवनी यशो:- जिले की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है।</strong></p>
<p><strong> कलेक्टर सभाकक्ष में कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना की अध्यक्षता में जनजातीय संगठनों के प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों की सार्थक परिचर्चा आयोजित की गई।</strong></p>
<figure id="attachment_50089" aria-describedby="caption-attachment-50089" style="width: 300px" class="wp-caption alignright"><img loading="lazy" decoding="async" class="wp-image-50089 size-medium" src="https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2026/08/जनजातीय-संगठनों-के-साथ-परिचर्चा-7-300x169.jpeg" alt="सिवनी में जनजातीय सांस्कृतिक संग्रहालय को लेकर कलेक्टर नेहा मीना की बैठक" width="300" height="169" title="सिवनी में जनजातीय विरासत को मिलेगा नया आयाम: बनेगा सांस्कृतिक संग्रहालय, पर्यटन से जुड़ेंगे ऐतिहासिक स्थल | Dainik Yashonnati" srcset="https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2026/08/जनजातीय-संगठनों-के-साथ-परिचर्चा-7-300x169.jpeg 300w, https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2026/08/जनजातीय-संगठनों-के-साथ-परिचर्चा-7-1024x576.jpeg 1024w, https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2026/08/जनजातीय-संगठनों-के-साथ-परिचर्चा-7-768x432.jpeg 768w, https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2026/08/जनजातीय-संगठनों-के-साथ-परिचर्चा-7-390x220.jpeg 390w, https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2026/08/जनजातीय-संगठनों-के-साथ-परिचर्चा-7.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /><figcaption id="caption-attachment-50089" class="wp-caption-text">कलेक्टर नेहा मीना ने जनजातीय संगठनों के साथ की परिचर्चा</figcaption></figure>
<p><strong> बैठक में संस्कृति संरक्षण से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, वनाधिकार दावे, रोजगार, स्वरोजगार और पर्यटन विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।</strong></p>
<p><strong>बैठक में पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी, डीएफओ महेंद्र सिंह उईके, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अंजली शाह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनजातीय संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।</strong></p>
<h3><span style="color: #003300;"><strong>जिले में बनेगा जनजातीय सांस्कृतिक संग्रहालय</strong></span></h3>
<p><strong>परिचर्चा के दौरान जनजातीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला मुख्यालय में जनजातीय सांस्कृतिक संग्रहालय स्थापित करने की मांग रखी। </strong></p>
<p><strong>प्रतिनिधियों ने कहा कि संग्रहालय के माध्यम से जिले की जनजातीय संस्कृति, परंपराओं, कला, जीवनशैली और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के साथ आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सकेगा।</strong></p>
<p><strong>कलेक्टर ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को संग्रहालय स्थापना का प्रस्ताव तैयार कर शासन स्तर पर भेजने के निर्देश दिए।</strong></p>
<p><strong>उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय की संस्कृति और परंपराएं जिले की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर हैं। इनका संरक्षण केवल सांस्कृतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।</strong></p>
<h3><span style="color: #003366;"><strong>ऐतिहासिक और देवस्थलों को पर्यटन से जोड़ने की तैयारी</strong></span></h3>
<p><strong>कलेक्टर ने जिले के जनजातीय ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाले स्थलों को चिन्हांकित करने के निर्देश दिए। इन स्थलों को टूरिज्म काउंसिल के माध्यम से पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने की संभावनाओं का परीक्षण करने को कहा गया।</strong></p>
<p><strong>उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति और विरासत को पर्यटन से जोड़ने से इन स्थानों को व्यापक पहचान मिलेगी। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी विकसित किए जा सकेंगे।</strong></p>
<p><strong>प्रतिनिधियों की मांग पर मठघोघरा, रिछारिया और भीमघाट सहित अन्य देवस्थलों के उन्नयन एवं सौंदर्यीकरण तथा इन देवस्थलों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने के संबंध में भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।</strong></p>
<h3><span style="color: #003366;"><strong>जनजातीय क्षेत्रों में लगेंगे स्वरोजगार शिविर</strong></span></h3>
<p><strong>स्वरोजगार से जुड़े विषयों पर कलेक्टर ने सीईओ जिला पंचायत श्रीमती अंजली शाह को जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में क्लस्टरवार शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।</strong></p>
<p><strong>इन शिविरों में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी देने के साथ मौके पर आवेदन लेने और उन्हें योजनाओं से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही आधार, समग्र और बैंक खाते से जुड़ी समस्याओं का भी मौके पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।</strong></p>
<h3><span style="color: #003366;"><strong>सीताफल किसानों के लिए होगी बायर-सेलर मीट</strong></span></h3>
<p><strong>जनजातीय किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। कलेक्टर ने सीताफल उत्पादक जनजातीय किसानों के लिए वृहद बायर-सेलर मीट आयोजित करने के निर्देश दिए।</strong></p>
<p><strong>इससे किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उन्हें सीधे खरीदारों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर बाजार और उचित अवसर मिल सके।</strong></p>
<h3><span style="color: #003366;"><strong>जनजातीय शिल्पकारों को मिलेगा बेहतर बाजार</strong></span></h3>
<p><strong>बैठक में जनजातीय शिल्पकारों के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने जनजातीय शिल्पकारों को ट्राइबल फेडरेशन ऑफ इंडिया से जोड़ने के प्रयास करने के निर्देश दिए।</strong></p>
<p><strong>इससे पारंपरिक जनजातीय उत्पादों को बेहतर बाजार और विपणन के अवसर मिल सकेंगे। साथ ही पारंपरिक कला और शिल्प को संरक्षित करते हुए शिल्पकारों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।</strong></p>
<h3><span style="color: #003366;"><strong>छात्रावासों में हर महीने होगा स्वास्थ्य परीक्षण</strong></span></h3>
<p><strong>शिक्षा और स्वास्थ्य के विषय पर कलेक्टर ने बताया कि जिले के सभी छात्रावासों में अध्ययनरत बच्चों के लिए प्रतिमाह स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। प्रत्येक बच्चे का स्वास्थ्य कार्ड भी बनाया जा रहा है।</strong></p>
<p><strong>उन्होंने जनजातीय संगठनों के प्रतिनिधियों की मांग पर विद्यार्थियों और युवाओं के लिए जिले एवं विकासखंड स्तर पर PSC, UPSC सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग और मार्गदर्शन की संभावनाओं पर काम करने के निर्देश दिए।</strong></p>
<p><strong>प्रतिभावान विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री, मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।</strong></p>
<h3><span style="color: #003366;"><strong>दिसंबर 2026 तक वनाधिकार दावों के निराकरण का लक्ष्य</strong></span></h3>
<p><strong>वनाधिकार दावों के त्वरित निराकरण को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने 15 अगस्त को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम पंचायतों में ग्राम स्तरीय वन समितियों के पुनर्गठन के निर्देश दिए।</strong></p>
<p><strong>उन्होंने पुराने लंबित और नए वनाधिकार दावों का आवश्यक दस्तावेजों एवं अभिलेखों के आधार पर परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।</strong></p>
<p><strong>कलेक्टर ने दिसंबर 2026 तक लंबित पुराने और नए वनाधिकार दावों के नियमानुसार निराकरण का लक्ष्य रखते हुए नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।</strong></p>
<p><strong>वन विभाग से संबंधित समस्याओं पर भी उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए संबंधित प्रकरणों का नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।</strong></p>
<h3><span style="color: #003366;"><strong>पुलिस से जुड़े मामलों में सहयोग का आश्वासन</strong></span></h3>
<p><strong>जनजातीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने पुलिस विभाग से जुड़े विभिन्न विषय भी बैठक में रखे। इन पर पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंदानी ने प्रतिनिधियों को आवश्यक कार्रवाई और सहयोग का आश्वासन दिया।</strong></p>
<h2><strong>संस्कृति संरक्षण के साथ विकास पर प्रशासन का फोकस</strong></h2>
<p><strong>कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने कहा कि जनजातीय समुदाय की समस्याओं का निराकरण और उनकी संस्कृति एवं परंपराओं का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।</strong></p>
<p><strong>उन्होंने अधिकारियों को जनजातीय संगठनों से प्राप्त सुझावों को विभागीय कार्ययोजनाओं में शामिल कर ठोस और परिणाममूलक पहल करने के निर्देश दिए।</strong></p>
<p><strong>कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, बुनियादी सुविधाओं और शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा।</strong></p>
<p><strong>बैठक में हुई परिचर्चा से स्पष्ट है कि प्रशासन अब जनजातीय संस्कृति के संरक्षण को रोजगार, पर्यटन और आर्थिक विकास से जोड़ने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।</strong></p>
<p><strong> सांस्कृतिक संग्रहालय की स्थापना, ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन से जोड़ने, किसानों और शिल्पकारों को बाजार उपलब्ध कराने तथा युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देने जैसी पहल जिले के जनजातीय क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।</strong></p>
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<p><a href="https://mptribalmuseum.com/" target="_blank" rel="noopener">https://mptribalmuseum.com/</a></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गांव की बेटी से कलेक्टर तक: IAS नेहा मीना ने बदला झाबुआ, अब सिवनी में बदलाव की उम्मीद</title>
		<link>https://dainikyashonnati.com/ias-neha-meena-seoni-collector-model/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dainik Yashonnati]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Apr 2026 10:14:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[सिवनी]]></category>
		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Collector Seoni Ms. Sanskriti Jain]]></category>
		<category><![CDATA[IAS Neha Meena]]></category>
		<category><![CDATA[Jhabua Model]]></category>
		<category><![CDATA[Mp news]]></category>
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		<category><![CDATA[Tribal Development]]></category>
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					<description><![CDATA[IAS नेहा मीना सिवनी कलेक्टर: झाबुआ मॉडल से बदलाव की उम्मीद सिवनी  11 अप्रैल 2026 सिवनी यशो:- मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिले झाबुआ में जब विकास की नई कहानी लिखी जा रही थी, तब उसके केंद्र में थीं आईएएस नेहा मीना। एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर भारतीय प्रशासनिक सेवा तक पहुंचने वाली नेहा मीना &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<article style="font-family: Arial, sans-serif; line-height: 1.7; color: #222;"><!-- Headline --></p>
<article style="font-family: Arial, sans-serif; line-height: 1.7; color: #222;"><!-- Headline --><!-- Meta --><script type="application/ld+json">
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"headline": "IAS नेहा मीना सिवनी कलेक्टर: झाबुआ मॉडल से बदलाव की उम्मीद",
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"description": "IAS नेहा मीना के सिवनी कलेक्टर बनने से झाबुआ मॉडल के जरिए जिले में कुपोषण, जल संकट और भ्रष्टाचार पर असर पड़ने की उम्मीद।"
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</script></p>
<h3 style="font-size: 14px; color: #777777; text-align: center;"><span style="color: #ff0000;"><strong>IAS नेहा मीना सिवनी कलेक्टर: झाबुआ मॉडल से बदलाव की उम्मीद</strong></span></h3>
<p style="font-size: 14px; color: #777;"><strong>सिवनी  11 अप्रैल 2026</strong></p>
<p><strong><!-- Intro --></strong></p>
<p><strong>सिवनी यशो:- मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिले झाबुआ में जब विकास की नई कहानी लिखी जा रही थी, तब उसके केंद्र में थीं</strong><br />
<strong>आईएएस नेहा मीना। एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर भारतीय प्रशासनिक सेवा तक पहुंचने वाली</strong><br />
<strong>नेहा मीना आज उन अधिकारियों में गिनी जाती हैं, जिन्होंने सरकारी योजनाओं को फाइलों से निकालकर</strong><br />
<strong>सीधे जनता के जीवन से जोड़ा। अब </strong><mark>IAS नेहा मीना सिवनी कलेक्टर के रूप में जिले में पहुंच रही है </mark><strong> तो जिले को उनकी कार्यशैली का</strong><br />
<strong>व्यापक लाभ मिलने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।</strong></p>
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<strong><span style="color: #003300;"><a style="color: #003300;" href="https://dainikyashonnati.com/mp-ias-transfer-14-districts-2026/">MP में 26 IAS तबादले: 14 जिलों में बड़ा फेरबदल, 3 महिला कलेक्टर नियुक्त-भोपाल-सिवनी सहित कई जगह बदलाव</a></span></strong><br />
<strong><!-- Early Life --></strong></p>
<h3 style="color: #b30000;"><strong>प्रारंभिक जीवन और शिक्षा</strong></h3>
<p><strong>नेहा मीना का जन्म राजस्थान के एक सामान्य परिवार में हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्कूलों में हुई, जहां उन्होंने</strong><br />
<strong>सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बचपन से ही उन्हें समाज और गरीब वर्ग की समस्याओं को समझने में</strong><br />
<strong>रुचि थी, जिसने आगे चलकर उनके प्रशासनिक दृष्टिकोण को मजबूत किया।</strong></p>
<p><strong><!-- Education --></strong></p>
<h3 style="color: #b30000;"><strong>उच्च शिक्षा और UPSC सफर</strong></h3>
<p><strong>उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान और अर्थशास्त्र में स्नातक तथा अर्थशास्त्र में परास्नातक किया।</strong><br />
<strong>सामाजिक और आर्थिक मुद्दों की गहरी समझ ने उन्हें UPSC की तैयारी में बढ़त दिलाई और वर्ष 2014 में उन्होंने</strong><br />
<strong>भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में सफलता हासिल की।</strong></p>
<p><span style="color: #800000;">यह भी पढ़े :-</span><a href="https://dainikyashonnati.com/kanha-tiger-sunaina-death/">सिवनी में धूमधाम से मनाई जाएगी अंबेडकर जयंती, भाजपा ने बनाई मजबूत टीम</a></p>
<p><strong><!-- Career --></strong></p>
<h3 style="color: #b30000;"><strong>प्रशासनिक यात्रा</strong></h3>
<p><strong>प्रशिक्षण के बाद उन्होंने मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्य किया और वर्तमान में झाबुआ जिले की कलेक्टर एवं</strong><br />
<strong>जिला दंडाधिकारी के रूप में सेवाएं दे रही हैं। झाबुआ जैसे आदिवासी क्षेत्र में काम करना किसी चुनौती से कम नहीं था,</strong><br />
<strong>लेकिन उन्होंने इसे अवसर में बदल दिया।</strong></p>
<p><strong><!-- Malnutrition --></strong></p>
<h3 style="color: #b30000;"><strong>कुपोषण के खिलाफ “मोटी-आई” अभियान</strong></h3>
<p><strong>झाबुआ लंबे समय से कुपोषण की समस्या से जूझ रहा था। नेहा मीना ने “मोटी-आई” (बुजुर्ग माताएं) पहल शुरू की,</strong><br />
<strong>जिसमें गांव की अनुभवी महिलाओं को बच्चों के पोषण की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस पहल ने न केवल कुपोषण कम किया,</strong><br />
<strong>बल्कि समाज में जागरूकता भी बढ़ाई।</strong></p>
<p><span style="color: #800000;">यह भी पढ़े :-<span style="color: #ffff00;"> <span style="color: #993300;"><a style="color: #993300;" href="https://dainikyashonnati.com/big-campaign-on-malnutrition-newborn-protection-and-sickle-cell-prevention/">प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करने देश से सिकल सेल को मिटाना है: बंटी विवेक साहू</a></span></span></span></p>
<p><strong><!-- Development --></strong></p>
<h3 style="color: #b30000;"><strong>आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य</strong></h3>
<p><strong>उन्होंने केंद्र सरकार के आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम को जमीन पर उतारते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्रों में</strong><br />
<strong>उल्लेखनीय सुधार किए। उनके इसी कार्य के लिए उन्हें प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया।</strong></p>
<p><strong><!-- Water --></strong></p>
<h3 style="color: #b30000;"><strong>जल संरक्षण और नवाचार</strong></h3>
<p><strong>जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों में उन्होंने सामुदायिक भागीदारी से जल संरक्षण कार्यों को बढ़ावा दिया और नदियों के</strong><br />
<strong>पुनर्जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके लिए उन्हें राष्ट्रीय जल पुरस्कार भी प्राप्त हुआ।</strong></p>
<p><span style="color: #800000;">यह भी पढ़े :-</span><span style="color: #ff6600;"><a style="color: #ff6600;" href="https://dainikyashonnati.com/mp-water-crisis-seoni-reservoir-silt/">5 बड़े कारणों से गहराता जल संकट: सिवनी के जलाशयों में सिल्ट का ‘खतरा’, सरकार की योजनाएं क्यों हो रहीं फेल?</a></span></p>
<p><strong><!-- Election --></strong></p>
<h3 style="color: #b30000;"><strong>चुनाव प्रबंधन में उत्कृष्टता</strong></h3>
<p><strong>चुनावों को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए उन्होंने कई नवाचार किए, जिससे मतदान प्रतिशत में वृद्धि हुई और</strong><br />
<strong>उन्हें बेस्ट इलेक्टोरल प्रैक्टिस अवार्ड से सम्मानित किया गया।</strong></p>
<p><strong><!-- Style --></strong></p>
<h3 style="color: #b30000;"><strong>कार्यशैली: जमीनी जुड़ाव और नवाचार</strong></h3>
<ul>
<li><strong>फील्ड विजिट और जनसंवाद पर जोर</strong></li>
<li><strong>जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल</strong></li>
<li><strong>डेटा आधारित निर्णय और निगरानी</strong></li>
<li><strong>महिला और बाल विकास पर विशेष फोकस</strong></li>
</ul>
<p><strong><!-- Awards --></strong></p>
<h3 style="color: #b30000;"><strong>प्रमुख सम्मान</strong></h3>
<ul>
<li><strong>प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2024</strong></li>
<li><strong>राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2020</strong></li>
<li><strong>लैंड इक्वल प्लेटिनम अवार्ड 2023</strong></li>
<li><strong>बेस्ट इलेक्टोरल प्रैक्टिस अवार्ड 2025</strong></li>
</ul>
<p><strong><!-- Seoni Connection --></strong></p>
<h3 style="color: #b30000;"><strong>सिवनी के लिए क्यों अहम हो सकती है यह पोस्टिंग?</strong></h3>
<p><strong>सिवनी जिला भी आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां कुल 8 विकासखंडों में से 5 आदिवासी प्रभाव वाले हैं, जबकि 4 विधानसभा क्षेत्रों में से</strong><br />
<strong>2 अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं। ऐसे में नेहा मीना जैसी अधिकारी की कार्यशैली यहां विशेष रूप से प्रभावी साबित हो सकती है।</strong></p>
<p><span style="color: #800000;">यह भी पढ़े :- <a href="https://dainikyashonnati.com/seoni-district-hospital-inspection/">जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं पर सख्ती: कलेक्टर शीतला पटले का एक्शन मोड, गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माने के निर्देश</a></span></p>
<p><strong>जिले में वर्तमान समय में सिकल सेल, कुपोषण, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, पेयजल संकट, नशे का बढ़ता कारोबार,<br />
नौकरशाही की मनमानी और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दे मौजूद हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए</strong><br />
<strong>झाबुआ में अपनाया गया उनका मॉडल सिवनी में भी लागू किया जा सकता है।</strong></p>
<p><strong>विशेष रूप से “मोटी-आई” जैसी जनभागीदारी आधारित पहल, जल संरक्षण के प्रयास और फील्ड आधारित प्रशासनिक शैली</strong><br />
<strong>सिवनी जिले में विकास की गति को नई दिशा दे सकते हैं।</strong></p>
<p><strong><!-- Conclusion --></strong></p>
<p><strong>नेहा मीना की कहानी सिर्फ एक अधिकारी की सफलता नहीं, बल्कि उस सोच की जीत है जिसमें प्रशासन को</strong><br />
<strong>जनसेवा का माध्यम माना जाता है। यदि उनकी कार्यशैली सिवनी में लागू होती है, तो यह जिला भी</strong><br />
<strong>झाबुआ की तरह एक सफल विकास मॉडल बन सकता है।</strong></p>
<p><strong>By दैनिक यशोन्नति | सिवनी | Updated: 2026</strong></p>
<p><a href="https://www.youtube.com/watch?v=Y-tNschnNbI" target="_blank" rel="noopener">https://www.youtube.com/watch?v=Y-tNschnNbI</a></p>
<p><!-- Tags --></p>
</article>
</article>
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			</item>
		<item>
		<title>महापुरुष, संस्कृति और सभ्यता भारतवर्ष की असली पूंजी — मौसम बिसेन</title>
		<link>https://dainikyashonnati.com/great-man-culture-and-civilization/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dainik Yashonnati]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 20 Dec 2025 16:46:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[बालाघाट]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[Baiga Culture]]></category>
		<category><![CDATA[Balaghat Municipality]]></category>
		<category><![CDATA[balaghat news]]></category>
		<category><![CDATA[Chhatrapati Shivaji Park]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Cultural Heritage]]></category>
		<category><![CDATA[mausam bisen]]></category>
		<category><![CDATA[Tribal Culture]]></category>
		<category><![CDATA[Tribal Development]]></category>
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					<description><![CDATA[Balaghat 20 December 2025 बैगा संस्कृति प्रतिमा और शिवाजी पार्क लोकार्पण बालाघाट शहर के अंबेडकर चौक में 20 दिसंबर को भव्य रूप से संपन्न हुआ, जहां बैगा जनजातीय संस्कृति और छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य को सम्मानित किया गया। बालाघाट यशो:- आदिम बैगा जनजाति की प्रकृति-निष्ठ संस्कृति भारत की अमूल्य धरोहर है। महापुरुषों के त्याग, आदिवासी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p data-start="467" data-end="767"><strong>Balaghat 20 December 2025</strong></p>
<blockquote>
<h6 style="text-align: center;" data-start="467" data-end="767"><strong>बैगा संस्कृति प्रतिमा और शिवाजी पार्क लोकार्पण बालाघाट शहर के अंबेडकर चौक में 20 दिसंबर को भव्य रूप से संपन्न हुआ, जहां बैगा जनजातीय संस्कृति और छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य को सम्मानित किया गया।</strong></h6>
</blockquote>
<p data-start="467" data-end="767"><strong>बालाघाट यशो:- आदिम बैगा जनजाति की प्रकृति-निष्ठ संस्कृति भारत की <a href="https://dainikyashonnati.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b8/">अमूल्य धरोहर</a> है। महापुरुषों के त्याग, <a href="https://dainikyashonnati.com/sarva-adivasi-samaj-meeting-on-09-february/">आदिवासी समाज</a> की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजना ही राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव है। यह बात पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के सदस्य मौसम बिसेन ने अंबेडकर चौक में आयोजित लोकार्पण समारोह में कही।</strong></p>
<figure id="attachment_39039" aria-describedby="caption-attachment-39039" style="width: 2560px" class="wp-caption alignnone"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-full wp-image-39039" src="https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG_4530-scaled.jpeg" alt="छत्रपति शिवाजी पार्क बालाघाट का उद्घाटन समारोह" width="2560" height="1440" title="महापुरुष, संस्कृति और सभ्यता भारतवर्ष की असली पूंजी — मौसम बिसेन | Dainik Yashonnati" srcset="https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG_4530-scaled.jpeg 2560w, https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG_4530-300x169.jpeg 300w, https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG_4530-1024x576.jpeg 1024w, https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG_4530-768x432.jpeg 768w, https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG_4530-1536x864.jpeg 1536w, https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG_4530-2048x1152.jpeg 2048w, https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG_4530-390x220.jpeg 390w" sizes="auto, (max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /><figcaption id="caption-attachment-39039" class="wp-caption-text">बैगा संस्कृति और शिवाजी पार्क का लोकार्पण | भारतवर्ष की सांस्कृतिक पूंजी – मौसम बिसेन</figcaption></figure>
<h3 data-start="817" data-end="857"><span style="color: #003300;">बैगा संस्कृति प्रतिमा और शिवाजी पार्क लोकार्पण बालाघाट बना सांस्कृतिक पहचान</span></h3>
<p data-start="858" data-end="1073"><strong><a href="https://dainikyashonnati.com/gurus-will-be-honored-on-balaghat-gaurav-day-and-teachers-day/">नगर पालिका परिषद बालाघाट</a> द्वारा अंबेडकर चौक में बैगा संस्कृति से जुड़ी प्रतिमाओं की स्थापना कर शहर को सांस्कृतिक पहचान दी गई है। यह पहल आदिवासी सभ्यता और प्रकृति संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेगी।</strong></p>
<h3 data-start="1075" data-end="1114"><strong><span style="color: #003300;"> छत्रपति शिवाजी पार्क का लोकार्पण</span></strong></h3>
<p data-start="1115" data-end="1292"><strong>20 दिसंबर को छत्रपति शिवाजी पार्क एवं बैगा संस्कृति प्रतिमाओं का लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। यह पार्क न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देगा।</strong></p>
<h3 data-start="1294" data-end="1343"><strong><span style="color: #003300;">भूमकाल द्वारा सुमरणी पाठ, गूंजा सेवा-जौहार</span></strong></h3>
<p data-start="1344" data-end="1531"><strong>कार्यक्रम की शुरुआत <a href="https://dainikyashonnati.com/on-foundation-day-mrs-meena-bisen-hoisted-the-partys-flag-in-bjp-office/">भारतमाता</a>, <a href="https://dainikyashonnati.com/chief-minister-dr-mohan-yadav-should-celebrate-lord-birsa-munda-jayanti-grandly-as-tribal-pride-day/">भगवान बिरसा मुंडा</a> एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर के तैलचित्र पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद आदिवासी समाज के भूमकाल द्वारा सुमरणी पाठ और सेवा-जौहार का जयघोष किया गया।</strong></p>
<figure id="attachment_39038" aria-describedby="caption-attachment-39038" style="width: 1600px" class="wp-caption alignnone"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-full wp-image-39038" src="https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2025/12/42b63e80-d183-4435-a2dd-712fbdbbab41.jpeg" alt="बैगा संस्कृति प्रतिमा और छत्रपति शिवाजी पार्क का लोकार्पण करते मौसम बिसेन बालाघाट" width="1600" height="1066" title="महापुरुष, संस्कृति और सभ्यता भारतवर्ष की असली पूंजी — मौसम बिसेन | Dainik Yashonnati" srcset="https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2025/12/42b63e80-d183-4435-a2dd-712fbdbbab41.jpeg 1600w, https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2025/12/42b63e80-d183-4435-a2dd-712fbdbbab41-300x200.jpeg 300w, https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2025/12/42b63e80-d183-4435-a2dd-712fbdbbab41-1024x682.jpeg 1024w, https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2025/12/42b63e80-d183-4435-a2dd-712fbdbbab41-768x512.jpeg 768w, https://dainikyashonnati.com/wp-content/uploads/2025/12/42b63e80-d183-4435-a2dd-712fbdbbab41-1536x1023.jpeg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /><figcaption id="caption-attachment-39038" class="wp-caption-text">बैगा संस्कृति और शिवाजी पार्क का लोकार्पण | भारतवर्ष की सांस्कृतिक पूंजी – मौसम बिसेन</figcaption></figure>
<h3 data-start="1533" data-end="1595"><strong><span style="color: #003300;">अतीत की गौरवगाथा से मिलती है सामाजिक ऊर्जा — मौसम बिसेन</span></strong></h3>
<p data-start="1596" data-end="1838"><strong>आयोग सदस्य मौसम बिसेन ने कहा कि महापुरुषों का योगदान किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज के लिए है। नगर पालिका द्वारा प्रतिमाओं और पार्कों के माध्यम से अतीत की गौरवगाथा को जीवंत किया जा रहा है, जिससे समाज को ऊर्जा और दिशा मिलती है।</strong></p>
<h3 data-start="1840" data-end="1884"><strong><span style="color: #003300;"> प्रकृति से सामंजस्य में ही सुंदर जीवन</span></strong></h3>
<p data-start="1885" data-end="2096"><strong><a href="https://dainikyashonnati.com/action-on-illegal-construction-stuck-in-seoni-municipality/">नगर पालिका अध्यक्ष</a> भारती सुरजीतसिंह ठाकुर ने कहा कि-</strong></p>
<p data-start="1885" data-end="2096"><strong> बैगा जनजाति की संस्कृति हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने की सीख देती है। </strong></p>
<p data-start="1885" data-end="2096"><strong>यह प्रतिमाएं विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।</strong></p>
<h3 data-start="2098" data-end="2139"><strong><span style="color: #003300;">नगर सौंदर्यीकरण के रचनात्मक प्रयास</span></strong></h3>
<p data-start="2140" data-end="2331"><strong>नगर में उद्यानों के कायाकल्प, </strong></p>
<p data-start="2140" data-end="2331"><strong>हरियाली बढ़ाने और </strong></p>
<p data-start="2140" data-end="2331"><strong>सुव्यवस्थित पार्क निर्माण के लिए नगरपालिका द्वारा निरंतर रचनात्मक प्रयास किए जा रहे हैं।</strong></p>
<p data-start="2140" data-end="2331"><strong> छत्रपति शिवाजी पार्क इसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण कदम है।</strong></p>
<h3 data-start="2333" data-end="2359"><strong><span style="color: #003300;"> नपाध्यक्ष का सम्मान</span></strong></h3>
<p data-start="2360" data-end="2530"><strong>कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज एवं प्रगतिशील कुनबी समाज द्वारा नपाध्यक्ष का शाल-श्रीफल देकर सम्मान किया गया।</strong></p>
<p data-start="2360" data-end="2530"><strong> बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और नागरिक उपस्थित रहे।</strong></p>
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